CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को अपने गृह जिले हिंगोली के औंढा में एक सरकारी स्कूल का दौरा किया. उन्होंने यह दौरा स्कूल ठीक करो अभियान के तहत किया. इस दौरान उन्होंने छात्रों के लिए दिए जाने वाले भोजन के सामान में एक्सपायर्ड पैकेट मिलने का दावा किया. उन्होंने स्कूल में खराब पानी के फिल्टर और स्कूल के बाथरूम में पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया. छात्र कार्यकर्ता दिपके ने मीडिया को मसालों के पैकेट दिखाए और दावा किया कि इनकी एक्सपायरी फरवरी में हो चुकी थी.
दिपके ने कहा कि छात्रों को फरवरी में एक्सपायर हो चुके पैकेट से खाना दिया जा रहा है और अब सितंबर शुरू होने वाला है. उन्होंने सवाल किया कि क्या मंत्रियों के बच्चों को भी इन्हीं पैकेट से खाना खिलाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि छात्र गरीब परिवारों से आते हैं, इसलिए उन्हें एक्सपायर हो चुका खाना खिलाया जाएगा. दिपके ने स्कूल की पानी की टंकी की जांच की और उसमें मौजूद पानी को भी देखा. उन्होंने संबंधित क्षेत्र के अधिकारी से भी बात की.
भोजन के पैकेट छह महीने से इस्तेमाल किए जा रहे
अधिकारी से फोन पर बात करते हुए दिपके ने कहा कि भोजन के पैकेट छह महीने से इस्तेमाल किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल में फिल्टर लगा है, लेकिन उसके काम नहीं करने की वजह से छात्र बोरवेल का पानी पी रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बाथरूम में पानी नहीं है. दिपके ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्कूल में 87 छात्रों के लिए केवल दो कमरे हैं, जबकि चार कक्षाएं स्वीकृत हैं. दिपके ने ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को सामने लाने और सरकार से जवाबदेही की मांग करने के लिए 15 अगस्त को School Thik Karo अभियान शुरू किया था.