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UP के DM ने बेटी का आंगनवाड़ी में कराया दाखिला, लोगों को भी किया प्रेरित, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा रहा है कि चित्रकूट के जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी का एडमिशन उत्तर प्रदेश के एक सरकारी आंगनवाड़ी में कराया है और लोगों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया है. 

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जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी का एडमिशन आंगनवाड़ी में कराया है.  (Photo:  x/@sirajnoorani)
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी का एडमिशन आंगनवाड़ी में कराया है. (Photo: x/@sirajnoorani)

उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के डीएम अधिकारी पुलकित गर्ग ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो न केवल प्रशासनिक गलियारों में बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है. डीएम गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन आंगनवाड़ी में करवाया है. उनके इस कदम ने सरकारी सिस्टम पर भरोसा करने का बड़ा संदेश दिया है. 

ये वीडियो ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब सरकार की योजनाओं और संस्थानों को लेकर आमतौर पर लोगों के बीच संदेह रहता है. डीएम का यह फैसला उनका व्यक्तिगत विश्वास और सोच से प्रेरित माना जा रहा है. यह कदम दिखाता है कि अगर व्यवस्था पर स्वयं नेतृत्व को भरोसा हो, तो उसका प्रभाव समाज पर गहरा असर डालता है. 

बेटी का खेलते हुए वीडियो वायरल 

डीएम की बेटी सिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वह आंगनवाड़ी में अन्य बच्चों के साथ खेलते हुई दिख रही है. वीडियो को देख लोग इसे खूब सराह रहे हैं. वीडियो में सिया को सामान्य बच्चों की तरह एक्टिविटी में पार्ट लेते देखा जा सकता है. 

यूजर्स हो रहे हैं खुश 

पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी के लिए आंगनवाड़ी में दाखिला कर यह साफ कर दिया है कि ये केंद्र बच्चों के सीखने, पोषण और देखभाल के लिए अहम आधार है. एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के तहत आंगनवाड़ी में बच्चों के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण विकास काल में पोषण, शुरुआती शिक्षा,स्वास्थ्य निगरानी और समाजीकरण जैसी सेवाएं दी जाती हैं. 

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सोशल मीडिया पर तारीफों की बाढ़  

डीएम के इस फैसले का स्थानीय लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है. कई अभिभावकों का मानना है कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी खुद सरकारी व्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं, तो आम जनता का विश्वास भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा. अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से प्रेरित होकर अधिक माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन आंगनवाड़ी केंद्रों में करवा सकते हैं, जिससे न केवल भागीदारी बढ़ेगी बल्कि योजनाओं के नतीजे भी बेहतर होंगे. कुल मिलाकर, डीएम पुलकित गर्ग का यह कदम प्रशासनिक जिम्मेदारी से आगे बढ़कर सामाजिक विश्वास और उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है. 

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