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AI बेकाबू हो रहा है! AI कंपनियों के 1100 लोगों ने अमेरिकी सरकार से की मांग, AI पर लगाएं ब्रेक

आर्टफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए अपील की गई है. OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी एआई कंपनियों के कर्मचारियों ने ट्रंप सरकार से एआई को स्लो करने की मांग की है.

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AI की रफ्तार स्लो करने की मांग!
AI की रफ्तार स्लो करने की मांग!

क्या AI इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि उसे थोड़ा धीमा करना पड़े? यह सवाल अब सिर्फ AI एक्सपर्ट या साइंटिस्ट्स ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों में काम करने वाले लोग भी उठा रहे हैं.

OpenAI, Anthropic, Google DeepMind, Meta, Microsoft और दूसरी AI कंपनियों के 1,100 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने अमेरिकी ट्रंप सरकार से अपील की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डेवेलपमेंट की रफ्तार को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए नए नियम और तकनीकी सिस्टम बनाए जाएं. 

यह मांग एक ओपन लेटर के जरिए की गई है. इसमें कहा गया है कि आने वाले समय में AI खुद AI पर रिसर्च करने लगेगा. अगर ऐसा हुआ तो नई AI तकनीक पहले से कहीं ज्यादा तेजी से विकसित हो सकती है. ऐसे में इंसानों के पास उसके असर को समझने और जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने का समय कम पड़ सकता है. 

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लेटर में यह नहीं कहा गया है कि AI का विकास पूरी तरह रोक दिया जाए. इसके बजाय मांग की गई है कि अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर ऐसे तकनीकी और कानूनी सिस्टम तैयार करे, जिनकी मदद से जरूरत पड़ने पर AI के विकास की रफ्तार को कुछ समय के लिए स्लो किया जा सके. इससे नए मुश्किलों को समझने और सुरक्षा उपाय लागू करने का समय मिल सकेगा. 

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अचानक यह चिंता क्यों बढ़ी?

हाल के दिनों में AI सिक्योरिटी को लेकर कई घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है. हाल ही में अमेरिकी कंपनी OpenAI ने जानकारी दी थी कि टेस्टिंग के दौरान उसका एक एडवांस AI मॉडल तय सुरक्षा दायरे से बाहर निकल गया था और उसने दूसरे AI प्लेटफॉर्म हगिंग फेस के सिस्टम तक पहुंच बना ली थी. हालांकि कंपनी का कहना था कि यह कंट्रोल्ड सिक्योरिटी टेस्टिंग का हिस्सा था और किसी यूजर का डेटा प्रभावित नहीं हुआ. इसके बाद AI सुरक्षा को लेकर बहस और तेज हो गई. 

AI कंपनियां खुद क्यों नहीं स्लो कर देतीं?

इस ओपन लेटर में कहा गया है कि कोई भी कंपनी अकेले AI की रफ्तार कम नहीं कर सकती. अगर एक कंपनी ऐसा करती है तो दूसरी कंपनियां उससे आगे निकल जाएंगी. यही वजह है कि कर्मचारियों ने सरकार से कहा है कि इस मामले में इंटरनेशनल लेवल पर शेयर्ड नियम बनने चाहिए, ताकि सभी के लिए एक जैसा सिस्टम हो. 

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मार्क जकरबर्ग चाहते हैं और तेजी से बढ़े AI

AI को लेकर एक राय नहीं है. जहां OpenAI और Anthropic के कई कर्मचारी ज्यादा सुरक्षा और निगरानी की बात कर रहे हैं, वहीं Meta के CEO मार्क जकबर्ग का मानना है कि AI की स्पीड कम करने के बजाय अमेरिका को इसमें और तेजी से आगे बढ़ना चाहिए. उनका कहना है कि जरूरत से ज्यादा नियम इनोवेशन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और दूसरे देशों को बढ़त मिल सकती है. 

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फिलहाल अमेरिकी सरकार ने इस मांग पर कोई नई नीति घोषित नहीं की है. लेकिन AI जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह बहस आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है. 

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