भारतीय संसद के उपरी सदन, राज्यसभा (Rajya Sabha) के सदस्य संसद में भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. राज्यसभा सांसदों का चुनाव राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा दिए गए मतों से किया जाता है (Rajya Sabha Election Process). कुल 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में 233 सदस्य चुनाव के जरिए चुने जाते हैं. राज्यसभा चुनाव छह साल के तय चक्र के तहत होते हैं.
राज्यसभा के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा में सदस्यों से कम है और निचले सदन (लोकसभा) की तुलना में इसका अधिकार क्षेत्र भी कम है. लोकसभा के उलट राज्यसभा एक स्थायी निकाय है, यानी यह कभी भंग नहीं किया जा सकता है (Rajya Sabha Permanent Body). प्रत्येक दूसरे वर्ष, इसके एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं और तीसरे वर्ष की शुरुआत में नए चुनाव और राष्ट्रपति के नामांकन द्वारा रिक्त पदों को भरा जाता है (Rajya Sabha Election Date). राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है (Rajya Sabha Member Tenure).
हालांकि, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार वर्तमान में सदस्यों की संख्या 245 है, जिसे अधिनियम में संशोधन करके 250 तक बढ़ाया जा सकता है, जिनमें से 233 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हैं और 12 राष्ट्रपति द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक सेवाएं में उनके योगदान के लिए मनोनीत किए जाते हैं (Rajya Sabha Members Nominated by President).
राज्यसभा का चुनाव लड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है. इसके अलावा उसकी उम्र 30 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए (Rajya Sabha Election Qualification)
पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को राज्यसभा की तीन खाली सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है. तीन पूर्व टीएमसी सांसदों ने इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है और अब वही नेता बीजेपी से उम्मीदवार बनाए गए हैं. खास बात ये है कि इन्हीं तीन नेताओं के इस्तीफे की वजह से ये राज्यसभा सीटें खाली हुई थीं, जिनपर अब उपचुनाव कराया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 24 जुलाई को चुनाव है. विधायकों की संख्या के आधार पर तीनों ही सीटें बीजेपी आसानी से जीत लेगी, जो ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका होगा. इन तीनों राज्यसभा सीटें जीतने के साथ ही उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत के करीब एनडीए पहुंच जाएगा?
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में एक जेएमएम और एक सीट बीजेपी समर्थित निर्दलीय परिमल नथवानी जीतने में सफल रहे और कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है. इसके साथ सवाल खड़े हो गए कि इंडिया गठबंधन का नंबर गेम मजबूत होने के बावजूद सियासी केमिस्ट्री क्यों नहीं दिखी.
झारखंड और मिजोरम के राज्यसभा चुनावों के बाद एनडीए की उच्च सदन में ताकत बढ़कर 150 सीटों तक पहुंच गई है. झारखंड में क्रॉस वोटिंग से एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की जीत हुई, जबकि मिजोरम में ZPM ने पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व हासिल किया. इन नतीजों से राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लक्ष्य की ओर एनडीए एक कदम और करीब पहुंच गया है.
राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने 28 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले. मुकाबला एनडीए और कांग्रेस के बीच ही था.
झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की बात सामने आ रही है...जिसके बाद NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुने गए. उन्होंने कांग्रेस के प्रणव झा को हराया. नथवानी को 28 वोट मिले, जिसके बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया. देखें...
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके लिए आज मतदान है. वोटिंग से पहले जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन ने दोनों राज्यसभा सीट के जीत का दावा किया है तो बीजेपी के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को जीत का किसका सहारा है?
राज्यसभा चुनाव के लिए इंडिया और एनडीए के बीच अपना कुनबा बचाना सबसे बड़ी चुनौती है. सोमवार को सीएम आवास पर कांग्रेस प्रभारी के राजू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद साफ कर दिया था कि गठबंधन की सरकार को समर्थन दे रहे सभी 56 विधायकों को 16 और 17 जून को सीएम हाउस में हाजिरी लगानी होगी.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार को मतदान है. जेएमएम और कांग्रेस से एक-एक उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं तो बीजेपी ने खुद चुनाव मैदान में उतरने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी पर दांव खेला है. इसके चलते झारखंड में क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा है.
18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीति तेज है. NDA दलों ने अपने सभी विधायकों को खरीद फरोख्त से बचाने के लिए होटल में भेजने का फैसला किया है. विधायकों के लिए रांची के होटल रेडिसन ब्लू में 32 कमरे बुक किए गए हैं.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस को जीत सुनिश्चित करने के लिए 12 वोट की जरूरत है. पार्टी के पास अपने 16 विधायक ही हैं. ऐसे में ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने नंबर जुटाने की कोशिशें तेज कर दी हैं.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस राज्यसभा का चुनाव हार गई. क्योंकि वहां उनके इकलौते उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन ही रद्द कर दिया गया. कांग्रेस का कहना है कि रिटर्निंग अफसर चूंकि संघ के बैकग्राउंड का था इसलिए उसने नामांकन रद्द कर दिया. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से भी शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. कांग्रेस आधी रात को सुप्रीम कोर्ट गई लेकिन फौरन सुनवाई नहीं हो सकी...एमपी में चुनाव हो गया, 3 सांसद बीजेपी के बन गए. देखें दंगल.
सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द करने वाली याचिका खारिज कर दी. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने हर जगह RSS के लोग बैठाए हैं. खड़गे ने कहा कि कानून का पालन नहीं हो रहा, हर जगह मनमानी हो रही है. देखें वीडियो.
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली. नामांकन रद्द करने के खिलाफ उनकी याचिका खारिज हो गई. फैसले के बाद कांग्रेस नेता ने इसे सीट चोरी करार देते हुए कहा कि पार्टी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी.
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने नामांकन रद्द करने वाली याचिका खारिज कर दी. इस पर मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि पार्टी के लोगों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे. उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. देखें वीडियो.
चुनाव आयोग ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नॉमिनेशन खारिज कर दिया था. ऐसा कहा गया कि मीनाक्षी नटराजन ने जानकारी छिपाई है. इसे लेकर मीनाक्षी नटराजन का भी बयान आया है.
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए सत्ता परिवर्तन ने पूरे देश का राजनीतिक समीकरण बदल दिया है. पश्चिम बंगाल की जीत के बाद तो बीजेपी के हौसले आसमान छू रहे हैं. खबर है कि केंद्र की बीजेपी सरकार मॉनसून सत्र में फिर से महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन बिल लाने का प्लान कर रही है.
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. सवाल यह है कि क्या किसी उम्मीदवार को ऐसी शिकायत या नोटिस का भी खुलासा करना जरूरी है, जिसमें न तो FIR दर्ज हुई हो और न ही कोर्ट ने आरोप तय किए हों.
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है. इसको लेकर अब कानूनी विशेषज्ञ का कहना है कि अब किसी भी चुनौती का रास्ता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खुलेगा.
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीति चल रही है. जिसमें कांगरे पार्टी, जो अब तक वोट चोरी का आरोप लगाती रही है, उसने आरोप लगाया है कि इस बार उनकी राज्यसभा सीट चोरी हो गई है. मामला ये है कि एमपी में राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव है. बीजेपी के पास 2 सीट के लिए जरूरी विधायक हैं, तीसरी सीट के लिए 10 विधायकों की कमी थी. देखें दंगल.
झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को रिटर्निंग ऑफिसर ने वैध करार दिया है. कांग्रेस और झामुमो ने नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति जताई थी. अब 18 जून को होने वाले चुनाव में परिमल नाथवानी, झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा के साथ राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबले में उतरेंगे.