माघ मास में पड़ने वाला अमावस्या को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) कहा जाता है. मौनी अमावस्या को हिंदुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा नदी का जल अमृत में बदल जाता है और मौनी अमावस्या के दिन गंगा में स्नान करना पवित्र होता है. माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में और संगम में देवताओं का निवास होता है इसलिए इस दिन गंगा या पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है (Mauni Amavasya Bath).
मौनी अमवास्या में दान देने का भी बड़ा महत्व माना गया है. इस दिन पूजा अर्चना करने से घर परिवार में कल्याण होता है और सुख शांति आती है. मौनी अमवस्या को भगवान विष्णु की विधि विधान से पुजा करने से दुखों का नाश होता है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन अगर मौन रहकर भगवान विष्णु की अराधना की जाती है तो उसका विशेष फल मिलता है (Mauni Amavasya Rituals).
सुबह उठकर स्नान करके सबसे पहले सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए. इसके बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए. फिर विष्णु की विधिवत पूजा कर, अपने सामर्थ्य के अनुसार दान- दक्षिणा देना चाहिए (Mauni Amavasya Puja).
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा. सुबह 11 बजे तक करीब एक करोड़ पचानवे लाख भक्तों ने यहां आस्था के साथ डुबकी लगाई. यह मौका हर वर्ष भक्तों के लिए खास होता है, जहां वे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए संगम में स्नान करते हैं.
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के स्नान के लिए मौजूद श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा. घाटों पर साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा गया और चेंजिंग रूम की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. कई वॉलंटियर्स श्रद्धालुओं की मदद में लगे.
आज मौनी अमावस्या है, जिसे आत्मशुद्धि और साधना का पर्व माना जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर संध्या काल या रात्रि काल में कुछ विशेष उपाय करने से धनधान्य और सुख-समृद्धि कई गुना बढ़ सकती है.
Shani Sanyog 2026: आज मौनी अमावस्या के दिन मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा का दुर्लभ पंचग्रही योग बन रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, यह शुभ संयोग चार राशियों के लिए आर्थिक लाभ और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है.
Mauni Amavsya 2026 Upay: मौनी अमावस्या का संबंध सिर्फ व्रत या पूजा से ही नहीं, बल्कि स्नान, दान और पितरों की शांति से भी जुड़ा हुआ है. खास तौर पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए इस दिन को बेहद असरदार माना जाता है.
मौनी अमावस्या के साथ माघ मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व शुरू हो गया है और संगम तट आस्था के सैलाब से भरने लगा है. तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं की उम्मीद के बीच प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था का अभेद्य घेरा खड़ा किया है.
Panchgrahi Yog 2026: मौनी अमावस्या को सनातन धर्म में विशेष पुण्यदायी माना जाता है और जब इसी दिन पंचग्रही योग का निर्माण होता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक ही राशि में एकत्र हो जाते हैं, तो पंचग्रही योग बनता है.
Mauni Amavasya 2026: आज मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त से सूर्योदय तक का समय स्नान और दान के लिए सबसे शुभ माना गया है. जो लोग गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते, वे घर पर ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.
Mauni Amavsya 2026: मौनी’ शब्द का अर्थ है मौन धारण करने वाला. इस दिन मौन व्रत रखने से मन की चंचलता शांत होती है और आत्मिक शुद्धि मिलती है. इस दिन उपवास रखकर ध्यान और जप करने से शुभ फल मिलता है.
Mauni Amavasya 2026:मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक पवित्र और शुभ दिन माना जाता है. यह अमावस्या माघ मास में आती है और इस दिन आध्यात्मिक शुद्धि, संयम और पितृ तर्पण का विशेष महत्व होता है. इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और पुण्य कार्य कई गुना फलदायी माने जाते हैं.
Budhaditya Yog: ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य और शुक्रादित्य योग को अत्यंत शुभ माना जाता है. जब सूर्य के साथ बुध और शुक्र की युति होती है, तब ये योग व्यक्ति के जीवन में बुद्धि, सौभाग्य, धन और मान–सम्मान को बढ़ाने वाले साबित होते हैं.
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या का मुख्य महत्व मौन व्रत से जुड़ा है. मान्यता है कि इस दिन मौन धारण कर स्नान, ध्यान और पूजा करने से मन की शुद्धि होती है और आत्मिक शांति मिलती है. इसी कारण इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है.
Mauni Amavasya 2026:मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इस दिन मौन व्रत, स्नान, दान और पितरों की पूजा करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि जीवन में आ रही मुश्किलें भी दूर होती हैं.
Mauni Amavasya 2026 Rashifal: मौनी अमावस्या 2026 पर बुध और मंगल की युति दृष्टि योग बन रही है, जो कई राशियों के लिए शुभ फल लेकर आएगी. तो आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में.
Mauni Amavasya 2026 Date: माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पवित्र नदी या जलकुंड में स्नान और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा कहते हैं कि मौनी अमावस्या पर दान-स्नान करने से इंसान के सारे पाप मिट जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.
Weekend Vrat Tyohar 2026: नए साल 2026 में कई सारे त्योहार वीकेंड पर आने वाले हैं. दिवाली जैसा बड़ा त्योहार भी इस बार रविवार के दिन पड़ रहा है. आइए जानते हैं कि 2026 में और कौन कौन से त्योहार शनिवार-रविवार की छुट्टी पर पड़ रहे हैं.
January Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखने की परंपरा है. मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर किए गए जप, ध्यान और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. धार्मिक विश्वासों के अनुसार, इस तिथि पर ऋषि मनु का जन्म हुआ था, जिन्हें मानव सभ्यता का आदि पुरुष माना जाता है.
माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है, जो स्नान, दान और पितृ तर्पण के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. जनवरी माह में आने वाली मौनी अमावस्या साल की पहली अमावस्या भी होगी. मौनी अमावस्या 18 जानवरी को है या 19 जनवरी को, इसे लेकर लोग भ्रम की स्थिति में हैं.
सनातन परंपरा के अनुसार, शुभ तिथियों पर नदियों में स्नान से तन-मन शुद्ध होता है और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है. मकर संक्रांति, माघ पूर्णिमा, गंगा दशहरा और कार्तिक पूर्णिमा जैसी प्रमुख तिथियों पर स्नान का विशेष महत्व बताया गया है.
मौनी अमावस्या के दिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने कड़ाके की ठंड के बावजूद गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि मौन रहकर गंगा स्नान करने से मोक्ष प्राप्ति और पापों का नाश होता है। हर की पैड़ी पर पुण्य अर्जित करने के लिए श्रद्धालु सुबह से पहले ही पहुंचे।
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे को संसद में उनके बयानों के लिए सनातन विरोधी बताया है - क्योंकि विपक्ष के दोनो नेताओं ने लोकसभा और राज्यसभा में महाकुंभ में हुई मौतों के मामले पर सरकार के जवाब मांगा है.