फेसबुक
फेसबुक इंक. और फेसबुक डॉट कॉम इंक (Facebook, Inc., Facebook.com Inc), जो अब मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms, Inc) के नाम से जाना जाता है, एक अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी ग्रुप है. इसका मुख्यालय मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया में स्थित है (Headquarter of Facebook). फेसबुक 2004 में अस्तित्व में आया. इसके को-फाउंडर और सीईओ मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) हैं (Founder and Foundation of Facebook). यह कंपनी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेन्ट कंपनी है. मेटा दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है. यह Google, Amazon, Apple और Microsoft के साथ-साथ पांच बड़ी अमेरिकी इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है.
मेटा के अंतर्गत Facebook, Messenger, Facebook Watch और Facebook Portal शामिल हैं. इस कंपनी के तहत ओकुलस (Oculus), गिफी, मैपिलरी, कस्टोमर का भी अधिग्रहण हुआ है (Other Company of Meta). साथ ही, जियो प्लेटफॉर्म्स में इसकी 9.99% हिस्सेदारी है (Facebook stake in Jio Platforms).
फेसबुक ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ 1 जनवरी 2012 को जारी किया. आईपीओ के बाद, जकरबर्ग का फेसबुक में 22% की हिस्सेदारी है और 57% वोटिंग शेयरों के मालिक हैं (IPO of Facebook).
इस दौरान Facebook, Inc./Meta ने कई कंपनियों को खरीदा है. अक्टूबर 2013 में, Facebook ने एक इजरायली मोबाइल वेब एनालिटिक्स कंपनी ओनावो (Onavo, Israeli mobile Company) का अधिग्रहण किया. फरवरी 2014 में, मोबाइल मैसेजिंग कंपनी, व्हाट्सएप को 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा और उसी वर्ष, फेसबुक ने ओकुलस वीआर $2.3 बिलियन में खरीदा, जिसका पहला हेडसेट 2016 में जारी किया (Oculus Headset).
महाराष्ट्र के पालघर में नालासोपारा में शिवसेना की नगरसेविका हेमलता सिंह पर एक शख्स के साथ मारपीट का आरोप लगा है. पीड़ित धर्मेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि नगरसेविका उसके फेसबुक कमेंट से नाराज थीं. ऐसे में उनके सहयोगियों ने उसे होटल में घेरकर लाठी-डंडों से पीटा और उसकी सोने की चेन और स्मार्टफोन छीन लिया.
Meta अब अपने प्लेटफॉर्म में एक बड़ा बदलाव कर सकता है, जिसके बाद उसको अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम को बच्चों के लिए कुछ पाबंदी लगानी पड़ सकती हैं. नए नियम के तहत मेटा फेसबुक और इंस्टाग्राम को टीनएजर्स के लिए पूरी रात के लिए बंद रखेगा और दिन में दो घंटे की पाबंदी भी लागू करेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Meta के खिलाफ चल रहे चर्चित में समझौता करना पड़ा है और सवा 1 लाख करोड़ रुपये की रकम बतौर सेटेलमेंट देनी पड़ेगी. इस केस में मेटा के ऊपर गंभीर आरोप लगे और इस मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग को भी कोर्ट में पेश होने की संभावना जताई थी.
अमेरिका में टिकटॉक ने 3828 करोड़ रुपये का सेटलमेंट किया है. टिकटॉक ने यह समझौता एक पुराने केस में किया है, जिसमें टिकटॉक पर कई गंभीर आरोप लगे थे. अब वे केस खत्म कर दिए जाएंगे. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
'मेटा' यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अमेरिका के चार राज्यों ने आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर अपने ऐप्स को इस तरह डिजाइन किया, जिससे बच्चों को इसकी लत लग जाए. आरोप है कि मेटा को अच्छी तरह पता था कि कम उम्र के बच्चे मानसिक रूप से संवेदनशील होते हैं. इसके बावजूद, कंपनी ने 'इनफिनिट स्क्रॉल', 'ऑटोप्ले' और 'लाइक' बटन जैसे फीचर्स बनाए ताकि बच्चे दिन-रात ऑनलाइन बने रहें. अगर मेटा यह केस हारती है, तो उसे 200 अरब डॉलर जुर्माने के रूप में देना पड़ सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में आम आदमी पार्टी के इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट्स को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है. अदालत ने मेटा को निर्देश दिया है कि आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के बाद ही ये अकाउंट्स बहाल किए जाएं. ये आदेश पार्टी की याचिका पर सुनाया गया, जिसमें बिना पूर्व सूचना के सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक करने को गलत बताया गया था.
अमेरिका में फेसबुक और इंस्टाग्राम के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है. दरअसल सोशल मीडिया की लत लोगों को तेजी से लग रही है. एक सर्वे में ये आया है कि ज्यादातर अमेरिकी सोशल मीडिया पर रेस्ट्रिक्शन चाहते हैं.
भारत सरकार अब Meta के बाद दूसरे प्लेटफॉर्म से भी बातचीत करने की योजना बना रही है. सूत्र के मुताबिक, सरकार यह जांच करेगी कि भारतीय कानून के तहत वे इंटरमीडियरी की परिभाषा में आते हैं या नहीं.
सीतापुर के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने दामाद और समधी की गिरफ्तारी के बाद पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि विवाह के समय उन्हें कथित मामलों की जानकारी नहीं थी. विधायक ने आरोपी पक्ष से सभी रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया और शिकायत करने वाली महिलाओं को जल्द न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.
इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा पर एक बड़ा जुर्माना लगाया गया है. न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने मेटा पर बड़ा जुर्माना लगाया है. Meta को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 56.7 करोड़ डॉलर (567 मिलियन डॉलर) का भुगतान करना होगा.
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी META को अमेरिका में बड़ा कानूनी झटका लगा है. न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने युवाओं को सोशल मीडिया से हुए कथित नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को 567 मिलियन डॉलर (करीब ₹5,000 करोड़) चुकाने का आदेश दिया है. यह फैसला बच्चों की मानसिक सेहत और सुरक्षा से जुड़े चर्चित मुकदमे में आया है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड कंटेंट पर सिंथेटिक कंटेंट और AI का लेबल लगाना होगा. गौरकानूनी कंटेंट हटाने के लिए 3 घंटे का ही समय होगा. हालांकि अभी ऐसा लग रहा है जैसे सोशल मीडिया कंपनियां इसे मान नहीं रही हैं. सरकार कई महीनों से कह रही है कि बदलाव होगा और गैरकानूनी कंटेंट 3 घंटे में कंपनियों को हटाने ही होंगे.
मेटा इन दिनों भारत में विवादों में है. पीएम मोदी की पोस्ट हटाने से लेकर इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर सेक्शुल कंटेंट परोसे जाने को लेकर बड़े आरोप लगे हैं. कंपनी ने माफी भी मांगी है. लेकिन असली सवाल ये है कि क्या ये बिग टेक कंपनियां खुद को भारतीय कानून से ऊपर समझती हैं? अगर नहीं, तो ऐसा दोहरापन क्यों?
मेटा ने दो दिनों में दो बार माफी मांगी. प्रधानमंत्री मोदी के ऑफिशियल वीडियो को ब्लॉक करने के लिए और चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज व डीपफेक कंटेंट प्रमोट करने के लिए. हर बार ठीकरा एल्गोरिदम पर फोड़ा गया. जब जकरबर्ग ने मान लिया है कि उनका सिस्टम ही शरारती है, तो भारत को ’सेफ हार्बर’ की छूट खत्म कर मेटा पर स्थायी नकेल कसनी होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से वीडियो हटाने वाले मामले के बाद अब मेटा ने खेद जताया है. केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई मीटिंग में कंपनी ने न सिर्फ इस घटना पर खेद जताया बल्कि कुछ मामलों में माफी मांगी है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज रिलेटेड कंटेंट को लेकर सरकार से माफी मांग ली है. उन्होंने माना है कि कंपनी से गड़बड़ी हुई है और आगे इसे ठीक किया जाएगा.
भारत सरकार लगातार मेटा से बातचीत कर रही है और क्लैरिफिकेशन मांग रही है. दरअसल फेसबुक से पीएम मोदी का एक वीडियो कुछ समय के लिए हटा लिया गया था. हालांकि अब तक फेसबुक से कोई सॉलिड रेस्पॉन्स नहीं मिला है.
मेटा प्लेटफॉर्म्स पर कई बार ऐसे वीडियोज भी डिलीट कर दिए जाते हैं जो आपत्तिजनक किसी लिहाज से नहीं होते. बाद में वीडियो वापस भी आ जाते हैं, लेकिन कंपनी कभी भी क्लियर नहीं करती है कि ऐसा क्यों हुआ था. पीएम मोदी के वीडियो डिलीट मामले में भी यही हो रहा है. कंपनी सिर्फ सॉरी बोल रही है और एल्गोरिद्म के बहाने बना रही है. लेकिन इस बार मेटा को सबकुछ साफ साफ बताना ही होगा.
पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हटा लिया गया था. सीजेपी स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पीएम ने वीडियो डाला था. हालांकि तुरंत ये वीडियो वापस आ गया. सरकार अब मार्क जकरबर्ग से माफी मंगवाना चाहती है.
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने मार्क जुकरबर्ग से कहा कि सरकार के दबाव में माफी न मांगें, क्योंकि भारत सरकार अक्सर आलोचनात्मक कंटेंट हटवाती रहती है. यह बयान प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के विवाद के बीच आया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक वीडियो हटाने के मामले में संसदीय सूचना प्रौद्योगिकी समिति ने मेटा कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. समिति अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने खुद मार्क जुकरबर्ग से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर माफी नहीं मिली तो 'सेफ हार्बर' सुरक्षा वापस ली जाएगी.