चैट जनरेटिव प्री-ट्रेन ट्रांसफॉर्मर यानी चैट जीपीटी (ChatGPT) एक चैटबॉट है, जिसे ओपनएआई (OpenAI) ने 30 नवंबर 2022 में लॉन्च किया है (ChatGPT Launched Date). इसका पोटेंशियल एक चैट बॉट और यहां तक की एक सर्च इंजन से काफी ज्यादा है.
असल में जो काम गूगल सर्च पर घटों में नहीं कर सकते हैं वो ChatGPT कुछ ही मिनट या कुछ ही सेकंड्स में कर देता है. Chat GPT आपके लिए ना सिर्फ कवर लेटर और मेल तैयार कर सकता है, बल्कि दिए गए टॉपिक पर गाना भी लिख सकता है. किसी के लिए कुछ लिखना हो तो ये भी Chat GPT अपने आप कर देगा. Chat GPT से आप YouTube वीडियो के लिए स्क्रिप्ट के आइडियाज भी ले सकते हैं. इतना ही नहीं, अगर वीडियो का कोई आइडिया नहीं मिल रहा तो ChatGPT इसमें भी आपकी मदद कर सकता है (ChatGPT Features).
एक रिपोर्ट के अनुसार, ChatGPT ने हाल ही में कई एग्जाम पास किया था, जिसमें यूएस मेडिकल एग्जाम और MBA प्रोग्राम और लॉ स्कूल एग्जाम शामिल हैं. इसके बाद से ये चिंता का विषय बन गया है. इन टेस्ट में शॉर्ट आंसर, निबंध और मल्टीपल च्वॉइस प्रश्न पूछे गए थे. कई यूनुवर्सिटी में इसे बैन कर दिया गया है (ChatGPT clear MBA and Medical Exam US).
अधिकांश चैटबॉट्स के विपरीत, चैटजीपीटी पीछले बातचीत को याद रखता है. आपत्तिजनक आउटपुट को चैटजीपीटी से दिए गए आउटपुट को रोकने के लिए, OpenAI की कंपनी, मॉडरेशन एपीआई के माध्यम से इसके Queries फिल्टर करता है और संभावित नस्लवादी या सेक्सिस्ट संकेतों को डिसमिस करता है. चैट जीपीटी सर्विस को शुरुआत में लोगों के लिए मुफ्त में लॉन्च किया गया था, लेकिन बाद में सर्विस चार्जेज की योजना है (ChatGPT Services).
AI कंपनियां अपने चैटबॉट्स के नाम काफी क्रिएटिव रखती हैं. ये काफी सोच समझ कर किया जाता है. अगर आप पॉपुलर एआई मॉडल्स के नाम के पीछे की कहानी जान लेंगे तो समझ जाएंगे कि इन कंपनियों का फोकस क्या है. आइए जानते हैं.
OpenAI का एक AI Agent इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल टेस्टिंग के दौरान ये एआई एजेंट कंट्रोल से बाहर हो गया और खुद से ही किसी और कंपनी में सेंध लगाने की कोशिश करने लगा.
ChatGPT की सर्विस करीब 1 घंटे ठप रहने के बाद दोबारा शुरू हो गई हैं. इस आउटेज का असर भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में दिखाई दिया था. कंपनी ने भी इस आउटेज को कंफर्म कर किया था.
OpenAI ने ChatGPT में हेल्थ फीचर का ऐलान किया है. इस फीचर का नाम हेल्थ इन ChatGPT है. मेडिकल रिपोर्ट से लेकर लैब टेस्ट वगैरह आप यहां पर इंटरप्रेट करा सकते हैं. इतना ही नहीं ऐपल हेल्थ के साथ इसे कनेक्ट भी कर सकते हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां OpenAI का एक AI एजेंट टेस्टिंग के दौरान बेकाबू हो गया है और उसने बिना किसी इंसानी दखल के दूसरे AI स्टार्टअप पर हमला बोल दिया, जिसका नाम Hugging Face है. इसके साथ एक्सपर्ट ने बताया कि इन पर लगाम लगाना जरूरी है.
ChatGPT ब्रांड नाम की बास्केटबॉल को मार्केट में सेल किया जा रहा है, जिसकी कीमत करीब 6,756 रुपये है. इसमें पॉज प्ले और प्रॉम्प जैसे कैंपेन को लिखा है. इसकी मदद से कंपनी चाहती है कि लोग स्क्रीन टाइम करें और आउटडोर गेम खेलें.
ChatGPT मेकर OpenAI अपना पहला AI डिवाइस ला रहे हैं, जो घर में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. ये एक बिना स्क्रीन वाला स्पीकर होगा, जिसके साथ रिचार्जेबल बैटरी होगी. इसमें जीपीटी लाइव का भी सपोर्ट मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से AI संबंधित सवाल कर सकेंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
एंथ्रॉपिक ने भारत में Claude AI के सब्सक्रिप्शन प्लान रुपये में लॉन्च किए हैं. कंपनी की रिसर्च के अनुसार, हिंदी में बातचीत के दौरान Claude अधिक दोस्ताना और सहानुभूतिपूर्ण अंदाज में जवाब देता है. भारत अब Claude का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. एंथ्रॉपिक का मानना है कि स्थानीय भाषाओं में बेहतर अनुभव मिलने से शिक्षा, कामकाज और रोजमर्रा के उपयोग में एआई का इस्तेमाल बढ़ सकता है.
ChatGPT मेकर OpenAI ने बड़ा ऐलान कर दिया है और लाइव कन्वर्सेशन को बेहतर बनाने की कोशिश की है. इसके लिए ओपनएआई ने दो न्यू मॉडल लॉन्च किए हैं. इन मॉडल के नाम मॉडल GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini हैं. कंपनी ने बताया है कि अब चैटजीपीटी ज्यादा नेचुरल तरीके से कन्वर्सेशन कर पाएगा.
बेंगलुरु के एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बताता है कि ChatGPT उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. वह अंग्रेजी में सवाल पूछकर कन्नड़ में जवाब लेता है और नई चीजें सीखने के लिए AI की मदद करता है
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने दावा किया है कि चीन से जुड़े कुछ समूह अमेरिका में AI और डेटा सेंटरों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. कंपनी का कहना है कि चीनी अकाउंट्स ने सोशल मीडिया पर गुप्त प्रचार अभियान चलाकर अमेरिकी AI उद्योग को बदनाम करने की कोशिश की.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर इस वक्त दुनिया भर में कई तरह के डिबेट हैं. लेकिन फिलहाल सबसे हॉट टॉपिक ये है कि क्या AI इंसानों से ज्यादा महंगा पड़ रहा है? लाखों छंटनी AI के नाम पर की गई, लेकिन अब कंपनियां मुश्किल में दिख रही हैं. आइए जानते हैं कुछ महीनों में ऐसा क्या हुआ जिससे टेक सीईओ के सुर बदले से हैं.
अमेरिकी AI कंपनी OpenAI के 75 कर्मचारी रातोंरात करोड़पति बन गए. दरअसल कंपनी ने अपने पुराने कर्माचरियों को शेयर्स दे रखे थे. अब उन्हें बेचने का ऑप्शन दिया गया और बेचकर रातोंरात करोड़पति हो गए.
अगर आप भी मेडिकल सलाह को लेकर ChatGPT पर पूरी तरह से डिपेंडेंट हो गए हैं तो सावधान हो जाएं. दरअसल AI कभी-कभी गलत जानकारी भी दे देता है. हाल ही में हुआ इंसिडेंट जिससे एक टीनेजर की मौत हो गई.
Elon Musk और OpenAI के बीच बड़ा कानूनी विवाद, नॉन-प्रॉफिट वादे से मुनाफे तक का सफर, Microsoft निवेश, रिश्वत के आरोप और $130 बिलियन की मांग जानिए पूरा मामला.
YouTube में एक ऐसा फीचर आ रहा है जिससे यूजर्स का काफी फायदा होगा. दरअसल गूगल ने जिस तरह सर्च में AI Overview इंटिग्रेट किया है उसी तरह अब यूट्यूब में भी फीचर आ रहा है.
एलॉन मस्क ने सैम ऑल्टमैन और चैटजीपीटी के बीच एक विवाद चल रहा है, जो अब कोर्ट में जा चुका है. इस मामले में दूसरे दिन की सुनवाई में मस्क ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए और बताया है कि कंपनी ने उनसे झूठ कहा. मस्क ने कहा कि अब मैं खुद को बेवकूफ महसूस करता हूं.
ChatGPT जैसे AI टूल्स के आने से अमेरिकी एडटेक कंपनी Chegg को बड़ा झटका लगा. यूजर और रेवेन्यू घटे, 15 अरब डॉलर की कंपनी अब संकट में है. AI ने पारंपरिक एजुकेशन मॉडल को चुनौती दी.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम के बाद से दुनिया की कई बड़ी कंपनियां खत्म होने के कगार पर हैं. ताजा उदाहरण अमेरिका की सबसे बड़ी एड टेक कंपनियों में से एक Chegg है. अरबों डॉलर की ये कंपनी लगभग खत्म हो चुकी है और इसकी वजह AI ही है.
OpenAI के खिलाफ अमेरिका में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट हो गई है. दरअसल फ्लोरिडा शूटिंग मामले में अटैकर ने हमले से पहले OpenAI का ChatGPT यूज किया था और कुछ सवाल पूछे थे.
चैटजीपीटी मेकर ओपनएआई ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिए नया AI मॉडल लॉन्च कर दिया है. न्यू AI मॉडल का नाम GPT-Rosalind है. इसका यूज ड्रग डिस्कवरी यानी दवाओं की खोज में किया जाएगा. यह रिसर्च को नए आयाम देगा, जिसकी मदद से दवाओं संबंधित रिचर्स जल्द कंप्लीट होंगी.