भारत जल्द ही 'पैक्स सिलिका अलायंस' में शामिल होने जा रहा है. ये अमेरिका की अगुवाई वाला अलायंस है, जिसमें जापान, कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं.
इस मिशन में डिग्निटरी प्रोटेक्शन डिविजन, न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस और बफेलो रेजिडेंट ऑफिस के 27 स्पेशल एजेंट शामिल हुए. तीन एजेंट रातभर ड्राइव कर टीम को मजबूत करने पहुंचे. मकसद सर्द मौसम और शटडाउन की सीमाओं के बीच सात घंटे लंबी सड़क यात्रा को सुरक्षित तरीके से पूरा करना था.
विदेश मंत्री जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के लिए बुधवार को ढाका पहुंचे थे. भारत और पाकिस्तान के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई थी, जब पिछले साल पहलगाम हमले के बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक जंग हुई थी.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद से निपटने के लिए भारत किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा. जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद को पानी के बंटवारे जैसे समझौतों से जोड़ते हुए कहा कि अच्छे पड़ोसी संबंध तभी संभव हैं जब आतंकवाद न हो. भारत-पाकिस्तान के रिश्ते हाल ही में आतंकवादी हमलों के कारण और बिगड़े हैं.
आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद बढ़ावा देने वाला खराब पड़ोसी बताया है और कहा है कि भारत को अपनी सुरक्षा के लिए पूरा अधिकार है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार को 80 साल की उम्र में निधन हो गया था. वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक थीं. बांग्लादेश में उनका राजकीय अंतिम संस्कार किया गया.
जयशंकर ने पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की आर्थिक और राजनीतिक ताकत का क्रम अब पूरी तरह बदल चुका है. आज वैश्विक स्तर पर एक नहीं, बल्कि कई ऐसे केंद्र उभर चुके हैं, जहां से शक्ति और प्रभाव काम कर रहा है. ऐसे में कोई भी देश, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, हर मुद्दे पर अपनी इच्छा नहीं थोप सकता.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के दावे का खंडन करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार अफगानिस्तान की धरती से पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय आतंकवादी तत्वों की मौजूदगी के बारे में जानकारी साझा की है, जिन्हें अफगानिस्तान के भीतर मौजूद तत्वों का समर्थन हासिल है.
इस साल कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव की थीम 'उथल-पुथल भरे समय में समृद्धि की तलाश' था. इस बार कॉन्क्लेव में 30 से ज्यादा देशों के 75 के आसपास प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत ने आजादी के बाद से ही इस चुनौती का सामना किया है. भारत का पड़ोसी देश ग्लोबल टेररिज्म का सेंटर रहा है. संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में उसके कई नागरिक शामिल हैं. इसका ताजा उदाहरण इस साल अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिलीपींस के विदेश सचिव थरेसा लाजारो से मुलाकात की. दोनों ने संयुक्त राष्ट्र और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. उन्होंने हाल ही में फिलीपींस राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस के भारत दौरे को याद करते हुए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया.
पीएम मोदी इस साल फरवरी में अमेरिकी दौरे पर गए थे. इस दौरान व्हाइट हाउस में उनकी ट्रंप के साथ द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी. लेकिन टैरिफ को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में दूरियां बढ़नी शुरू हुई.
विदेश मंत्री जयशंकर ने मॉस्को में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमने आतंकवाद को ग्लोबल एजेंडे में शामिल किया. हमने आतंकवाद के मामले को दुनिया के हर फोरम, हर प्लेटफॉर्म पर उठाया, फिर चाहे वह ब्रिक्स हो, शंघाई सहयोग संगठन हो या फिर क्वाड हो. अगर आज आतंकवाद ग्लोबल एजेंडे में है तो यह मोदी सरकार के अथक प्रयासों की वजह है.
China में Xi Jinping से मिले S Jaishankar, Rahul Gandhi ने बोला हमला
विदेश मंत्री जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि आज सुबह बीजिंग में SCO के विदेश मंत्रियों के साथ मैंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की.
2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के पांच साल बाद पहली बार जयशंकर चीन पहुंचे हैं. वह मंगलवार को तियानजिन में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे. साथ ही चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका में चार दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उन्होंने क्वाड सम्मेलन में हिस्सा लिया. उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया. क्वाड देशों के बीच खनिज संसाधनों की खोज, समुद्रों की निगरानी और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नई पहल का ऐलान हुआ.
क्वाड के विदेश मंत्रियों के संयुक्त बयान में कहा गया कि क्वाड सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा जिनमें सीमापार आतंकवाद भी शामिल है. हम इसकी सभी प्रारूपों में निंदा करते हैं और आतंकवाद से निपटने में सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता जताते हैं. हम 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हुए थे.
जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध था. इसका मकसद कश्मीर में पर्यटन को तबाह करना था, जो अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है. इसका मकसद धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनके धर्म की पहचान की गई थी.
भारत के विदेश मंत्री जयंशकर की चेतावनी के बाद पाकिस्तान की हालत खराब है. पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने झूठ परोसते हुए पड़ोसी मुल्क को शांति का समर्थक बताया और कहा कि हम दक्षिण एशिया की भलाई चाहते हैं.