एंथ्रोपिक (Anthropic) एक अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी है, जिसका मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है. कंपनी ने बड़े भाषा मॉडल (LLMs) की एक श्रृंखला विकसित की है, जिसे Claude नाम दिया गया है. एंथ्रोपिक एक पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन के रूप में काम करती है. इसका उद्देश्य उन्नत AI सिस्टम की सुरक्षा पर शोध करना और सुरक्षित मॉडल आम लोगों के लिए उपलब्ध कराना है.
कंपनी की स्थापना 2021 में OpenAI के पूर्व कर्मचारियों ने की थी. इनमें भाई-बहन डेनिएला अमोडेई और डारियो अमोडेई शामिल हैं, जो क्रमशः अध्यक्ष और सीईओ हैं. फरवरी 2026 तक कंपनी का अनुमानित मूल्य 380 अरब डॉलर बताया गया है.
2021 में Anthropic की शुरुआत सात पूर्व OpenAI कर्मचारियों ने की. अप्रैल 2022 में कंपनी को 580 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली, जिसमें FTX की ओर से 500 मिलियन डॉलर का निवेश शामिल था. 2022 की गर्मियों में कंपनी ने Claude का पहला वर्जन तैयार किया, लेकिन सुरक्षा परीक्षण पूरे न होने के कारण उसे तुरंत जारी नहीं किया गया.
सितंबर 2023 में Amazon ने Anthropic में 1.25 अरब डॉलर का निवेश किया और बाद में कुल निवेश 8 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस समझौते के तहत Anthropic ने Amazon Web Services (AWS) को अपना मुख्य क्लाउड प्रोवाइडर बनाया.
अक्टूबर 2023 में Google ने 500 मिलियन डॉलर का निवेश किया और आगे और निवेश की प्रतिबद्धता जताई. 2025 में Google ने अतिरिक्त 1 अरब डॉलर लगाने पर सहमति दी. 2024 में कंपनी ने OpenAI से कई प्रमुख शोधकर्ताओं को अपने साथ जोड़ा.
मार्च 2025 में Anthropic ने 3.5 अरब डॉलर जुटाए और Claude को Databricks प्लेटफॉर्म से जोड़ा. मई 2025 में Claude 4 लॉन्च किया गया, जिसमें कोडिंग की बेहतर क्षमता और नए फीचर शामिल थे. इसी दौरान वेब सर्च API और Claude Code को आम उपयोग के लिए जारी किया गया. सितंबर 2025 में कंपनी ने 13 अरब डॉलर जुटाए और अपनी वैल्यूएशन 183 अरब डॉलर तक पहुंचाई. उसी महीने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ देशों से जुड़ी संस्थाओं को सेवाएं देना बंद करने की घोषणा की गई.
नवंबर 2025 में Nvidia और Microsoft के साथ बड़ी साझेदारी हुई. दिसंबर में Snowflake के साथ 200 मिलियन डॉलर का समझौता हुआ.
फरवरी 2026 में Anthropic ने Super Bowl में विज्ञापन प्रसारित किए और कहा कि Claude बिना विज्ञापनों के ही उपलब्ध रहेगा. 12 फरवरी 2026 को कंपनी ने 30 अरब डॉलर की नई फंडिंग हासिल की, जिससे उसकी कुल वैल्यूएशन 380 अरब डॉलर तक पहुंच गई.
दुनिया में आज 257 AI मॉडल ऐसे हैं जिन्हें डेवलपर्स खरीदकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें सिर्फ दो मॉडल भारत में बने हैं. भारत में होने वाले AI के ज्यादातर काम के लिए अमेरिकी और चीनी कंपनियों के मॉडल इस्तेमाल हो रहे हैं.
AI से बने टेक्स्ट की अब आसानी से पहचान हो सकती है. एंथ्रोपिक ने क्लॉड AI में ऐसा इनविजिबल वॉटरमार्क फीचर जोड़ा है, जो कॉपी-पेस्ट के बाद भी टेक्स्ट में छुपा रहेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
आर्टफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए अपील की गई है. OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी एआई कंपनियों के कर्मचारियों ने ट्रंप सरकार से एआई को स्लो करने की मांग की है.
AI कंपनियां अपने चैटबॉट्स के नाम काफी क्रिएटिव रखती हैं. ये काफी सोच समझ कर किया जाता है. अगर आप पॉपुलर एआई मॉडल्स के नाम के पीछे की कहानी जान लेंगे तो समझ जाएंगे कि इन कंपनियों का फोकस क्या है. आइए जानते हैं.
एंथ्रॉपिक के चैटबॉट Claude AI से कुछ यूजर्स की प्राइवेट चैट्स लीक होने की खबर है. दावा किया गया है कि कुछ यूजर्स की पर्सनल चैट्स गूगल सर्च में दिखाई दे रही हैं.
अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रॉपिक ने कहा है उनका Claude AI हिंदी लैंग्वेज में ज्यादा गर्मजोशी से बात करता है. इंग्लिश के मुकाबले हिंदी बात करने पर ये ज्यादा अपनापन दिखाता है.
एंथ्रॉपिक ने भारत में Claude AI के सब्सक्रिप्शन प्लान रुपये में लॉन्च किए हैं. कंपनी की रिसर्च के अनुसार, हिंदी में बातचीत के दौरान Claude अधिक दोस्ताना और सहानुभूतिपूर्ण अंदाज में जवाब देता है. भारत अब Claude का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. एंथ्रॉपिक का मानना है कि स्थानीय भाषाओं में बेहतर अनुभव मिलने से शिक्षा, कामकाज और रोजमर्रा के उपयोग में एआई का इस्तेमाल बढ़ सकता है.
हाल ही में हमने आपको बताया था कि कैसे अमेरिका वहां के पावरफुल एआई और टेक को दूसरे मुल्कों में जाने से रोक रहा है. एआई कंपनी एंथ्रोपिक के पावरफुल मॉडल को ट्रंप सरकार ने दूसरे देश में यूज पर बैन लगाया था, लेकिन अब फिर से यू टर्न ले लिया गया है.
चाइनीज स्टार्टअप ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का एक पावरफुल मॉडल तैयार कर दिया है, जिसका नाम GLM 5.2 है. चीनी स्टार्टअप का यह AI मॉडल एंथ्रोपिक के फ्लैगशिप AI मॉडल Mythos के बराबर के बग खोजने का टास्क कंप्लीट कर सकता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
अमेरिका ने एंथ्रोपिक कंपनी को राहत दे दी है. अब एंथ्रोपिक अपने सबसे पावरफुल AI मॉडल Mythos 5 का एक्सेस और कंपनियों को भी दे सकेगा. पहले अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया था. अब प्रशासन ने थोड़ी राहत दे दी है. हालांकि इसमें भारत को अभी फायदा नहीं मिलेगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर कई कंपनियों ने जम कर छंटनी कर दी है. लेकिन अब मामला उल्टा पड़ता हुआ दिख रहा है. AI बेहद महंगा है और लोगों ने इसे सस्ता समझने की गलती कर दी.
अमेरिकी AI कंपनियां भारतीय कस्टमर्स बटोरने के लिए साल भर का फ्री प्लान दे रही हैं. लेकिन जब बात आती है टॉप एआई टेक और टूल्स की तो उसे भारत में बैठे लोग यूज ही नहीं कर सकते हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेस में अमेरिका का बोलबाला है. ज्यादातर बड़ी एआई कंपनियां अमेरिकी हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या एआई स्पेस में अमेरिका की मोनोपॉली चल रही है?
अमेरिका ने एंथ्रोपिक के दो पावरफुल AI मॉडल के लिए नए नियम जारी किए हैं, जिसके बाद गैर अमेरिकी लोगों के लिए Fable 5 AI और Mythos 5 AI मॉडल्स के एक्सेस को सीमित कर दिया है. अब अमेरिका के बाहर लोग इन AI मॉडल्स का एक्सेस नहीं कर सकेंगे ना ही एंथ्रोपिक के विदेशी कर्मचारी इसका एक्सेस कर पाएंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
अमेरिका ने एंथ्रोपिक के दो AI मॉडल्स को गैर अमेरिकियों के लिए बैन कर दिया है. यह नियम एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 पर लागू होगा. ये AI मॉडल जरूरी सॉफ्टवेयर की खामियों का पता लगाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं कि इन बैन की वजह से भारत समेत दुनिया के कई देशों को फायदा और नुकसान दोनों होंगे.
अमेरिका ने AI कंपनी एंथ्रोपिक पर एक बड़ा एक्शन लिया है. अमेरिका ने निर्यात नियंत्रण के तहत एंथ्रोपिक के लिए नए नियम जारी किए हैं. नए नियम के तहत विदेशी नागरिक और कर्मचारियों और किसी भी गैर- अमेरिकी संस्था को एन्थ्रोपिक के एडवांस्ड AI प्रोग्राम तक के एक्सेस देने पर रोक लगा दी गई है.
Anthropic ने करीब दो महीने पहले एक पावरफुल AI मॉडल Mythos को लॉन्च किया था, जिसको लेकर कंपनी ने कहा था कि यह गलत हाथों में पड़ने से बड़ा नुकसान होगा. अब कंपनी ने उसी लेवल का एक न्यू मॉडल पब्लिक के लिए जारी कर दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
AI पर ब्रेक लगाने की मांग एक बार फिर से उठी है. इस बार खुद AI कंपनी एंथ्रोपिक के को-फाउंडर ने ये मांग रखी है. को-फाउंडर ने बताया है कि आने वाले दिनों में AI इतना एडवांस्ड हो जाएगा कि वह खुद अपना नेक्स्ट वर्जन तैयार कर सकेगा. इससे इंसानों को बहुत ही नुकसान होगा.
2025 में कंपनियों को लगा था कि AI उनकी लागत घटा देगा और काम 10 गुना तेज कर देगा। लेकिन 2026 आते-आते सच्चाई बिल्कुल उलटी निकल रही है। अब Microsoft, Uber जैसी बड़ी कंपनियां AI के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। Claude AI, ChatGPT, Gemini जैसे टूल्स का Token Based Pricing मॉडल कंपनियों के बजट को हिला रहा है.
Claude Mythos ने एक बड़ा काम करके दिखाया है और एक महीने के अंदर ही कई कंपनियों के जरूरी सॉफ्टवेयर में से 10 हजार से अधिक खामियों को खोज निकाला है. साथ ही कंपनियों ने बताया है कि इस टूल की मदद से बग्स पकड़ने की स्पीड बढ़ चुकी है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में बताया है.
Anthropic ने Claude Mythos पेश किया है. हालांकि ये पब्लिक के लिए एवेलेबल नहीं है. कुछ लोग इसे ओपनहाइमर मोमेंट बता रहे हैं. यानी माना जा रहा है कि ये न्यूक्लियर हथियार जैसा पावरफुल हो सकता है. हालांकि कुछ लोग इसे मार्केटिंग गिमिक भी बता रहे हैं. आइए जानते हैं Antrhopic का Claude Mythos क्या कर सकता है.