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स्कूलों में घुसकर फोटो-वीडियो बनाने वालों खबरदार! राजस्थान सरकार ने बनाई नई गाइडलाइन

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब बिना अनुमति बाहरी लोगों की एंट्री नहीं हो सकेगी. शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए फोटो, वीडियो, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी प्रिंसिपल की लिखित इजाजत लेनी होगी.

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राजस्थान के स्कूलों के कई वीडियो वायरल हुए थे. (Photo- ITG)
राजस्थान के स्कूलों के कई वीडियो वायरल हुए थे. (Photo- ITG)

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब आउटसाइडर्स की एंट्री और स्टूडेंट्स की फोटो-वीडियो बनाने को लेकर सख्ती होगी. शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा कि प्रिंसिपल या संस्था प्रधान की पहले से लिखित परमिशन के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल कैंपस में एंट्री नहीं दी जाएगी. सरकारी काम से आने वाले अधिकृत अधिकारियों को इससे छूट रहेगी.

स्कूल में आने वाले हर आउटसाइडर को विजिटर रजिस्टर में अपनी डिटेल्स दर्ज करनी होंगी. बिना परमिशन कोई भी व्यक्ति सीधे क्लासरूम, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, हॉस्टल या स्टूडेंट्स से जुड़े दूसरे हिस्सों में नहीं जा सकेगा. जरूरत पड़ने पर प्रिंसिपल किसी व्यक्ति को स्कूल में एंट्री देने से मना भी कर सकेंगे. शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का मकसद बच्चों की सेफ्टी, गरिमा और प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करना है.

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फोटो-वीडियो और इंटरव्यू के लिए भी परमिशन जरूरी

नए निर्देशों के मुताबिक स्टूडेंट्स, टीचर्स या स्कूल की एक्टिविटीज की फोटो लेने, वीडियो बनाने, इंटरव्यू करने, ऑडियो रिकॉर्ड करने या लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रिंसिपल की पहले से लिखित परमिशन जरूरी होगी. स्टूडेंट्स की फोटो, वीडियो या पर्सनल इंफॉर्मेशन को इस तरह शेयर करने पर भी रोक रहेगी, जिससे उनकी प्राइवेसी या सेफ्टी पर असर पड़ सकता है.

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अगर कोई व्यक्ति बिना परमिशन स्कूल में एंटर करता है, कैंपस छोड़ने से मना करता है या फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश करता है, तो स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इन्फॉर्म कर सकेगा. मामले के आधार पर बीएनएस, पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और आईटी एक्ट के तहत एक्शन भी लिया जा सकता है.

स्कूलों की बदहाली के बीच आदेश पर सियासत

इन नए रूल्स को लेकर पॉलिटिकल कंट्रोवर्सी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली दूर करने के बजाय अपनी कमियां छिपाने के लिए ट्रांसपेरेंसी खत्म कर रही है.

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वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका ने कहा कि स्कूलों को ठीक करने के बजाय सरकार स्कूल इंस्पेक्शन पर रोक लगाने में लगी है. उन्होंने कहा कि ऐसे ऑर्डर के बावजूद उनकी टीम सरकारी स्कूलों की ग्राउंड रियलिटी देखने और सुधार की कोशिश जारी रखेगी.

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