कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने सावरकर पर कहा कि कांग्रेस जो ब्रिटिशों के खिलाफ लड़ रही थी, उसकी मदद करने का काम उन्होंने ब्रिटिश सरकार को किया है. वे फासिस्ट प्रवृत्ति के थे और जर्मनी-इटली जैसे देश उनकी प्रेरणा क्षेत्र थे. ऐसे व्यक्ति को भारत रत्न पुरस्कार देना सही नहीं माना जा सकता.