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ऑनलाइन पेपर कराना बस का नहीं तो एग्जाम क्यों लेते हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क परीक्षा गड़बड़ी पर भड़के अभिजीत दिपके

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी हुई. इसमें कंप्यूटर सिस्टम फेल हो गए. कई छात्रों को जबरन फेल घोषित कर दिया गया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार और परीक्षा व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की है.

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अभिजीत दीपके ने बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क परीक्षा गड़गड़ी पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो-PTI)
अभिजीत दीपके ने बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क परीक्षा गड़गड़ी पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो-PTI)

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक परीक्षा के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आया है. दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट की क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान भारी तकनीकी गड़बड़ी देखने को मिली है. टाइपिंग परीक्षा के वक्त कंप्यूटर सिस्टम फेल होने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. 

इस पूरी घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सीधे तौर पर सिस्टम की नाकामी को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है.

परीक्षा शुरू होते ही कंप्यूटर और सर्वर हुए खराब

अभिजीत दिपके ने मीडिया से बात करते हुए पूरी घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुबह छात्रों ने उन्हें फोन पर परीक्षा में हुई धांधली की सूचना दी. जैसे ही छात्र अपनी सीटों पर बैठकर परीक्षा देने लगे, बड़ी तकनीकी खामियां सामने आ गईं. कई छात्रों के कंप्यूटर के माउस काम नहीं कर रहे थे. वहीं, अन्य कई छात्रों के कीबोर्ड भी पूरी तरह से खराब निकले.

अभिजीत दिपके ने कहा महज दस मिनट के अंदर ही ज्यादातर छात्रों को सिस्टम से जबरन लॉग आउट कर दिया गया. इसके तुरंत बाद उन सभी छात्रों को फेल घोषित कर दिया गया. दिपके ने कहा कि यह सरकार और परीक्षा प्रणाली की बहुत बड़ी असफलता है, जो ढंग से ऑनलाइन परीक्षा भी नहीं करवा सकती है.

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जिला जज से लिखित आश्वासन की मांग

अभिजीत दिपके ने परीक्षा अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने अंदर जाकर अधिकारियों से अपनी परेशानी की शिकायत की, तो उनके साथ बहुत बदसलूकी की गई. अधिकारियों ने छात्रों से यहां तक कह दिया कि उन्हें परीक्षा देने की भी कोई समझ नहीं है. 

इस पर भड़कते हुए दिपके ने कहा कि अगर अधिकारियों में इतनी ही समझ थी, तो उन्हें पहले से ही दुरुस्त कंप्यूटर और सही कीबोर्ड लगवाने चाहिए थे. उन्होंने मांग की कि परीक्षा हॉल के अंदर मौजूद जिला कोर्ट के जज को बाहर आना चाहिए. जज को लिखित आश्वासन देना होगा कि यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी. दिपके ने साफ किया कि परीक्षा दोबारा होने पर वही पुराने और खराब कंप्यूटर इस्तेमाल नहीं होने दिए जाएंगे.

अभिजीत दिपके ने सरकार से कड़े सवाल पूछते हुए तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर आपके पास जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, आप ऑनलाइन परीक्षा संभालने में पूरी तरह असमर्थ हैं, तो ऐसी परीक्षाएं आयोजित ही क्यों की जाती हैं? इसका उद्देश्य क्या है? 

दिपके ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है. पूरे देश और महाराष्ट्र में अक्सर ऑनलाइन परीक्षाओं के सर्वर क्रैश हो जाते हैं. कभी कीबोर्ड खराब होता है तो कभी माउस काम करना बंद कर देता है. हर परीक्षा का यही हाल रहता है,

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उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई एक ऐसी ऑनलाइन परीक्षा का नाम बता दें जो बिना किसी तकनीकी गड़बड़ी के पूरी हुई हो. जब सरकार और सिस्टम अपनी नाकामी से अच्छी तरह वाकिफ हैं, तो वे बार-बार ऐसी परीक्षाएं कराकर युवाओं-छात्रों के भविष्य को क्यों खतरे में डाल रहे हैं?

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