iran war अमेरिका–ईरान युद्ध अपने 20वें दिन पूरे होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में हमले तेज हो गए हैं. हालांकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह “कहीं भी सेना तैनात करने” पर विचार नहीं कर रहे हैं. वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि वो यह जंग जीत रहे हैं और ईरान युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया है. नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमला किया है जिससे उसे नुकसान पहुंचा है. जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेज रहा है. इस जंग से जुड़ी हर ताजा अपडेट यहां पढ़ें:
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सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के पूर्वी प्रांत में दो ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है. सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन ड्रोन्स को निशाना बनाया और आसमान में ही ढेर कर दिया. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि देश की सीमाओं और तेल क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए उनकी सेना हर वक्त पूरी तरह मुस्तैद है.
ईरान के ताबड़तोड़ हमलों के बाद नाटो ने इराक से अपना सुरक्षा सलाहकार मिशन वापस बुला लिया है. उत्तरी इराक में ब्रिटिश, फ्रांसीसी और इतालवी ठिकानों पर हुए हमलों के बाद सैकड़ों कर्मियों को यूरोप भेज दिया गया है. नाटो कमांडर जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने पुष्टि की कि आखिरी सैनिक तिम सैनिक शुक्रवार को रवाना हो गए. 2018 में शुरू हुआ यह मिशन अब इराक के बजाय इटली के नेपल्स से चलाया जाएगा.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की जा रही है. युद्ध की गंभीरता को देखते हुए यूएसएस बॉक्सर और मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को निर्धारित समय से तीन हफ्ते पहले ही अमेरिकी तट से रवाना कर दिया गया है. अमेरिका की यह घेराबंदी ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग को देखते हुए की गई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ न देने पर नाटो सहयोगियों की तीखी आलोचना की है. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उन्हें कायर करार दिया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब ईरान को रोकने की बारी थी तब सब पीछे हट गए और अब तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, जबकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने में कोई मदद नहीं कर रहा.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच समुद्र में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. पिछले 24 घंटों से कच्चे तेल के जहाजों की आवाजाही पूरी तरह थमी हुई थी, लेकिन अब भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते निकलने की तैयारी में हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, ये दोनों जहाज फिलहाल खाड़ी के पानी में एक जगह स्थिर खड़े हैं और सही समय का इंतजार कर रहे हैं. आने वाले कुछ दिनों में ये टैंकर इस बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते को पार करेंगे.
ईरान के सैन्य प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने साफ कहा है कि अब दुनिया का कोई भी कोना उनके दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं है. उनके मुताबिक, अब पार्क, पिकनिक स्पॉट और पर्यटन स्थल भी निशाने पर हो सकते हैं. ईरान का दावा है कि उनकी खुफिया जानकारी के आधार पर अब कहीं भी दुश्मन सुरक्षित नहीं रहेंगे.
दुनिया पर इतिहास के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स के हवाले से आईईए (IEA) प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई दोबारा पटरी पर लौटने में कम से कम 6 महीने का वक्त लग सकता है. सप्लाई रुकने से ग्लोबल मार्केट में बड़ी किल्लत हो सकती है.
ईरान के साथ जारी जंग के बीच स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियारों का निर्यात रोक दिया है. स्विस सरकार ने अपनी तटस्थता की नीति का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, युद्ध में शामिल देशों को संघर्ष के दौरान युद्ध सामग्री नहीं भेजी जा सकती.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि इजरायली हमलों के बावजूद उनका मिसाइल निर्माण जारी है. आईआरजीसी प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी ने बेंजामिन नेतन्याहू के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें ईरानी सैन्य क्षमता कमजोर होने की बात कही गई थी. नैनी ने जोर देकर कहा कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक दुश्मन पूरी तरह घुटने न टेक दे.
सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक दुखद खबर सामने आई है. 18 मार्च को हुई कुछ घटनाओं के कारण वहां एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है. भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि वे मृतक के परिवार और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं. दूतावास ने पीड़ित परिवार को हर संभव कानूनी और मानवीय सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया है.
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने आगाह किया है कि ईरान पर जारी इजरायल-अमेरिकी हमले के कारण वैश्विक तेल बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा पैदा हो गई है. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों का आवागमन ठप होने से संकट गहरा गया है. इसके समाधान के लिए IEA ने सरकारों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और हाईवे पर गति सीमा 10 किमी/घंटा कम करने की अपील की है ताकि तेल की मांग पर काबू पाया जा सके.
ईरान ने जानकारी दी है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जनरल और प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है. मौत से पहले जनरल नैनी ने बयान जारी कर कहा था कि इजरायल और अमेरिका के हमलों के बावजूद तेहरान मिसाइल बनाने में सक्षम है.
अस-सुवैदा इलाके में द्रूज समुदाय पर हुए हमलों के जवाब में इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी सीरिया में सीरियाई शासन के सैन्य ढांचे पर कार्रवाई की है. आईडीएफ ने रात के दौरान दक्षिणी सीरिया में स्थित सीरियाई सैन्य ठिकानों में एक कमांड सेंटर और लड़ाकू उपकरणों को निशाना बनाया. यह कार्रवाई कल अस-सुवैदा क्षेत्र में द्रूज नागरिकों पर हुए हमलों के जवाब में की गई.
कुवैत ने जानकारी दी है कि मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर रात में ड्रोन हमला हुआ, जिससे कुछ यूनिट्स में आग लग गई. KPC के अनुसार, दमकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई की और सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यूनिट्स को बंद कर दिया गया.
व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर हमले का उल्लेख किया, जिस पर प्रधानमंत्री ताकाइची कुछ असहज दिखाई दीं.
ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हालिया हमलों से पहले किसी को जानकारी नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका सरप्राइज देना चाहता था. उन्होंने आगे कहा कि सरप्राइज के महत्व को जापान से बेहतर कौन समझ सकता है, जैसे कि पर्ल हार्बर हमले से पहले भी कोई सूचना नहीं दी गई थी.
अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही जंग जारी है, लेकिन अभी तक जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने मोजतबा खामेनेई का एक रेयर वीडियो जारी किया है.
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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह दावा खारिज किया है कि उन्होंने अमेरिका को इजरायल-ईरान संघर्ष में शामिल किया है. नेतन्याहू ने कहा, “क्या सच में कोई सोचता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है?”
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका का रक्षा विभाग (पेंटागन) अतिरिक्त फंडिंग की बड़ी मांग लेकर सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, पेंटागन ने इस युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि की मांग की है. यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेजा गया है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला अमेरिकी कांग्रेस को लेना होगा, क्योंकि नए फंड को मंजूरी देना उसी के अधिकार क्षेत्र में आता है. इतनी बड़ी राशि की मांग पर कांग्रेस में सवाल उठना तय माना जा रहा है.
ईरान युद्ध के बीच कतर ने कहा है कि रास लाफान एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) संयंत्र पर ईरानी मिसाइल हमले से हुए नुकसान की मरम्मत करने में करीब 5 साल तक का समय लग सकता है. कतर एनर्जी ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि इस हमले से दुनिया के सबसे अहम गैस निर्यात केंद्रों में से एक की गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं. कंपनी के मुताबिक, हमले के बाद एलएनजी निर्यात में करीब 17% की गिरावट आई है. इसकी वजह से कतर को हर साल लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पांच लोगों को मौत की सजा देने पर ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज, ताज़ा हिंसक कार्रवाई में, इस क्रूर शासन ने ईरान के पांच और बेटों की जान ले ली. सालेह मोहम्मदी, सईद दावूदी, मेहदी गासेमी, दानियाल केरामती और मोहसिन अज़ीमनिया अब उन ईरानी नायकों की लंबी सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.'
कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने कहा कि क़तर ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया है कि खाड़ी देश में गैस सुविधाओं पर किए गए हमले अमेरिकी हितों या ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे. उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश, ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि ये हमले क़तर और क्षेत्र के अन्य देशों में अमेरिकी हितों या ठिकानों को निशाना बनाते हैं. इन दावों को हम पूरी तरह खारिज करते हैं और इन्हें किसी भी आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.”
कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमलों से देश की 17% एलएनजी क्षमता प्रभावित हुई है. इससे सालाना $20 बिलियन के राजस्व का नुकसान होगा और मरम्मत में 5 साल तक का समय लगेगा. कतर अब कई देशों को होने वाली आपूर्ति पर 'फोर्स मेज्योर' घोषित करेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में संकट पैदा हो सकता है.
यूरोपीय परिषद ने ईरान और क्षेत्रीय संघर्ष पर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है. ईयू नेताओं के शिखर सम्मेलन के बाद जारी इस बयान में ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों पर किए गए अंधाधुंध सैन्य हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है. यूरोपीय परिषद ने प्रभावित देशों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए ऊर्जा और जल सुविधाओं जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया है.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़े सुरक्षा अभियान के तहत एक 'आतंकवादी नेटवर्क' को ध्वस्त करने का दावा किया है. यूएई के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क को लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह और ईरान द्वारा वित्तपोषित (Funded) और निर्देशित किया जा रहा था.