
जहां एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पूरे उत्साह के साथ अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनके एक ऐसे कथित इंटरव्यू की चर्चा हो रही है, जिसमें वो निरुत्तर हो गए.
ऐसा कहा जा रहा है कि 'द पैम्फलेट' की श्रेया अरोड़ा नाम की एक एंकर ने दीपके को शिक्षा के मुद्दे पर एक इंटरव्यू में ऐसा घेरा कि उन्हें बीच में ही भागना पड़ा.
मिसाल के तौर पर, एक एक्स यूजर ने लिखा, 'अभिजीत दीपके को इस पत्रकार श्रेया अरोड़ा ने बुरी तरह धो डाला!!" साथ ही, अंत में लिखा, "और अभिजीत शो से भाग निकले!.'

बहुत सारे लोग इस इंटरव्यू को असली मान रहे हैं.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्ट पूरी तरह फर्जी है. एंकर श्रेया अरोड़ा ने खुद इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि उन्होंने दीपके का कोई इंटरव्यू नहीं लिया.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल पोस्ट के मुताबिक, अभिजीत दीपके पहले सवाल के जवाब में कहते हैं कि भारत के सरकारी स्कूलों में सुधार तभी हो सकता है जब नेताओं और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें.
उन्होंने 12 अगस्त को '#स्कूलठीककरो' अभियान का ऐलान किया था. उसके बाद ही स्कूलों को लेकर चर्चा ने जोर पकड़ा है. लिहाजा हमने 'द पैम्फलेट' के यूट्यूब चैनल पर मौजूद 12 अगस्त के बाद के सभी वीडियो देखे. हमें कहीं भी अभिजीत दीपके का इंटरव्यू नहीं दिखा. हालांकि चैनल पर दीपके और सीजेपी के बारे में कुछ पॉलिटिकल कमेंट्री और विश्लेषण वाले वीडियो हैं. 'द पैम्फलेट' के बाकी सोशल अकाउंट्स पर भी ऐसा कोई इंटरव्यू नहीं है.
श्रेया अरोड़ा ने 20 अगस्त को इस पोस्ट के बारे में स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने लिखा, "मैंने अभी तक उनका इंटरव्यू नहीं लिया है. लेकिन मैं सीजेपी के अभिजीत दीपके और सौरव दास को चुनौती देती हूं कि आम आदमी पार्टी से कथित कनेक्शन के आरोपों, दीपके के बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के दावों, सौरव दास के रेंटल एग्रीमेंट, और फंडिंग से जुड़े सवालों का जवाब दें."
हमें दीपके का ऐसा कोई इंटरव्यू नहीं मिला जिसमें इस तरह की बातचीत हुई हो और वो घबराकर बगलें झांकने पर मजबूर हो गए हों.
हमने इस संदर्भ में सीजेपी का पक्ष जानने के लिए उनसे भी संपर्क किया है. उनका जवाब आने पर उसे स्टोरी में अपडेट किया जाएगा.