डॉ संजय निषाद (Sanjay Nishad) उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने वर्ष 2016 में निषाद पार्टी (निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल) की स्थापना की. इस राजनीतिक दल का उद्देश्य निषाद समुदाय सहित विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठाना था. पार्टी बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की.
वर्ष 2021 में संजय निषाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए. इसके बाद 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया. उन्होंने 25 मार्च 2022 को मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद से वह राज्य सरकार में मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं.
संजय निषाद का नाम समय-समय पर कुछ विवादों में भी सामने आया. दिसंबर 2025 में भी उनका एक बयान चर्चा में रहा, यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक वीडियो विवाद के संदर्भ में दिया गया था.
उनका जन्म 7 जून 1965 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौमुखा गांव में निषाद समुदाय के एक परिवार में हुआ था. शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी का कोर्स किया. इसके बाद उन्होंने इस चिकित्सा पद्धति को मान्यता दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए. वर्ष 2002 में उन्होंने पूर्वांचल मेडिकल इलेक्ट्रो होम्योपैथी एसोसिएशन की स्थापना की और इसके अध्यक्ष बने. राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने गोरखपुर के गीता वाटिका रोड स्थित अपने क्लिनिक में करीब एक दशक तक चिकित्सा से जुड़ा कार्य किया.
निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने विपक्ष पर फूलन देवी की हत्या की सुपारी देने और उनकी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है. उन्होंने मछुआरा समाज को चुनावी बरसाती नेताओं और भेष बदलकर आने वाले नेताओं से सावधान रहने की चेतावनी दी.
क्या यूपी के चुनावी मौसम में सबके समीकरण बदलेंगे ? क्या जातियों के आधार पर गठबंधनों का मिजाज बदलेगा ? क्या पार्टियों के भीतर भी पत्ते फेंटे जाने शुरू हो गए हैं ? उत्तर प्रदेश में हर नेता, हर दल के एक-एक कदम से सियासी मायने दिखने लगे हैं. निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद की समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडेय से कल मुलाकात हुई और आज कहा- बीजेपी दरवाजे बंद करेगी तो सोचना पड़ेगा. हालांकि माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात से पहले संजय निषाद की सोशल मीडिया पोस्ट में लाल टोपी, नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने का आरोप भी लगाया गया था. देखें...
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा नेता माता प्रसाद पांडे से मुलाकात को लेकर सफाई दी है. उन्होंने बताया कि वो शिष्टाचार के नाते उनकी तबीयत पूछने गए थे. हालांकि इस मुलाकात के बाद निषाद पार्टी और सपा के गठबंधन की अटकलें सामने आ रही थीं. इसे लेकर संजय निषाद ने कहा कि अगर बीजेपी अपने दरवाजे बंद करती है, तो वो इस बारे में सोच सकते हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की.
उत्तर प्रदेश में गोंडा, अयोध्या और प्रतापगढ़ में हुई तीन हत्याओं ने 'ओबीसी बनाम सवर्ण' की सियासत को हवा दी जा रही है. पीड़ित परिवारों के समर्थन में उतरे विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे आगामी 2027 के चुनाव से पहले राज्य का सियासी तापमान और पार्टी की टेंशन बढ़ गई है.
उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के बाद 45 वर्षीय बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की नृशंस हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेताओं ने लखनऊ में एक साथ धरना देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
मायावती द्वारा भतीजे आकाश आनंद को पदों से हटाए जाने के बाद यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस बीच कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आकाश आनंद को निषाद पार्टी में शामिल होने का खुला ऑफर देते हुए पूरे मान-सम्मान का भरोसा दिया है.
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि वे आरक्षण के पक्षधर हैं और इस मुद्दे पर वे संजय निषाद के साथ हैं. अगर संजय निषाद आरक्षण की मांग को लेकर धरना देंगे तो वे भी उनका साथ देंगे.
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से तत्काल वार्ता करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि समाज की आवाज को सुनते हुए इस आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए.
यूपी सरकार में मंत्री और एनडीए के घटक दल निषाद पार्टी ने अब आरक्षण की मांग शुरू कर दी है. निषाद पार्टी के नेता और यूपी के मंत्री संजय निषाद ने सरकार को चेतावनी दी कि आरक्षण की मांग पूरी करने में कहीं देर न हो जाए. वो तो यहां तक कह रहे हैं कि आरक्षण के लिए अगर उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़े तो वो उसके लिए भी तैयार हैं. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी यूपी की सभी 403 सीटों पर सीक्रेट सर्वे करा रही है, सर्वे सिर्फ अपनी ही सीटों पर ही नहीं बल्कि सहयोगी दलों की सीटों पर रिपोर्ट तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि कई पुराने चेहरों को पत्ता कट सकता है.
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर लखनऊ में बुधवार को पंचायत आजतक का मंच सजा. इस खास कार्यक्रम के 'हम छोटे हैं तो क्या हुआ' सेशन में राज्य सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भी शिरकत की. इस दौरान संजय निषाद ने चुनावी तैयारी से लेकर परिवारवाद के आरोपों तक, हर सवाल के जवाब दिए. देखें पूरा Video.
संजय निषाद ने यूपी चुनाव से पहले गठबंधन के विकल्पों को लेकर सवाल पर भी बेबाक जवाब दिया. उन्होंने कहा है कि राजनीति नए अवसर खोजती है.
उत्तर प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई के सरकारी दावों के बीच खुद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद विद्युत कटौती से परेशान हो गए हैं. जौनपुर में उनके कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने का मामला अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों और एनडीए गठबंधन के घटक दलों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान उन्होंने साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा की.
समाजवादी पार्टी के पूर्व MLC उदयवीर सिंह ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी और निषाद पार्टी के बीच चल रही खींचतान को लेकर बड़े दावे किए हैं. उनके मुताबिक, राजभर के विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं.
उत्तर प्रदेश में चुनावी तपिश के साथ ही सियासत गर्मा गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ एनडीए के ओबीसी नेताओं की तिकड़ी फ्रंटफुट पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है. अखिलेश यादव को दलित-पिछड़ा विरोधी कठघरे में खड़े करने की कोशिश तेज हो गई है?
गाजीपुर में होटल व्यापारी विनीत राय हत्याकांड में एक लाख के इनामी कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने ही कई सवाल खड़े किए हैं. मंत्री संजय निषाद का कहना है कि आरोपी का परिवार भी इस देश का नागरिक है. जिसका पति खोया हो और वह कह रही हो कि उसके सामने पति को पकड़ कर ले गए पिटाई की गई और एनकाउंटर कर दिया है.
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने गाजीपुर एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर मनमानी और अन्य कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि कमलेश बिंद कोई दुर्दांत अपराधी नहीं था.
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने गाजीपुर में हुए एनकाउंटर को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मनमानी की है और कमलेश निषाद कोई दुर्दांत अपराधी नहीं था. संजय निषाद ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और न्याय की मांग की है. इस मामले ने उहां के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है.
यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने गाजीपुर एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. संजय निषाद ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कमलेश बिंद कोई दुर्दांत अपराधी नहीं था. संजय निषाद ने कहा कि हमारा वोट खराब करने की साजिश हो रही है. जो मारा गया वो मुख्य आरोपी नहीं था, पुलिस ने उसे मार डाला. देखें वीडियो.