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'सऊदी अरब, पाकिस्तान को भी...', PM मोदी से सवाल पूछने वाली पत्रकार को लेकर नॉर्वे के पूर्व मंत्री ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस फ्रीडम को लेकर सवाल पूछने वाली नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग अब खुद आलोचनाओं के घेरे में आ गई हैं. नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोलहेम ने उनकी टिप्पणी को "अपरिपक्व" बताते हुए कहा कि भारत को लेकर बनाई गई कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और रैंकिंग्स हकीकत से मेल नहीं खातीं.

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नॉर्वे में पीएम मोदी से हेले लिंग ने सवाल पूछा था. (Photo- ITG)
नॉर्वे में पीएम मोदी से हेले लिंग ने सवाल पूछा था. (Photo- ITG)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस फ्रीडम को लेकर सवाल पूछकर चर्चा में आईं नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग को अब उनके ही देश के पूर्व मंत्री ने जवाब दिया है. नॉर्वे के पूर्व पर्यावरण मंत्री एरिक सोलहेम ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पत्रकार की टिप्पणी भारत को लेकर अधूरी जानकारी और गलत धारणाओं पर आधारित थी.

भारतीय मीडिया से बातचीत में एरिक सोलहेम ने कहा, "मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक अपरिपक्व पत्रकार की हरकत थी, जिसे भारत की बहुत सीमित समझ और जानकारी है. वह सिर्फ कुछ सुर्खियों और रिपोर्ट्स के आधार पर राय बना रही थीं."

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पूर्व मंत्री ने खास तौर पर उन ग्लोबल इंडेक्स और रिपोर्ट्स पर सवाल उठाए जिनमें भारत को प्रेस फ्रीडम और लोकतंत्र के मामले में नीचे दिखाया जाता है. सोलहेम ने कहा, "ऐसे कई आंकड़े और रिपोर्ट्स हैं जो यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि भारत में प्रेस की आजादी बहुत कम है या लोकतंत्र कमजोर है. लेकिन इनमें से कुछ रिपोर्ट्स तो सऊदी अरब, पाकिस्तान और यहां तक कि फिलिस्तीन को भी भारत से ऊपर दिखाती हैं. यह पूरी तरह कॉमन सेंस के खिलाफ है."

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नॉर्वे के पूर्व मंत्री ने प्रेस फ्रीडम रैंकिंग पर भी की बात

नॉर्वे के पूर्व मंत्री सोलहेम ने आगे कहा, "एक पत्रकार होने के नाते सबसे जरूरी चीज फैक्ट चेक करना है. पहले तथ्यों को समझना चाहिए और फिर रिपोर्टिंग करनी चाहिए."पूर्व मंत्री ने एक एक्स पोस्ट में भी कहा, "यह एक रैंकिंग का जिक्र था जिसमें दावा किया गया था कि भारत में पत्रकार होना बहुत खतरनाक है. असलियत यह है कि US में पत्रकार होना ज़्यादा खतरनाक स्थिति में है और दुनिया के ज़्यादातर दूसरे देशों में तो यह और भी ज़्यादा खतरनाक है."

निष्कर्ष निकालने से पहले गहन अध्ययन की सलाह

पूर्व मंत्री ने इस विवाद को "बहुत छोटा मामला" बताते हुए कहा कि इसे आसानी से टाला जा सकता था. उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी देश को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले ज्यादा गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिए.

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नॉर्वे की पत्रकार ने PM मोदी से पूछे थे सवाल

विवाद उस समय शुरू हुआ जब ओस्लो स्थित अखबार की पत्रकार हेले लिंग ने नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा था. संयुक्त प्रेस इंटरैक्शन खत्म होने के बाद उन्होंने आवाज लगाकर कहा था, "आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?"

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हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने उस सवाल का जवाब नहीं दिया और कार्यक्रम स्थल से निकल गए, लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. बाद में हेले लिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि नॉर्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में दुनिया में शीर्ष पर है, जबकि भारत काफी नीचे रैंक करता है.

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