शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray)) का गठन 2022 में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हुआ था. उसे चुनाव आयोग ने मुख्य शिवसेना से अलग एक नया चुनाव चिन्ह आवंटित किया था. यह दो अलग-अलग गुटों में से एक था, दूसरा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहब की शिव सेना थी, जो 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के परिणामस्वरूप गठित हुई, जब तक कि चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिव सेना की वैध संरचना के रूप में मान्यता नहीं दी. फरवरी 2023 में ईसीआई के फैसले के खिलाफ ठाकरे ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए. तीनों नेता कार्टूनिस्टों पर आधारित किताब के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए विशेष गैलरी बनाने की पहल का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के मंच पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के नेता साथ आ सकते हैं.
शिवसेना UBT के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हिंदी भाषी चेहरा आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने चुनाव आयोग और SIR पर पार्टी के रुख से असहमति जताई. इस्तीफे के बाद वह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए.
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने और चुनाव आयोग के फैसले लेने के तरीके को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. देश के विभिन्न हिस्सों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं.
महाराष्ट्र के ठाणे में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहाँ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के स्थानीय नेता प्रदीप पूर्णेकर की मंगलवार रात करीब 9:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह वारदात ठाणे के मनोरमा नगर इलाके में उनके कार्यालय के पास हुई, जहाँ बाइक और स्कूटी पर आए नकाबपोश हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है, जिसके चलते कई दुकानें और स्कूल एहतियातन बंद कर दिए गए हैं. देखें...
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सभी दलों को एकजुट होकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की अपील की. उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम गठबंधन के बैनर तले होने चाहिए.
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 4 अक्टूबर को SIR के खिलाफ विरोध मार्च का ऐलान किया है. दोनों ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने और मतदाताओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है.
नासिक के निफाड़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन हुआ. UBT शिवसेना के युवा नेता विक्रम रंधावे ने नगर पंचायत के चीफ ऑफिसर के ऑफिस में कुत्ता छोड़कर विरोध जताया. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. नोटों की माला पहनाकर तंज कसा.
महाराष्ट्र में शिवसेना के दो गुटों के बीच विवाद सुप्रीम कोर्ट में तेज हो गया है. उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है और दलबदल विरोधी कानून, पार्टी संविधान की अवहेलना का आरोप लगाया है. सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मूल पार्टी संविधान को आधार बनाने की मांग की.
चीफ जस्टिस की पीठ ने मामले में पांचवें दिन भी सुनवाई की. उद्धव गुट की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि निर्वाचन आयोग ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को सौंपते समय तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और अपने अधिकार क्षेत्र से आगे जाकर फैसला किया.
शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी के संगठन को लेकर सवाल पूछे. कपिल सिब्बल ने कहा कि शिवसेना एक राजनीतिक पार्टी है, जिसके अलग-अलग काम के लिए कई निकाय हैं.
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी देने के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद से जुड़ी सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उद्धव ठाकरे गुट की ओर से विस्तार से दलीलें पेश कीं. सिब्बल ने अदालत के समक्ष एक लिस्ट सौंपी और बताया कि शिवसेना को चुनाव आयोग ने विधिवत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी थी.
दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के बाद शिवसेना उद्धव गुट ने मुंबई के शिवाजी पार्क में तिरंगा रैली की. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद और सभी मांगें माने जाने के बाद ये रैली हुई है. इस रैली में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, रोहित पवार और आदित्य ठाकरे भी शामिल हुए.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंबई के शिवाजी पार्क में 'तिरंगा विजय रैली' निकाली गई. उद्धव ठाकरे ने इसे युवाओं की जीत बताते हुए कहा कि 'देशभक्तों ने अंधभक्तों को हराया', वहीं राज ठाकरे ने Gen-Z की ताकत की तारीफ की.
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने नीट पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है. आदित्य ने ऐसे छात्रों की कानूनी मदद के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की.
20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र की तस्वीर एकदम अलग होगी. इस सत्र में सयोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ नहीं दिखेंगे, इसके साथ ही शिवसेना UBT के 6 सांसद भी अब शिंदे सेना के साथ दिखेंगे. इस सत्र में संसद के भीतर सिर्फ सीटिंग अरेंजमेंट ही नहीं बदल रहा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक संतुलन का नया अध्याय भी शुरू होता नजर आ रहा है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (यूबीटी) के चार बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को आधिकारिक मान्यता दे दी है. स्पीकर की अधिसूचना के साथ ही संसद में इन सांसदों की राजनीतिक पहचान बदल गई है.
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया है कि केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के बाद देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली में जिम्मेदारी मिल सकती है. हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. राउत ने 18 जुलाई से शुरू होने वाले 'राम रक्षा आंदोलन' का भी जिक्र किया.
नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की प्रखर विरोधी शिवसेना UBT ने परिसीमन बिल पर सरकार को शर्तों के साथ समर्थन करने की घोषणा कर राजनीतिक जगत को चौंका दिया है. शिवसेना UBT के पास लोकसभा में 9 सांसद थे, लेकिन पार्टी में ताजा बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ मात्र 3 सांसद रह गए हैं.
शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है. उद्धव ठाकरे की पार्टी ने बगावत कर शिंदे गुट में शामिल हुए छह लोकसभा सांसदों को कानूनी नोटिस भेजा है. पार्टी का कहना है कि मूल राजनीतिक दल के विलय के बिना संसदीय दल का विलय कानूनन मान्य नहीं है. वहीं, एकनाथ शिंदे ने नोटिस को खारिज करते हुए कहा कि सांसदों ने इसे कूड़ेदान में फेंक दिया.
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने शिंदे गुट में शामिल हुए छह लोकसभा सांसदों को कानूनी नोटिस भेजा है. पार्टी का कहना है कि मूल राजनीतिक दल के विलय के बिना संसदीय दल का विलय मान्य नहीं है. वहीं, एकनाथ शिंदे ने नोटिस को बेअसर बताते हुए कहा कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और मामला अब लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष है.