नॉर्वे
नॉर्वे (Norway), यूरोप का एक नॉर्डिक देश है (European Country), जो स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप के पश्चिमी और उत्तरी भाग में स्थित है. जन मायेन का सुदूर आर्कटिक द्वीप और स्वालबार्ड का द्वीपसमूह भी नॉर्वे का हिस्सा हैं. द्वीप और क्वीन मौड लैंड के अंटार्कटिक क्षेत्रों से लगता है. नॉर्वे की राजधानी ओस्लो है नॉर्वे का सबसे बड़ा शहर भी है (Norway Capital).
नॉर्वे का कुल क्षेत्रफल 385,207 वर्ग किलोमीटर है (Norway Area) और जनवरी 2022 तक इसकी जनसंख्या 5,425,270 है (Norway Population). देश 1,619 किमी की लंबाई में स्वीडन के साथ एक लंबी पूर्वी सीमा साझा करता है. इसकी सीमा उत्तर पूर्व में फिनलैंड और रूस से और दक्षिण में स्केगेरक जलडमरूमध्य से लगती है, जिसके दूसरी तरफ डेनमार्क और यूनाइटेड किंगडम हैं. नॉर्वे में एक विस्तृत समुद्र तट है, जो उत्तरी अटलांटिक महासागर और बार्ट्स सागर के पास है (Norway Geographial Location).
हालांकि नॉर्वे की अधिकांश आबादी नॉर्वेजियन है. लेकिन 21वीं सदी में आप्रवासी जनसंख्या में वृद्धि आई है. 2021 में, देश के पांच सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह पोलिश, लिथुआनियाई, सोमाली, पाकिस्तानी और स्वीडिश थे.
विश्व बैंक और आईएमएफ सूची में देश की प्रति व्यक्ति आय दुनिया में चौथी सबसे अधिक है (Norway GDP).
पूरे नॉर्वे में आकर्षक प्राकृतिक दृश्य पाए जाते हैं. दक्षिणी नॉर्वे का पश्चिमी तट और उत्तरी नॉर्वे का तट दुनिया के कुछ सबसे प्रभावशाली तटीय दृश्यों में से एक है जो सैलानियों को सालों भर आकर्षित करता है (Norway Tourism).
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस फ्रीडम को लेकर सवाल पूछने वाली नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग अब खुद आलोचनाओं के घेरे में आ गई हैं. नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोलहेम ने उनकी टिप्पणी को "अपरिपक्व" बताते हुए कहा कि भारत को लेकर बनाई गई कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और रैंकिंग्स हकीकत से मेल नहीं खातीं.
भारत सरकार ने इटली के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट कलात्मकता को प्रदर्शित करने वाले विशेष उपहार भेंट किए हैं. इन उपहारों में असम का सुनहरी चमक वाला दुर्लभ मुगा सिल्क स्टोल, मणिपुर के शिंरुई लिली से प्रेरित रेशमी स्टोल और आगरा के कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित पच्चीकारी मार्बल बॉक्स शामिल हैं.
नॉर्वे के बड़े अखबार Aftenposten ने प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक विवादित कार्टून छापा है, जिसमें उन्हें सपेरे के रूप में दिखाया गया है. इस कार्टून को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. क्या ये भारत का अपमान है? या फिर पीएम मोदी की कूटनीतिक ताकत की स्वीकारोक्ति?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान एक स्थानीय अखबार में छपे कार्टून को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कार्टून में मोदी को सपेरे के रूप में दिखाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे नस्लवादी और पुरानी औपनिवेशिक सोच बताया.
नॉर्वे के एक अखबार में पीएम मोदी को ‘सपेरे’ के रूप में दिखाने वाले कार्टून पर विवाद छिड़ गया. सोशल मीडिया पर इसे नस्लवादी और औपनिवेशिक सोच से जोड़कर आलोचना की जा रही है. विवाद उस समय और बढ़ गया जब नॉर्वे की पत्रकार हेले लाइंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठाए.
प्रधानमंत्रत्री नरेंद्र मोदी की 5 देशों की यात्रा अपने आखिरी पड़ाव पर है. सोमवार को नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है. पीएम मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया जहां 5 राष्ट्र प्रमुथों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. इसमें रोजगार, तकनीक, पर्यावरण और सुरक्षत्रा से जुड़े कुछ मुद्दे शामिल रहें.
दो देशों के नेताओं की ज्वाइंट प्रेस मीट सिर्फ फोटो खिंचवाने और जरूरी जानकारी देने के लिए होती है, वहां तीखे और आक्रामक सवाल नहीं दागे जाते. लेकिन नॉर्वे की एक लड़की हेली लेन ने प्रधानमंत्री मोदी पर एक सवाल चिल्लाकर दाग दिया, जो ऐसे भी किसी सवाल का जवाब न देने के लिए जाने जाते हैं. इसके बाद से तो हेली जैसे हर तरफ छा गई हैं.
दिलचस्प बात यह भी रही कि इस विवाद के बाद हेला लेंग की लोकप्रियता अचानक बढ़ गई. जहां पहले एक्स पर उनके करीब 400 फॉलोअर्स थे, वहीं अब यह संख्या 45 हजार से ज्यादा पहुंच चुकी है और लगातार बढ़ रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे के दौरे पर हैं. उन्होंने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में वहां के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे के साथ एक जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग में हिस्सा लिया. जॉइंट स्टेटमेंट में दोनों प्रधानमंत्रियों ने हर प्रकार के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है.
ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं. इन बैठकों में क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटलाइजेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी, ब्लू इकॉनमी और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया.
आज सबसे पहले आपको नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी से पूछे गए सवाल की नीयत पर उठ रहे गंभीर सवालों के बारे में बताएंगे. नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक विदेशी महिला पत्रकार ने सवाल ना लेने पर हंगामा खड़ा कर दिया. देखते ही देखते भारत में तमाम नेताओं ने उन्हें सोशल मीडिया पर हीरो बना दिया और उनके फॉलोअर्स रातों-रात 800 से 32 हज़ार पार कर गए.
नॉर्वेजियन पत्रकार हेला लेंग ने सोशल मीडिया पर खुले तौर पर स्वीकार किया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि PM मोदी उनके चिल्लाकर पूछे गए सवाल का जवाब देंगे. उन्हें प्रोटोकॉल पता था. यह चर्चा अब भारत में प्रेस की आजादी के माहौल के बारे में नहीं रही; यह पूरी तरह से उन्हीं के बारे में हो गई.
ओस्लो में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारत के लोकतांत्रिक रिकॉर्ड और मानवाधिकार चिंताओं का बचाव किया. उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यवेक्षक अक्सर चुनिंदा रिपोर्टों और अज्ञानी एनजीओ पर भरोसा करके देश को गलत समझते हैं.
पीएम मोदी से सवाल करने वाली नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी कर बताया कि वह विदेशी जासूस नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि मैं सिर्फ अपना काम कर रही थी.
स्वीडन के बाद नॉर्वे में भी पीेएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है. नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम ने पीएम मोदी को 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया. पीएम मोदी ने ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने बताया कि यूरोप भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करेगा.
कूटनीति' में आज बात उस रणनीतिक पुल की, जो दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को यूरोप के सबसे आधुनिक और इनोवेटिव देशों से जोड़ रहा है. 'भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' अब कूटनीति का कोई छोटा-मोटा आयोजन नहीं रहा. सप्लाई-चेन के झटके, क्लाइमेट प्रेशर और तकनीकी मुकाबले के इस दौर में भारत और नॉर्डिक देशों को समझ आ गया है कि उन्हें एक-दूसरे की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तीसरे शिखर सम्मेलन के लिए ओस्लो पहुँच चुके हैं.
नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने पीएम मोदी से मीडिया से सवाल न लेने पर प्रतिक्रिया मांगी. उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रेस फ्रीडम इंडेक्स का जिक्र करते हुए भारत पर टिप्पणी की. उनके इस पोस्ट पर भारतीय दूतावास ने जवाब दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में नॉर्वे के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की. दोनों देशों ने ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की और स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु, अंतरिक्ष, एआई और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. यूक्रेन और पश्चिम एशिया संघर्ष पर भी दोनों देशों ने बातचीत और कूटनीति को समाधान बताया.
पांच देशों की अपनी यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नॉर्वे पहुंचे. नॉर्वे के पीएम ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. इसके अलावा सांस्कृतिक परफॉर्मेंस के जरिए उनका स्वागत किया गया. पीएमा मोदी वहां इंडिया-नॉर्डिक समिट में शिरकत करेंगे. नॉर्वे में भी कई अहम समझौतों पर मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है. देखें वीडियो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन दौरे के बाद नॉर्वे पहुंच गए हैं. भारत-स्वीडन रणनीतिक साझेदारी और व्यापार-तकनीक सहयोग को नई दिशा मिली है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 दिनों में 5 देशों का दौरा करेंगे. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे.