शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray)) का गठन 2022 में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हुआ था. उसे चुनाव आयोग ने मुख्य शिवसेना से अलग एक नया चुनाव चिन्ह आवंटित किया था. यह दो अलग-अलग गुटों में से एक था, दूसरा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहब की शिव सेना थी, जो 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के परिणामस्वरूप गठित हुई, जब तक कि चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिव सेना की वैध संरचना के रूप में मान्यता नहीं दी. फरवरी 2023 में ईसीआई के फैसले के खिलाफ ठाकरे ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
आज का दंगल देश में नेताओं के दलबदल को लेकर चल रही बहस पर है. क्या नेताओं के दलबदल से लोकतंत्र मजबूत होता है. आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है. और अगर लोकतंत्र मजबूत होता है तो हमारे देश में दलबदल रोकने के लिए कानून क्यों है. क्योंकि जिस कानून को सियासी मौकापरस्ती को रोकने, सरकारों को स्थिर बनाये रखने, जनादेश का सम्मान करने और राजनीतिक नैतिकता और शुचिता कायम रखने के लिए बनाया गया था.
दिल्ली में उद्धव ठाकरे की पार्टी की संसदीय दल की बैठक शुरु हो गई है...अभी तक की खबर के मुताबिक संसदीय दल की बैठक में सिर्फ तीन सांसद पहुंचे...अनिल देसाई, अरविंद सावंत, राजा भाऊ वाजे पहुंचे हैं..तीनों लोकसभा के सांसद हैं...शिव सेना के लोकसभा में कुल 9 सांसद हैं. इनमें सिर्फ 3 लोकसभा सांसद बैठक में पहुंचे हैं. देखें...
शिवसेना (UBT) में बगावत की अटकलों के बीच छह बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई. गृह मंत्रालय के निर्देश पर महाराष्ट्र पुलिस को Y+ सुरक्षा देने को कहा गया.
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना में बगावत की खबर सामने आई है. दिल्ली में शिवसेना UPD के संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें 9 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद ही मौजूद थे. बैठक में अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे. इस बैठक में पार्टी में चल रहे मतभेदों और बगावत के संकेत साफ दिखाई दिए.
शिवसेना UBT ने बागी सांसदों को नोटिस भेजा.
शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत पार्टी के बागी सांसदों पर तीखे हमले कर रहे हैं. उन्होंने लगातार दूसरे दिन पार्टी के बागी सांसदों के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया. संजय राउत सुप्रीम कोर्ट पर भी बरसे. उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट कुछ कर रहे होते तो ऐसी नौबत नहीं आती.
शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने कथित तौर पर स्पीकर को प्रस्ताव देकर शिंदे गुट में शामिल होने की इच्छा जताई है. मुलाकातों और बैठकों का दौर जारी है.
शिवसेना (UBT) में संभावित बगावत की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने सांसदों की इमरजेंसी बैठक बुलाई है. छह सांसदों के समर्थन का दावा चर्चा में है.
एक बार फिर दल-बदल और बगावत की चर्चाएं तेज हो गई हैं. एक तरफ शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के बागी होने की अटकलें हैं, तो दूसरी तरफ यूपी के मंत्री ओपी राजभर और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी में टूट का दावा कर रहे हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) को लेकर नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है. पार्टी के कुछ सांसदों के अलग रुख अपनाने की खबरों के बीच संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बागी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए और खुली चुनौती भी दी. इस घटनाक्रम ने उद्धव ठाकरे गुट की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और आने वाले राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेल है. वहां कथित ऑपरेशन टाइगर के बाद शिवसेना उद्धव गुट के सांसदों में टूट की खबरें आ रही हैं. आजतक को मिली EXCLUSIVE जानकारी के मुताबिक पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पहले ही पत्र सौंप दिया है. उस चिट्ठी की डिटेल्स और उसमें क्या लिखा है, इसकी जानकारी अभी नहीं है.
आज का दंगल देश की सियासत में चल रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस को लेकर है जिससे दिल्ली तक का तापमान ऊपर नीचे हो रहा है. पुणे से लेकर नागपुर तक और नागपुर से लेकर नांदेड तक ऐसा कम दबाव का क्षेत्र बना कि तीन-तीन विमान को दिल्ली में लैंडिंग करनी पड़ी है. अब अचानक मौसम बिगड़ने से उद्धव ठाकरे की पार्टी परेशान है.
ममता बनर्जी की टीएमसी के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में टूट पक्की हो गई है. उद्धव की पार्टी के 6 लोकसभा सांसदों ने अपनी सियासी राह अलग चुन ली है और उन्होंने लोकसभा स्पीकर को भी पत्र सौंप दिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. पार्टी के कई सांसदों के अलग रुख अपनाने की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. लोकसभा में अलग समूह की मांग के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को नई चुनौती मिलती दिख रही है. इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है.
उद्धव ठाकरे तमाम कोशिशों के बावजूद अपनी पार्टी में बगावत नहीं रोक पा रहे हैं. अब पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि उन्हें लोकसभा में अलग मान्यता दी जाए.
शिवसेना उद्धव गुट के सांसदों में टूट की खबरें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव गुट के बागी सांसद लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी सौंप सकते हैं. दावा किया जा रहा है कि UBT के 6 सांसद बागी हैं. इस बीच संजय राउत ने बागी सांसदों को लेकर चेतावनी दी है. देखें Video.
शिवसेना UBT के 6 सांसदों के अलग होने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने संजय राउत को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है. जाधव का दावा है कि कांग्रेस में क्षेत्रीय दलों के विलय वाले राउत के बयान से सांसद नाराज थे.
बागी सांसदों को लेकर क्या बोले संजय राउत ?
संजय राउत ने बागी UBT सांसदों को धमकी दी.
शिवसेना (UBT) नेता ने साफ किया कि उनकी पार्टी के कुछ सांसद मुंबई में थे तो कुछ दिल्ली में हैं. उन्होंने कहा कि 'धनुष-बाण का निशान' शिवसेना का था, उद्धव ठाकरे का था. हम उस निशान के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे. किसी ने दगा की तो हम छोड़ेंगे नहीं.
शिवसेना यूबीटी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच संजय राउत ने सख्त रुख अपनाते हुए नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि पार्टी लाइन से हटने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है. इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.