Wrong FASTag payment: आप घर बैठे हैं, आपकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी है. अचानक मोबाइल पर मैसेज आता है कि टोल कट गया. न गाड़ी चली, न आपने टोल प्लाजा का मुंह देखा, फिर भी FASTag से पैसे कट गए. यही कहानी अब सरकारी कागज़ों में दर्ज हो चुकी है. NHAI ने माना है कि 2025 के दौरान ऐसे करीब 18 लाख मामलों में लोगों से गलत तरीके से टोल वसूला गया, और बाद में पैसा लौटाना पड़ा. दिलचस्प ये रहा है कि, इनमें से हर तीसरे मामले में गाड़ी टोल प्लाजा तक पहुंची ही नहीं थी, फिर भी सिस्टम ने जेब ढीली कर दी.
फास्टैग सिस्टम में हुई इन गड़बड़ियों को लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI ने जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच करीब 18 लाख मामलों में टोल की रकम वापस की है. इनमें से लगभग 35 प्रतिशत मामलों में ऐसा पाया गया कि जिन गाड़ियों के फास्टैग से पैसा कटा है वो उस वक्त टोल प्लाजा पर मौजूद ही नहीं थी, फिर भी फास्टैग वॉलेट से टोल की रकम कट गई.
सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह गड़बड़ी ज्यादातर मामलों में टोल प्लाजा पर मैनुअल एंट्री के कारण हुई. जब किसी तकनीकी कारण से ऑटोमैटिक सिस्टम काम नहीं करता, तो टोल कर्मी वाहन का नंबर खुद सिस्टम में डालते हैं. इसी दौरान गलत नंबर दर्ज होने से दूसरे वाहन मालिक के फास्टैग से पैसा कट जाता है.
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने 2025 में 17.6 लाख ऐसे ट्रांजैक्शन रिपोर्ट किए, जिनमें गलत तरीके से टोल कटने के बाद रिफंड किया गया. यह आंकड़ा कुल 464 करोड़ फास्टैग ट्रांजैक्शन का है. प्रतिशत के हिसाब से यह संख्या भले ही सिर्फ 0.03 प्रतिशत हो, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से ले रही है.
ऐसा आमतौर पर लंबे समय से देखा जा रहा है कि, लोगों के वाहनों के फास्टैग से गलत तरीके से पैसे काटे गए हैं. कई लोगों ने ऐसे मामलों को सोशल मीडिया पर भी उठाया था. अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार टोल सिस्टम में वाहन नंबर की मैनुअल एंट्री पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रही है. इससे गलत कटौती और लोगों की परेशानी दोनों कम होंगी.
सरकार ने यह भी बताया कि फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पार करने में लगने वाला समय काफी कम हुआ है. पहले जहां एक वाहन को टोल पार करने में औसतन 12.2 मिनट लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर करीब 40 सेकंड रह गया है. सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से 50,195 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ है. वहीं पूरे पिछले वित्त वर्ष में कुल 61,508 करोड़ रुपये टोल वसूली हुई है.
यदि आपने अपने FASTag टोल पेमेंट के लिए अलर्ट सेट-अप नहीं किया है तो, तत्काल कर लें. इसके लिए आप नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अपने बैंक के FASTag पोर्टल या मोबाइल ऐप जैसे आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, कोटक या My FASTag में लॉग इन करें. लॉग इन करने के बाद सेटिंग, मैनेज अलर्ट, नोटिफिकेशन या प्रोफाइल सेक्शन में जाएं. यहां ट्रांजैक्शन और लो बैलेंस से जुड़े SMS अलर्ट को ऑन करें. इसके बाद मिनिमम बैलेंस की लिमिट तय करें, ताकि बैलेंस कम होने पर तुरंत अलर्ट मिल सके. इससे पहले इस बात की तस्दीक जरूर कर लें कि FASTag से आपका सही और एक्टिव मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है, क्योंकि सभी अलर्ट इसी नंबर पर आते हैं.
इसके अलावा FASTag यूजर्स मिस्ड कॉल सुविधा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए यूजर (+91-8884333331) पर मिस्ड कॉल देकर FASTag बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. अगर ऐप या पोर्टल से दिक्कत हो रही है, तो अपने FASTag जारी करने वाले बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके SMS अलर्ट एक्टिवेट करवा सकते हैं. आमतौर पर FASTag जारी होने के बाद हर टोल ट्रांजैक्शन और बैलेंस अपडेट का SMS अलर्ट अपने आप ही मिलने लगता है. अगर SMS नहीं आ रहे हैं, तो मोबाइल नंबर अपडेट और अलर्ट सेटिंग जरूर चेक करें.