तारिक रहमान (Tarique Rahman) बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उपाध्यक्ष हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं. तारिक का जन्म 20 नवंबर 1967 को हुआ. उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में राजनीति में सक्रिय हो गए. तारिक ने 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में अपनी मां की सरकार के दौरान विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक सुधारों में हिस्सा लिया. तारिक रहमान पर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. 2007 में एक सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में चिकित्सा कारणों से उन्हें जमानत मिल गई और वे लंदन चले गए.
तारिक रहमान 2008 से लंदन में रह रहे हैं. BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बताया कि पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की बहुत जल्द स्वदेश वापसी होगी.
बांग्लादेश के दौलदिया टर्मिनल पर बुधवार की शाम लगभग 5:15 बजे 'छेरा सोहार्द परिवहन' की एक यात्री बस पद्मा नदी में गिर गई, जिसमें अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं.
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ‘नरसंहार दिवस’ पर अपने संदेश में 1971 के इतिहास को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. उनके इस बयान से संकेत मिल रहे हैं कि बीएनपी सरकार पाकिस्तान को लेकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार के 'नरम रुख' से अलग नीति अपनाएगी.
बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 25 मार्च को 'नरसंहार दिवस' के अवसर पर देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने 1971 के शहीदों को अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की और उस रात हुई बर्बरता को याद किया.
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद सेना में बड़े फेरबदल किए गए हैं. भारत से रक्षा सलाहकार को वापस बुला लिया गया है और उन्हें प्रमोशन दिया गया है. इसके अलावा हफीजुर रहमान को मेजर जनरल नियुक्त किया गया.
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सुधार के संकेत देते हुए दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं, जो करीब दो महीने से बंद थीं. यह कदम बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद उठाया गया. भारत विरोधी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या और विरोध प्रदर्शनों के चलते दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे.
बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार का बड़ा फैसला, भारत के साथ वीजा सेवाएं बहाल. भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की दिशा में अहम कदम उठाते हुए दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं
भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में अब नरमी देखने को मिल रही है. शेख हसीना के शासनकाल के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट आ गई थी. लेकिन अब तारिक रहमान के सरकार में आने के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली और ढाका के बीच रिश्तों में सुधार हो सकता है. वीजा सेवाओं को बहाल करने को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है.
भारत जल्द बहाल करेगा बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं. बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हाल ही में तारीक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं
बांग्लादेश के आम चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने गठबंधन के जरिए 77 सीटें जीतकर अपनी ताकत बढ़ाई है. इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति के बेटे बिलाल एर्दोगन बांग्लादेश पहुंचे हैं जो तुर्की और जमात के बीच बढ़ते संबंधों का संकेत है.
बांग्लादेश में एक तरफ संविधान के रिफॉर्म का सवाल खड़ा है तो दूसरी तरफ यूएस से हुई ट्रेड डील की विसंगतियां. अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस ने जाते जाते तारिक रहमान को ऐसी उलझन में डाला है कि उनके लिए आगे बढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं. दोनों में शक्ति संतुलन का सवाल है. रिफॉर्म में आंतरिक शक्ति संतुलन रखना है, जबकि यूएस डील में बाहरी शक्ति संतुलन.
बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ी थीं.
बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.
जमात गठबंधन जुलाई चार्टर को दरकिनार किए जाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी देने के साथ-साथ बीएनपी प्रमुख पर जनादेश चोरी करने का आरोप भी लगा रहा है. जमात गठबंधन और एनसीपी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान ने चुनाव परिणामों में हेरफेर की.
Bangladesh चुनाव के बाद BNP chief Tarik Rahman को ‘Engineer’ क्यों कहा जा रहा है? Jamati alliance ने लगाए election engineering के आरोप, सोशल मीडिया पर मीम्स वायरल.
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार में एक हिंदू और एक बौद्ध जनप्रतिनिधि को मंत्री बनाया गया है. निताई रॉय चौधरी और दिपेन देवान की नियुक्ति ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को परिवार समेत भारत आने का न्यौता दिया है. तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में ढाका पहुंचे स्पीकर ओम बिरला ने बांग्लादेश के पीएम को नरेंद्र मोदी की चिट्ठी सौंपी.
बांग्लादेश में चुनाव के बाद नई सरकार का गठन हो गया है और बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. जुलाई विद्रोह के प्रमुख नेता हसनत अब्दुल्ला ने कुमिला-4 सीट से जीतकर सांसद के रूप में शपथ ली.
बांग्लादेश में जुलाई चार्टर को लेकर BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच विवाद छिड़ गया है. BNP ने संविधान सुधार परिषद की सदस्यता के लिए शपथ लेने से इनकार किया जिसके बाद जमात और NCP ने कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का ही बहिष्कार कर दिया.
बांग्लादेश की राजनीति में जो उथल-पुथल जुलाई-अगस्त 2024 में शुरू हुई, छात्रों का एंटी-कोटा आंदोलन, फिर वही आंदोलन सरकार बदलने की मुहिम में बदला, हिंसा हुई, शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और अचानक मोहम्मद यूनुस अंतरिम प्रशासन के मुखिया बनकर सामने आए, ये सब बहुत तेजी से हुआ.
बांग्लादेश में BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाज़ा में राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने इस अवसर पर तारिक रहमान को पद की शपथ दिलाई. इसके साथ ही BNP के वरिष्ठ नेता मिर्ज़ा फख़रुल आलमगीर समेत 13 कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेकर सरकार का हिस्सा बने. देखें वीडियो.