कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) संस्थापक अभिजीत दिपके हिंगोली जिले के दौरे पर हैं. दो दिन पहले उन्होंने संतुक पिंपरी गांव के जिला परिषद स्कूल का जायजा लिया था. उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल पर शराब के नशे में रहने का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की थी.
आज उन्होंने फिर से गांव का दौरा किया और बेहतर स्कूली व्यवस्था के लिए अनशन पर बैठे ग्रामीणों से मुलाकात की. दिपके ने बताया कि प्रशासन ने ग्रामीणों की मांगों को मान लिया है. और प्रिंसिपल को निलंबित कर स्कूल में तुरंत चार शिक्षक नियुक्त करने पर भी सहमति बन गई है. साथ ही बच्चों के लिए बेंच भी आ गई.
अभिजीत दिपके का कहना है कि सभी राज्यों में स्कूलों की बेहतर व्यवस्था को लेकर आंदोलन शुरू हो चुका है. दिपके का कहना है कि सरकार स्कूलों की हकीकत को छुपाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छुपाने से असलियत बदल नहीं सकती.
अभिजीत दिपके ने बताया कि अब्दुल उनके साथ जंतर मंतर प्रोटेस्ट में था. जब उन्होंने 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की तो अब्दुल बंगाल चला गया और वहां स्कूलों का निरीक्षण करने लगा. दिपके ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अब्दुल के साथ मारपीट की. इस दौरान जब अब्दुल के पिता बचाव के लिए आए तो मारपीट में उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि अब्दुल उनका परिवार, उनका भाई है.
हालांकि इस मामले पर बंगाल पुलिस ने सफाई पेश की है. सरकार ने X पर पोस्ट करके साफ किया कि 13 अगस्त की रात इंडास में शेख अब्दुल हफीज उर्फ रिक के घर पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया था.
यह घटना उसी दिन सुबह रिक के करीसुंडा पश्चिमपाड़ा प्राइमरी स्कूल जाकर स्कूल की सुविधाओं के बारे में पूछताछ करने से जुड़ी बताई जा रही है. इस घटना में रिक के पिता शेख मोहम्मद मफीक को मामूली चोट आई थी, जिसमें एक टांका लगा था.
15 अगस्त की सुबह मफीक को ब्लड प्रेशर में भारी उतार चढ़ाव होने पर खुद ही बर्धमान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने जांच में कोई जानलेवा चोट नहीं पाई थी, लेकिन उसी रात मफीक की मौत हो गई. मौत के बाद यह गलत खबर फैलने लगी कि मफीक की मौत एक बर्बर हमले की वजह से हुई है. पुलिस ने इसे पूरी तरह गलत बताया है.
बंकुड़ा पुलिस ने दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें शुरुआती एफआईआर में नाम आए 3 लोग और बाद में पकड़े गए 5 अन्य शामिल हैं. सभी आरोपियों को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है, और रिक के घर पर पुलिस पहरा लगा दिया गया है.
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अभिजीत दिपके का कहना है कि जब तक सभी स्कूलों की स्थिति ठीक नहीं होती तब तक उनका यह अभियान जारी रहेगा.