भगवान राम के भव्य मंदिर के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. राम मंदिर के CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं.
चयन समिति ने उम्मीदवारों की योग्यता परखने के लिए 35 सवालों की एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की थी, जिसमें प्रशासनिक अनुभव से लेकर धार्मिक आस्था तक से जुड़े सवाल शामिल थे.
जानकारी के मुताबिक, इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और बड़े आयोजनों को संभालने के अनुभव को विशेष रूप से परखा गया. उम्मीदवारों से पूछा गया कि उन्होंने अब तक कितने बड़े कार्यक्रमों का संचालन किया है, उनमें कितने लोग शामिल हुए थे और उन आयोजनों में उनकी क्या भूमिका रही थी.
चयन समिति ने भीड़ प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी. उम्मीदवारों से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या उन्होंने अपने कार्यकाल में 1,000 से 5,000 या उससे अधिक कर्मचारियों का नेतृत्व किया है. दरअसल, राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रबंधन क्षमता को चयन का एक महत्वपूर्ण आधार माना गया है.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर CEO की रेस में अब रह जाएंगे बस 3 नाम, 16 उम्मीदवारों से हुआ वन टू वन इंटरव्यू
इंटरव्यू केवल प्रशासनिक अनुभव तक सीमित नहीं रहा. उम्मीदवारों से भगवान राम के प्रति उनकी आस्था, हिंदू धार्मिक परंपराओं की समझ और मंदिर प्रबंधन को लेकर उनकी सोच के बारे में भी सवाल पूछे गए. सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि वे जनेऊ धारण करते हैं या नहीं, चोटी रखते हैं या नहीं और उनका खान-पान कैसा है.
शराब के सेवन और धार्मिक जीवनशैली से जुड़े सवालों के साथ यह भी पूछा गया कि वे खुद को 'कट्टर हिंदू' मानते हैं या केवल धार्मिक आस्था रखने वाले व्यक्ति हैं. इसके अलावा, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन से जुड़े प्रश्न भी इंटरव्यू का हिस्सा रहे.
CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए कम से कम 20 वर्ष का अनुभव अनिवार्य रखा गया था. सभी इंटरव्यू अयोध्या के ग्रीन हाउस में बंद कमरे में आयोजित किए गए. उम्मीदवारों को मीडिया से बातचीत नहीं करने के निर्देश दिए गए थे. प्रत्येक इंटरव्यू लगभग 40 से 50 मिनट तक चला. इंटरव्यू से पहले सभी उम्मीदवारों को राम मंदिर परिसर का दौरा भी कराया गया.
यह भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर CEO: रेस में IAS-IPS और रिटायर्ड ब्रिगेडियर, जानिए चयन प्रक्रिया में क्या है खास
CEO के चयन की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय समिति को सौंपी गई है. इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं. समिति सभी उम्मीदवारों के अनुभव और इंटरव्यू के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार करेगी.
हालांकि, अंतिम निर्णय चयन समिति नहीं, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा. समिति द्वारा तैयार किए गए तीन नामों में से एक उम्मीदवार का अंतिम चयन ट्रस्ट करेगा. नियुक्ति शुरुआती तौर पर तीन वर्षों के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है.