बॉन्डी बीच (Bondi Beach) ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित एक वर्ल्ड फेमस समुद्र तट (beach) है. यह अपनी सुनहरी रेत, मजबूत लहरों और सुंदर तटरेखा के लिए जाना जाता है, जिसके कारण यह सर्फ़िंग, तैराकी, सूर्य स्नान और पर्यटन के लिए विश्वभर से पर्यटकों को आकर्षित करता है. यहां का वातावरण हमेशा जीवंत रहता है. स्थानीय लोग, विदेशी पर्यटक और समुद्र के किनारे कैफे-रेस्तरां इसे बेहद लोकप्रिय स्थल बनाते हैं. समुद्र तट के पास Bondi to Coogee Coastal Walk जैसी सुंदर वॉकिंग ट्रेल्स हैं जो प्राकृतिक दृश्यों का आनंद देती हैं. यह समुद्र तट सिडनी के पूर्वी उपनगरीय इलाके Waverley Council के अंतर्गत आता है.
14 दिसंबर 2025 को Bondi Beach पर गोलीबारी (mass shooting) की घटना हुई, जिसे ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने आतंकवादी हमला और यहूदी-भेदभाव (antisemitic) प्रेरित हमला बताया. यह घटना Hanukkah त्योहार के पहले दिन समुद्र तट पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम “Chanukah by the Sea” के दौरान हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल थे.
दो संदिग्ध व्यक्तियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे कम से कम 15 लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हुए, जिनमें बच्चे और वृद्ध शामिल थे. एक हमलावर को पुलिस ने मौके पर मार गिराया, जबकि दूसरे को अस्पताल में गंभीर हालत में रखा गया. जांच में एक संदिग्ध कार से IED भी बरामद हुआ है.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अलबनीज ने कहा कि यह न सिर्फ एक हमले, बल्कि नफरत पर आधारित हिंसा थी.
ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर से गोलीबारी की घटना सामने आई है. न्यू साउथ वेल्स में एक शख्स ने तीन लोगों की हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड को भी मार दिया. यह घटना ऐसे दिन हुई है जब बॉन्डी बीच को लेकर देशभर में शोक मनाया जा रहा था.
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बीच पर जश्न मना रहें यहूदियों पर दो हमलावरों ने जबरदस्त फायरिंग की. इस हमले में कई लोगों की मौत की जानकारी है वहीं कई घायल है. ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने इस हमले को आतंकी हमला घोषित किया. हमले के दौरान बॉन्डी बीच पर इंग्लैंड के पूरिव क्रिकेटर माइकल वॉन समेत 2 हजार लोग मौजूद थे.
एशेज टेस्ट के पहले दिन सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में बॉन्डी बीच हमले के हीरो अहमद अल अहमद को खड़े होकर सम्मान दिया गया, जिन्होंने 14 दिसंबर 2025 को अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई थी. चोटिल हाथ के साथ मैदान पर उतरे अहमद अल अहमद के लिए ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों टीमों ने गार्ड ऑफ ऑनर बनाया और पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा.
न्यू ईयर से पहले ही सिडनी हार्बर पर भारी भीड़ जुटने लगी है. लोग ऑपेरा हाउस, हार्बर ब्रिज और बोटैनिकल गार्डन के आसपास बेहतरीन नजारा पाने के लिए घंटों पहले पहुंच गए. इस साल की आतिशबाजी में बॉन्डी आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी.
ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर हमले के 11 दिन यहूदी फिर से निशाना बनाए गए हैं. यहां एक यहूदी बस्ती में कार पर फायर बॉम्बिंग की गई है. इस घटना का प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संज्ञान लिया है और एजेंसियों को एक्शन लेने को कहा है.
आरोपियों ने हमले से पहले गन की ट्रेनिंग ली, ड्राई रन किया और हमला प्लान करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए. चार आत्मघाती बम फटने में नाकाम रहे. 14 दिसंबर को यहूदी कार्यक्रम में हुए इस हमले में 15 लोग मारे गए. नवीद पर 59 मामले दर्ज हैं, जबकि साजिद को मौके पर गोली मार दी गई. पुलिस का कहना है कि ये हमला इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था.
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए हमले 'ग्लोबलाइज द इंतिफादा' नारे का नतीजा माना जा रहा है. अरब में यूं तो इंतिफादा का मतलब 'बगावत' से होता है लेकिन फिलीस्तीन मूवमेंट से जुड़ जाने की वजह से इसके राजनीतिक निहितार्थ हो गए हैं. जहां हिंसा को उचित ठहराया जाता है. एक समय कश्मीर में भी इंतिफादा की पुकार सुनाई पड़ती थी.
14 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए इस्लामिक स्टेट से प्रेरित आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत और 40 से अधिक घायल हुए. हमले में हैदराबाद निवासी साजिद अकरम और उसके बेटे नावीद अकरम ने अंधाधुंध फायरिंग की. भारतीय मूल के 34 वर्षीय अमनदीप सिंह-बोला ने हमलावर को काबू में करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे और जानें बच सकीं.
फिलीपींस के शहर दवाओ में होटल सस्ते में मिल जाते हैं. इसी स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हमला करने वाले आतंकी एक होटल में 22 डॉलर प्रति रात्रि के हिसाब से ठहरे थे. इन्होंने पहले बुकिंग एक हफ्ते के लिए करवाई थी, लेकिन वे इसे बढ़ाते गए.
सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े आतंकी हमले में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई. जिंदा बचे हमलावर को पुलिस ने अस्पताल से गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ 59 आरोप तय किए गए हैं. इस हमले की जांच और हीरो अहमद अल अहमद की पूरी कहानी पढ़िए.
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए घातक हमले के आरोपी नवीद अकरम को कोमा से बाहर आने के बाद अस्पताल में गिरफ्तार कर लिया गया है. इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और नवीद पर कुल 59 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें आतंकी कृत्य, हत्या और विस्फोटक उपकरण लगाने के आरोप शामिल हैं.
सिडनी के बॉन्डी बीच पर 15 लोगों को मौत के घाट उतार देने वाले पिता-पुत्र साजिद और नवीद अकरम अकेले नहीं थे. बल्कि ISIS से प्रेरित एक पूरा नेटवर्क उनके दिमाग में जहर भरने से लेकर हथियार की ट्रेनिंग देने तक में रोल निभा रहा था.
सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुआ नरसंहार इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित बताया जा रहा है. जांच में पता चला कि आतंकी संगठन मैट्रिक्स इकोसिस्टम के जरिए कम प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग कर रहा है. ये ऐप्स सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड नेटवर्क प्रदान करते हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी निगरानी से बचने के लिए कर रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर आतंकियों से मुकाबला करने वाले नायकों को ऑस्ट्रेलिया सैल्यूट कर रहा है. ऐसा ही एक नायक है सीनियर कॉन्स्टेबल सीजर बर्राजा. इस पुलिस अधिकारी की गोली ने ही आतंकी साजिद का काम तमाम कर दिया. ऑस्ट्रेलिया ने इस पुलिस अधिकारी की फायरिंग को Shot of a Lifetime कहा है.
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदी त्योहार के दौरान हुए हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पश्चिमी देशों से एंटीसेमिटिज्म के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में यहूदी समुदाय को मिटाने की कोशिशें हो रही हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.
दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया के Bondi Beach पर हुए आतंकी हमले में 16 यहूदियों की मौत हो गई और 42 लोग घायल हुए. 22 अप्रैल को भारत के पहलगाम में भी एक आतंकी हमला हुआ था पर विदेशी मीडिया ने इसे अलग तरीके से पेश किया. The New York Times ने इसे "Militant Attack" कहा, The Guardian ने "Suspected Militants" लिखा, BBC ने "Gunmen" कहा जबकि Bloomberg ने "Extremists" लिखा. लेकिन ऑस्ट्रेलिया हमले को इन्हीं मीडिया संस्थानों द्वारा "Terror Attack" कहा जा रहा है. यह दिखाता है कि भारत में हुई आतंकी घटनाओं को अक्सर आंतरिक समस्या माना जाता है जबकि विकसित देशों में इन्हें आतंकवाद माना जाता है. इस प्रतिबिंब से मीडिया के दोहरे मानकों और वैश्विक परसेप्शन की असमानता की पहचान होती है.
पहलगाम और ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच हमलों ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक दोहरे मापदंड उजागर कर दिए हैं. जहां भारत में हमलों को ‘चरमपंथी हिंसा’ कहा गया, वहीं पश्चिम में वही घटनाएं ‘आतंकी हमला’ बन जाती हैं. यह सोच वैश्विक एकजुटता की सबसे बड़ी बाधा है.
तेलंगाना पुलिस ने पुष्टि की है कि सिडनी के बॉन्डी बीच आतंकी हमले का एक हमलावर, साजिद अकरम, मूल रूप से हैदराबाद का था जो 27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था.. 15 लोगों की हत्या करने वाला साजिद 1998 में ऑस्ट्रेलिया गया था और भारतीय पासपोर्ट धारक था.
सिडनी में हुए ऑस्ट्रेलिया के सबसे घातक हमलों में से एक रविवार को हुआ था. इसमें 15 लोग मारे गए. जब बॉन्डी में हनुक्का उत्सव के दौरान काफी लोग जमा थे, तब बंदूकधारियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी. इस घटना के बाद भी बॉन्डी बीच पर लोगों का तांता लगा हुआ है. घटना में मारे गए लोगों को याद करने और उनके लिए प्रार्थना करने लोग जमा हो रहे हैं.
सिडनी में 15 निहत्थे नागरिकों को मारने वाले बॉन्डी बीच के आतंकी साजिद और नवीद अकरम इस्लामी संगठनों से मिलिट्री-स्टाइल ट्रेनिंग लेने के लिए फिलीपींस गए थे. फिलीपींस के इमिग्रेशन अधिकारियों के अनुसार साजिद के पास भारतीय पासपोर्ट था. जबकि उसके बेटे नवीद ने ऑस्ट्रेलियाई दस्तावेजों का इस्तेमाल किया.
सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए आतंकवादी हमले में तीन भारतीय अंतरराष्ट्रीय छात्र घायल हो गए हैं. इनमें से दो छात्रों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया है.