FASTag भारत में एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा संचालित है. यह सीधे आपसे से जुड़े प्रीपेड या बैंक खाते से टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक का उपयोग करता है. इसे आपकी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर चिपका दिया जाता है ताकि रुके बिना टोल प्लाजा से गुजरते हुए टोल कलेक्ट किया जा सके.इश टैग को आप अपने पेटीएम या फोनपे जैसे ऐप से जोड़ सकते हैं. यदि यह प्रीपेड खाते से जुड़ा हुआ है, तो रिचार्जिंग या टॉप-अप आवश्यकता के अनुसार किया जाता है. न्यूनतम रिचार्ज राशि 100 रुपए है और इसे ऑनलाइन किया जा सकता है. कुछ टोल प्लाजा पर फास्टैग के लिए डेडिकेटेड लेन बनाई गई हैं.
NHAI के अनुसार, FASTag की वैधता असीमित है. FASTag के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 7.5% कैशबैक जैसे ऑफर भी दिएजाते रहे हैं. जनवरी 2024 में FASTag कलेक्शन 5,559.91 करोड़ था. 1 फरवरी 2024 से, NHAI ने कहा कि केवल सबसे हालिया FASTag खाता चालू रहेगा. साथ ही, One Vehicle, One FASTag को लॉन्च किया है और FASTag यूजर्स को सलाह दी है कि 31 जनवरी तक KYC कंप्लीट करा लें,नहीं तो पहले वाले टैग निष्क्रिय या ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएंगे.
फास्टैग बंद होने या इनएक्टिव होने की कंडिशन में बड़ी परेशानी हो सकती है. यहां तक कि कैश पेमेंट करने पर डबल टोल चार्ज देना पड़ सकता है.
FASTag Rule: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag के गलत इस्तेमाल पर बड़ा कदम उठाया है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कितना टोल टैक्स लगेगा? क्या इस पर FASTag का एनुअल पास काम करेगा? इस रूट पर यात्रा का खर्च कितना होगा? ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब आप इस वीडियो में जानेंगे.
अगर आपके पास फास्टैग नहीं है या फिर आप रिचार्ज नहीं कर पाएं तो अब टोल टैक्स देते वक्त ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है. यह चार्ज आपके टोल अमाउंट की तुलना में 1.25 गुना हो सकता है.
देश में टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए लागू किए गए नए FASTag नियमों ने यात्रियों के लिए भुगतान का तरीका बदल दिया है. अब कैश पेमेंट बंद होने से बिना FASTag या कम बैलेंस पर यात्रा महंगी पड़ सकती है. यह व्यवस्था ट्रैफिक जाम कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे हाईवे सफर ज्यादा तेज और सुगम बन सके.
हाईवे टोल टैक्स को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ये साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
Toll Tax Rule: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यह साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
भारत में 1 अप्रैल 2026 से आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव हो गया है. छह दशक पुराने आयकर कानून की विदाई के साथ 'आयकर अधिनियम, 2025' अमल में आने वाला है. वहीं, जीएसटी 2.0 के तहत घोषित एलानों के लागू होने के बाद अब देश का वित्तीय ढांचा पूरी तरह से बदलने की ओर बढ़ रहा है. जानें आज से कौन-कौन से नियम बदल जाएंगे.
बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है. साल बदलते ही हमारे खर्चों और बजट से जुड़े 8 बड़े नियम भी बदल गए हैं. नया इनकम टैक्स कानून और नया लेबर कोड समेत ये तमाम बदलाव आज से ही लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और घर के बजट पर पड़ने वाला है.
1 अप्रैल 2026 से कई बड़े नियमों में फेरबदल किया गया है. ATM से पैसे निकालने की बात हो, नया इनकम टैक्स कानून हो या नया लेबर कोड, ये बड़े बदलाव सीधे तौर पर आपके मंथली बजट और डेली रूटीन की जिंदगी पर असर डालने वाले हैं.
Rule Change From 1st April: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देश में बहुत कुछ बदल गया है. नए टैक्स कानून से लेकर न्यू लेबर कोड तक और LPG Cylinder महंगा होने से लेकर ATM से पैसे निकालने तक के नियम चेंज हुए हैं.
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरू होने के साथ ही आज से कई नियमों में बदलाव हो गया है. अप्रैल यानी आज से इनकम टैक्स, ग्रेच्युटी, सैलरी, यूपीआई, रेलवे टिकट और फास्टैग से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो रहा है. जिसका सीधा असर हमारी और आपकी जेब पर भी पड़ेगा. जानें आज से क्या-क्या बदलेगा?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने 1 अप्रैल से फास्टैग (FASTag) की ऐनुअल फीस हाइक का ऐलान कर दिया है.
FASTag अब गाड़ियों का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है. देश भर में सफर करने के लिए ये एक जरूरी टैग है. ये टैग ऑटोमेटिक टोल पेमेंट में मदद करता है. यानी आपकी कार पर फास्टैग लगा हो, तो आप किसी भी टोल से गुजर जाइए. वहां की टोल पेमेंट आपके लिंक्ड प्रीपेड, सेविंग या करेंट अकाउंट से कट जाएगी.
सरकार के नए नियम के मुताबिक अनपेड हाईवे टोल पर डबल पेनाल्टी देनी पड़ सकती है. इसके लिए ई-नोटिस सिस्टम की शुरुआत की गई है.
हाईवे पर फास्टैग फेल हुआ तो लगेगी डबल पेनाल्टी. हाईवे पर सफर करने वालों के लिए टोल नियम अब और सख्त हो गए हैं. केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे फीस नियम, 2026 में बदलाव लागू किए हैं, जो 17 मार्च 2026 से लागू हो गए हैं. नए नियम के तहत अब ई-नोटिस सिस्टम शुरू किया गया है. यदि कोई वाहन बिना टोल भुगतान के निकलता है या भुगतान अधूरा रहता है, तो वाहन मालिक को SMS, ईमेल या ऐप के जरिए नोटिस भेजा जाएगा
FASTag Annual Pass: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फास्टैग एनुअल पास को लॉन्च किया था. अब तक देश भर में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये एनुअल पास वाहन पूरे साल या 200 ट्रिप्स (जो भी पहले आए) तक के लिए वैलिड रहता है.
1 अप्रैल से महंगा हुआ FASTag एनुअल पास. अब देने होंगे इतने रुपये. नेशनल हाईवे पर टोल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुरू की गई FASTag एनुअल पास योजना अब थोड़ी महंगी हो गई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ऑफिशियल आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल से प्राइवेट वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत 3,075 रुपये कर दी गई है. इससे पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी
साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर कई लोगों को शिकार बना रहे हैं, जिसमें आपका पैसा फास्टैग वॉलेट की जगह ठगों के बैंक अकाउंट में पहुंच जाते हैं. आइए इससे बचाव का तरीका जानते हैं.
Himachal Pradesh Toll Tax: नई पॉलिसी के अनुसार बाहर के राज्यों से आने वाली कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल पर अब 170 रुपये प्रति दिन टोल देना होगा. कुछ कैटेगरी के वाहनों के लिए तो टोल ढ़ाई गुना तक बढ़ा दिया गया है. इससे दूसरे राज्यों से हिमाचल में एंट्री करने वाले वाहनों को टोल के लिए मोटी रकम चुकानी होगी.
FASTag fraud alert: NHAI ने एडवाइजरी जारी की है कि, FASTag Annual Pass के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं, जो सरकारी पोर्टल बनकर लोगों से पैसे ऐंठ रही हैं.