Neymar Announces International Retirement: ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे के हाथों 2-1 की हार के साथ उनका शानदार इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया.
नेमार ने 16 साल लंबे इंटरनेशनल करियर का अंत किया. वह ब्राजील के इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर रहे. उन्होंने 129 इंटरनेशनल मैचों में 80 गोल दागे और इस दौरान देश के लिए कई यादगार जीत दिलाईं.
मैच के बाद 34 वर्षीय नेमार ने साफ शब्दों में कहा- मैंने पूरी कोशिश की. मेरा सफर यहीं से शुरू हुआ था और यहीं खत्म भी हो गया. अब सब खत्म हो चुका है.
दिलचस्प बात यह है कि नेमार ने ब्राजील के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मैच 9 अगस्त 2010 को अमेरिका के खिलाफ इसी मेटलाइफ स्टेडियम में खेला था. करीब 16 साल बाद उसी मैदान पर उन्होंने ब्राजील की जर्सी में अपना आखिरी मुकाबला भी खेला.
Neymar crying after the loss against Norway 💔#Neymar #brazil #fifaworldcup2026 pic.twitter.com/J8ytjgwEMn
— Mominul Islam (@MominulCric) July 5, 2026
आखिरी मैच में किया गोल
नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में नेमार शुरुआती प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं थे. दाएं पैर की पिंडली (राइट काफ) की चोट से जूझ रहे नेमार बेंच से मैदान पर उतरे और मैच के अंतिम मिनटों में पेनल्टी पर गोल भी किया. हालांकि उनका यह गोल ब्राजील को हार से नहीं बचा सका.
चोटों ने सीमित कर दिया असर
पूरे टूर्नामेंट में नेमार फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे. वह ब्राजील के पांच मुकाबलों में सिर्फ दो मैच ही खेल सके. इसके अलावा ग्रुप स्टेज में स्कॉटलैंड के खिलाफ भी उन्होंने केवल 15 मिनट मैदान पर बिताए.पिछले एक दशक से ज्यादा समय तक ब्राजील के सबसे बड़े स्टार रहे नेमार का करियर हाल के वर्षों में लगातार चोटों से प्रभावित रहा. यही वजह रही कि वह पहले जैसी लय और प्रभाव नहीं छोड़ सके.
अब नई पीढ़ी संभालेगी जिम्मेदारी
ब्राजील की टीम अब बदलाव के दौर में एंट्री कर रही है. अनुभवी खिलाड़ियों के बाद अब नई पीढ़ी टीम की कमान संभालेगी. टीम के कप्तान मार्किन्होस ने कहा- हमें उम्मीद है कि लोग नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ धैर्य रखेंगे और शुरुआत से ही उनका समर्थन करेंगे.
नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल के एक यादगार दौर का अंत हो गया. अब टीम की नजर भविष्य की नई प्रतिभाओं पर होगी, जो आने वाले वर्षों में पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन टीम को नई पहचान दिलाने की कोशिश करेंगी.