उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की एकमात्र लापता कॉर्पोरेटर सरिता म्हास्के 24 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पार्टी में वापस लौट आई हैं. उनके अचानक गायब होने और संपर्क न हो पाने की वजह से यह अफवाहें तेज हो गई थीं कि वे एकनाथ शिंदे गुट के विधायक दिलीप लांडे के साथ मिलकर दल-बदल कर सकती हैं.
इस संकट के बीच उद्धव ठाकरे के करीबी एमएलसी मिलिंद नार्वेकर ने आधी रात को एक सफल 'रेस्क्यू ऑपरेशन' चलाया.
कथित तौर पर दिलीप लांडे ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ अपने पुराने निजी संबंधों का इस्तेमाल करके उनकी वापसी को आसान बनाया.
हालांकि, उनकी लोकेशन के बारे में अभी भी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कॉर्पोरेटर को उनके पति के साथ रात भर सुरक्षा के लिए नार्वेकर के घर पर सुरक्षित रखा गया है. आज सुबह मातोश्री में उद्धव ठाकरे के साथ दोनों की एक ज़रूरी मीटिंग होनी है, जिसके बाद म्हस्के बेलापुर के कोंकण भवन में ठाकरे ग्रुप में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के साथ अपनी सदस्यता को औपचारिक रूप देंगी.
'मैं उद्धव ठाकरे के साथ हमेशा...'
इंडिया टुडे से खास बातचीत में सरिता म्हस्के ने दल-बदल की अफवाहों को 'गलतफहमी' करार दिया है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनका कभी भी पार्टी छोड़ने का इरादा नहीं था. उन्होंने अपनी वफादारी दोहराते हुए कहा, "मैं उद्धव ठाकरे के साथ थी, हूं और हमेशा रहूंगी."