10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पुलिस ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है. साथ ही उनका कनेक्शन विदेशी साइबर ठगों से भी था.
कुछ महीने पहले पुणे में एक बुजुर्ग को पहले डिजिटल अरेस्ट किया और फिर उनको 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाया. इसके बाद पुणे पुलिस ने इस मामले की जांच की और अब जांच सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर तक पहुंच चुकी है.
आरोपी की पहचान रोहन रामेश्वर जाधव के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक 82 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर उनके बैंक खातों से करीब 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये की रकम ठगी करने में मदद की थी.
ठाणे साइबर पुलिस थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बुजुर्ग को फोन कर उनके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज होने और गिरफ्तारी की बात कहकर डराया. परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार किए जाने का भय दिखाया गया.
आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए बुजुर्ग को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया.
इस साइबर ठगी में बुजुर्ग से कुल 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये की ऑनलाइन आर्थिक ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है.
कई खातों में ट्रांसफर हुई रकम
जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से एक बड़ी रकम एक बैंक खाते में जमा की गई थी. इसके बाद यह रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई.
साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की, इस मामले में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच में आरोपी रोहन जाधव का नाम सामने आया. पुलिस के मुताबिक, वह इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था.
29 साइबर ठगी के मामलों से कनेक्शन
पुलिस जांच में आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों से जुड़े 29 साइबर ठगी के मामले और NCRP शिकायतें सामने आई हैं.
आरोपी के अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े आरोपियों के संपर्क में होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. इसी आधार पर उसके खिलाफ अदालत से नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया था.
इंस्टाग्राम पर ‘रोहन जाधव’ बनकर करता था काम
पुलिस के मुताबिक, रोहन जाधव मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला है और वर्ष 2022 से पिंपळे निलख इलाके में रह रहा था. वह इंस्टाग्राम पर रोहन जाधव नाम से सक्रिय था और रियल स्टार के रूप में काम करता था.
पुलिस ने आरोपी के बैंक बिहेवियर, आर्थिक लेन-देन और अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों के सबूत जुटाए. इन्हीं सबूतों के आधार पर रोहन जाधव को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस की जांच में अब तक इस मामले में 1 करोड़ 34 लाख रुपये की रकम और कुल 5,436 बैंक खातों में शिकायतकर्ता के पैसे ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम आखिर किन-किन खातों और आरोपियों तक पहुंची.