Shivalik ship reached India carrying LPG. US-Israel-Iran War LIVE Updates: मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल का युद्ध एक और अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है. लड़ाई कई मोर्चों पर फैल गई है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार तनाव में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य सहयोगी देशों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित करने में मदद के लिए नौसैनिक जहाज़ भेजने की गुजारिश की है. यह एक महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग है, जिसे ईरान ने रोकने की धमकी दी है. ट्रंप ने कसम खाई कि इस रास्ते को 'किसी भी तरह' फिर से खोल दिया जाएगा. इसके साथ ही ट्रंप ने दी है कि अगर शिपिंग बाधित रही तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. समुद्री अधिकारियों का कहना है कि जब से संघर्ष शुरू हुआ है, खाड़ी और उसके आसपास संचालित होने वाले करीब 16 जहाज़ों पर हमले हुए हैं.
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इशारा किया है कि नाकेबंदी जारी रहेगी, जबकि ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी अपनी सुविधाओं पर और हमले हुए, तो वे अमेरिकी कंपनियों से जुड़े ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं. इस गतिरोध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ना शुरू हो गया है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं और तेल बाज़ार हिल गए हैं.
इस बीच, पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायली सेना का कहना है कि ईरान ने वीकेंड में हमलों की कई लहरें शुरू कीं, जबकि ड्रोन हमलों ने इराक और लेबनान में कई जगहों को निशाना बनाया और मिसाइलों ने इजरायल के क्षेत्रों को निशाना बनाया. बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर पर भी ड्रोन से हमला किया गया.
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका के साथ कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं की है. मंत्रालय ने ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आह्वान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कई देशों से युद्धपोत भेजकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खुला रखने की अपील की थी. भारत ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर हितधारकों और कई देशों के साथ बातचीत जारी रखेगा. यहां पढ़ें पूरी खबर...
देश भर में LPG संकट के बीच 44 हजार मेट्रिक टन एलपीजी लेकर शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है. सूत्रों ने बताया कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का ये जहाज IOCL के लिए एलपीजी लेकर आया है. 20 हजार मेट्रिक टन LPG मुंद्रा पर खाली किया जाएगा, जिसमें करीब 24 घंटे लगेंगे. बाकी 24 हज़ार मेट्रिक टन एलपीजी लेकर जहाज मेंगलोर के लिए रवाना होगा.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच ईरान से 550 से ज़्यादा भारतीय नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का धन्यवाद किया.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने ईरान छोड़ रहे भारतीयों को सुरक्षित रास्ता दिलाने में आर्मेनिया की मदद की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल हालात में येरेवन की ओर से मिली मदद की वे बहुत कद्र करते हैं और उन्होंने अपने आर्मेनियाई समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान के सहयोग को भी सराहा.

इज़रायली सेना ने सोमवार को कहा कि उसने रात के समय तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक विमान को नष्ट कर दिया है. उसने बताया कि इस विमान का इस्तेमाल ईरान के वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य हस्तियां देश के अंदर और बाहर यात्रा करने तथा सहयोगी देशों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए करती थीं.
(Source: Reuters)
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान में एक और स्कूल पर हमला हुआ है. अमेरिकी-इजरायली सेना ने आज सुबह-सवेरे खोमेन शहर में स्थित 'शाहिद खोमेनी बॉयज़ स्कूल' पर हमला किया.
अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, फुजैराह बंदरगाह पर एक बार फिर ड्रोन से हमला हुआ है. यह बंदरगाह पहले भी कई बार ड्रोन हमलों का शिकार बन चुका है. रॉयटर्स के मुताबिक, अधिकारी इस हमले से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं.
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया, "अबू धाबी के अधिकारियों ने अल बह्या इलाके में एक नागरिक वाहन पर मिसाइल गिरने की घटना जानकारी दी है. मिसाइल गिरने से फ़िलिस्तीनी नागरिकता वाले एक शख्स की मौत हो गई है."
इलाके में आम जनता के लिए सलाह जारी करते हुए कहा गया है कि आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफ़वाहें या बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने से बचें.
इराक के एक सुरक्षा सूत्र ने अल जज़ीरा को बताया कि देश के हवाई रक्षा तंत्र बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास एक और ड्रोन को रोक रहे हैं. यह घटना उसी इलाके में एक अलग ड्रोन हमले की खबर आने के कुछ ही घंटों बाद सामने आई है.
एक अधिकारी ने बताया कि दुबई जाने वाली एमिरेट्स की एक फ़्लाइट सोमवार को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर लौट आई है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डेस्टिनेशन हवाई अड्डे पर एक सुरक्षा घटना की सूचना मिली थी.
तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने बताया कि एमिरेट्स की TRV–DXB फ़्लाइट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बंद होने के बाद बीच रास्ते से ही लौट आई और तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड कर गई.
इस फ़्लाइट में 353 यात्री और 19 क्रू सदस्य सवार थे. यह सुबह 4:40 बजे रवाना हुई थी और सुबह 8:40 बजे लौट आई. उन्होंने बताया कि यात्रियों को टर्मिनल में शिफ़्ट किया जाएगा.
अल जज़ीरा ने 'वॉयस ऑफ़ अमेरिका' की फ़ारसी सेवा की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि US के लड़ाकू विमानों ने कथित तौर पर चाबहार फ्री ट्रेड ज़ोन के पास स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों के बाद, इस ज़ोन के पीछे स्थित एक पहाड़ी इलाके से ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं.
चाबहार फ्री ट्रेड ज़ोन, दक्षिण-पूर्वी ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है, जो पाकिस्तान की सीमा के काफी करीब है.
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इजरायली सेना ने सोमवार को कहा कि अग्रिम रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाल के दिनों में उसके सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों के खिलाफ सीमित जमीनी अभियान शुरू किए हैं.
(with inputs from Reuters)
दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एहतियाती उपाय के तौर पर उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बाद, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से और वहां के लिए चुनिंदा गंतव्यों तक कुछ उड़ानों को धीरे-धीरे फिर से शुरू करने की घोषणा की है.
प्राधिकरण ने कहा, "यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उड़ानों से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए अपनी एयरलाइनों से संपर्क करें."
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सोमवार को दुबई आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दीं. यह कदम दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन को अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने के बाद उठाया गया, जिसके पीछे एक ड्रोन से जुड़ी घटना थी. एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले की वजह से एक फ्यूल टैंक में आग लग गई थी.
एयरलाइन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एयरपोर्ट से आने-जाने वाली सभी फ़्लाइट सेवाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया है. इसके चलते, दुबई से आने-जाने वाली Air India और Air India Express की फ़्लाइट्स आज के लिए रद्द कर दी गई हैं.”
एयरलाइन ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को भविष्य की किसी तारीख़ के लिए दोबारा बुकिंग करने या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी बुकिंग रद्द करके पूरा रिफ़ंड पाने का विकल्प दिया जाएगा.
Air India Express ने कहा कि अबू धाबी, रास अल खैमाह और शारजाह से आने-जाने वाली उसकी एड-हॉक फ़्लाइट सेवाएं तय समय के मुताबिक जारी रहेंगी.
दुबई मीडिया ऑफिस द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, दुबई के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने यात्रियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर उड़ान सेवाओं को निलंबित करने की घोषणा की है.
दुबई मीडिया ऑफिस ने कहा, "दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी सभी यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के अस्थायी निलंबन की घोषणा करता है."
देश के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका और इज़रायल द्वारा दो हफ़्तों तक किए गए हमलों के दौरान, ईरान भर में 50 से ज़्यादा सांस्कृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है.
मंत्रालय ने बताया कि 56 जगहों पर असर पड़ा है, जिनमें संग्रहालय, बाज़ार, ऐतिहासिक सरकारी इमारतें और मस्जिदें शामिल हैं. जिन ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है, उनमें गोलेस्तान महल, शाह अब्बास मस्जिद और 17वीं सदी का चेहेल सोतून शामिल हैं.
मंत्रालय ने आगे बताया कि कुर्दिस्तान क्षेत्र के साथ-साथ लोरेस्तान और करमानशाह प्रांतों में स्थित स्थलों पर भी इन हमलों का असर पड़ा है.
(with inputs from AP)
UAE की हवाई सुरक्षा प्रणाली इस समय ईरान से आ रहे मिसाइल हमलों और ड्रोन का सामना कर रही है. देश के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश के अलग-अलग इलाकों में जो आवाज़ें सुनी गईं, वे हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने, और लड़ाकू विमानों द्वारा ड्रोन-लोइटरिंग म्यूनिशन्स को रोकने का नतीजा हैं.
UAE की हवाई सुरक्षा प्रणाली इस समय ईरान से आ रहे मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रही है.
सोमवार को तेल की कीमतें बढ़ गईं, क्योंकि बाज़ार का ध्यान फिर से मध्य-पूर्व में तेल एक्सपोर्ट की जगहों पर मंडरा रहे खतरों पर चला गया. यह सब ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद के बीच हुआ, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा में मदद करने की अपील की थी, जो कि दुनिया का एक अहम एनर्जी कॉरिडोर है.
ब्रेंट क्रूड वायदा 0400 GMT तक $1.27, या 1.2% बढ़कर $104.41 प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 54 सेंट, या 0.6% बढ़कर $99.25 प्रति बैरल हो गया.
इस महीने दोनों बेंचमार्क 40% से ज़्यादा बढ़कर 2022 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. ऐसा तब हुआ जब अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही रोक दी, जिससे दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया.
ING ग्रुप के विश्लेषकों ने कहा कि सप्लाई को लेकर चिंताएं तब और बढ़ गईं जब वीकेंड में अमेरिकी हमलों ने खर्ग द्वीप को निशाना बनाया, जहां से ईरान के ज़्यादातर कच्चे तेल का एक्सपोर्ट होता है.
(with inputs from Reuters)
जापान का कहना है कि वह अपने रणनीतिक तेल भंडार को रिलीज करना शुरू कर रहा है, क्योंकि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने संकेत दिया था कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में एशिया और ओशिनिया में यह प्रक्रिया पहले शुरू होगी. जापान अपने तेल आयात का 95% हिस्सा मध्य पूर्व पर निर्भर रहता है.
मिडिल ईस्ट में महाजंग का आगाज हो चुका है. ईरान ने रविवार को इजरायल पर 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत 54वीं लहर का हमला बोल दिया है. इस हमले में पहली बार सॉलिड-फ्यूल से चलने वाली खतरनाक सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है, जिसने इजरायली सैन्य बुनियादी ढांचे को दहला दिया है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार 15 मार्च को इजरायल के खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 54वीं लहर शुरू की. ईरानी सेना ने इजरायल के उन प्रशासनिक और निर्णय लेने वाले केंद्रों को निशाना बनाया जो हवाई अभियानों को नियंत्रित करते हैं. यह हमला चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष के बीच जवाबी कार्रवाई के रूप में किया गया है. इस ऑपरेशन में इजरायली सैन्य बुनियादी ढांचे और सुरक्षा बलों के जमावड़े वाले प्रमुख स्थानों पर बमबारी की गई. ईरान ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पहली बार इस अभियान में ठोस ईंधन वाली सेजिल मिसाइलों का प्रयोग किया.
NBC न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि भारत और ईरान ने दो भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने देने के लिए एक समझौता किया है.
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते शिपिंग को फिर से शुरू करने का सबसे असरदार तरीका ईरान के साथ सीधे बातचीत करना है. रविवार को प्रकाशित 'फाइनेंशियल टाइम्स' के साथ एक इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि तेहरान के साथ उनकी चल रही बातचीत के नतीजे अभी से दिखने लगे हैं. उन्होंने कहा, "मैं इस समय उनसे बातचीत में लगा हुआ हूं और मेरी बातचीत के कुछ नतीजे भी निकले हैं." उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह बातचीत फायदेमंद बनी रहती है, तो इसे जारी रखा जाएगा.
जापान ने सोमवार को कहा कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा अभियान चलाने पर विचार नहीं कर रहा है. यह बयान तब आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों से इस अहम शिपिंग मार्ग की सुरक्षा में मदद के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की थी. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने कहा कि टोक्यो को अमेरिका से जलडमरूमध्य में जहाज़ों की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना तैनात करने का कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए इस मामले पर और ज़्यादा टिप्पणी करना मुश्किल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान पर आरोप लगाया कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल एक "गलत जानकारी फैलाने वाले हथियार" के तौर पर कर रहा है, जिससे युद्ध के दौरान मिली अपनी सफलताओं और समर्थन को गलत तरीके से पेश कर सके.
ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "AI बहुत खतरनाक हो सकता है, हमें इसके इस्तेमाल को लेकर बहुत सावधान रहना होगा."
यह बात उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करने के कुछ ही देर बाद कही. उस पोस्ट में उन्होंने पश्चिमी मीडिया संस्थानों पर बिना किसी सबूत के यह आरोप लगाया था कि वे AI से तैयार "फर्जी खबरें" फैलाने के लिए ईरान के साथ "करीबी तालमेल" बनाकर काम कर रहे हैं.
(with inputs from Reuters)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन सात देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया, जिनके बारे में उन्होंने कहा था कि वे मध्य-पूर्व के कच्चे तेल पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं और वॉशिंगटन उन्हें होर्मुज़ जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए बने गठबंधन में शामिल होने के लिए मना रहा है. इस जलडमरूमध्य से आम तौर पर दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुज़रता है.
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने ड्रोन हमले के बाद अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं. इस हमले के कारण एयरपोर्ट परिसर में आग लग गई थी. दुबई के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इस निलंबन को एहतियाती कदम बताया है.
(With Reuters inputs)
दुबई मीडिया ऑफिस का कहना है कि सिविल डिफेंस की टीमों ने उस आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है, जो दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मौजूद फ्यूल टैंक में से एक पर हुए हमले के कारण लगी थी.
(With Reuters inputs)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनका प्रशासन होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर सात देशों के साथ बातचीत कर रहा है.
(With Reuters inputs)
दुबई मीडिया ऑफिस ने सोमवार को बताया कि अधिकारी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले के कारण लगी आग से निपट रहे हैं.
(Reuters)
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रविवार को दक्षिणी लेबनान के टायर ज़िले में हुए एक इज़राइली हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. मंत्रालय के मुताबिक, इसी इलाके के मरजेयौन ज़िले में हुए एक और हमले में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए.
मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च को हिज़्बुल्लाह द्वारा उत्तरी इज़राइल की ओर रॉकेटों की बौछार किए जाने के बाद, जब हिज़्बुल्लाह और इज़राइल के बीच संघर्ष फिर से भड़का, तब से अब तक इज़रायली हमलों में लेबनान में 850 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 107 बच्चे और 66 महिलाएं शामिल हैं.
(With AP inputs)
US कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल से ऊपर चली गई है, क्योंकि ईरान युद्ध के चलते मध्य पूर्व में शिपिंग और उत्पादन में रुकावटें जारी हैं. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग फिर से शुरू होने के कुछ ही समय बाद करीब $101.02 प्रति बैरल पर बिक रहा था. यह शुक्रवार के बंद भाव $98.71 से 2.3 प्रतिशत ज्यादा था.
अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड के एक बैरल की कीमत रविवार को $106.39 पर ट्रेड कर रही थी, जिसमें 2.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.
युद्ध शुरू होने के बाद से WTI और ब्रेंट, दोनों की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई है. सभी की नज़रें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टिकी हैं, जहां से आम तौर पर दुनिया के कुल तेल निर्यात का पांचवां हिस्सा गुज़रता है.
(Associated Press)
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से कहा है कि वे इस क्षेत्र के देशों पर ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों को तत्काल रोकें, चाहे वे हमले सीधे तौर पर किए जा रहे हों या किसी मध्यस्थ के ज़रिए, जिनमें लेबनान और इराक भी शामिल हैं. मैक्रों ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए इस बात की जानकारी दी.