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क्या आपका LG TV आपकी जासूसी कर रहा है? बंद होने पर भी रिकॉर्डिंग के दावे से मचा हड़कंप

स्मार्टफोन को तो जासूसी के लिए काफी पहले से टूल की तरह यूज किया जाता रहा है. लेकिन हाल के कुछ सालों में ये भी पता चला है कि आपका स्मार्ट टीवी भी आपकी जासूसी कर सकता है. एलजी पर ऐसे ही आरोप लगे हैं. आइए जानते हैं क्या आरोप है और कंपनी ने क्या कुछ कहा है.

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LG स्मार्ट टीवी पर लगा जासूसी करने का आरोप
LG स्मार्ट टीवी पर लगा जासूसी करने का आरोप

टीवी को हम आमतौर पर घर का हिस्सा माना जाता है. टीवी बंद किया और बात खत्म. लेकिन अगर आपका स्मार्ट टीवी बंद होने के बाद भी आसपास की ऐक्टिविटीज पर नजर रखे, घर के दूसरे इक्विप्मेंट्स की जानकारी जुटाए और आवाज से जुड़ा डेटा संभालकर रखे तो?

LG के स्मार्ट टीवी को लेकर सामने आई एक नई जांच ने इसी सवाल को खड़ा कर दिया है. Gamers Nexus ने Level1Techs नाम के यूट्यूबर्स इंडिपेंडेंट सिक्योरिटी रिसर्चर्स  मिलकर LG के स्मार्ट टीवी की करीब 500 घंटे तक जांच की. टीम ने टीवी के नेटवर्क ट्रैफिक और सॉफ्टवेयर को बारीकी से देखा. जांच में ऐसे दावे किए गए हैं, जिनसे स्मार्ट टीवी की निजता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं.

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 LG ने इन आरोपों को साफ तौर पर खारिज किया है. कंपनी का कहना है कि टीवी बिना यूजर की परमिशन के आसपास की बातचीत रिकॉर्ड या सर्वर पर भेजता नहीं है. 

टीवी बंद है तो भी क्या हो रहा है?

Gamers Nexus की जांच का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा टीवी के माइक्रोफोन से जुड़ा है. रिसर्चर्स के मुताबिक, कुछ टेस्टिंग में LG टीवी के स्क्रीन बंद रहने की स्थिति में भी ऑडियो से जुड़ी ऐक्टिविटी देखी गई. जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि इंटरनेट कनेक्शन हटाए जाने के बाद भी कुछ ऑडियो डेटा टीवी पर स्थानीय रूप से मौजूद रहा और इंटरनेट दोबारा जुड़ने पर उसे भेजे जाने की क्षमता दिखाई दी.

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यहीं से मामला गंभीर हो जाता है. क्योंकि स्मार्ट टीवी आज सिर्फ टीवी नहीं हैं. उनमें माइक्रोफोन, इंटरनेट कनेक्शन, अलग-अलग ऐप और दूसरे स्मार्ट उपकरणों से जुड़ने की क्षमता होती है. ऐसे में टीवी के अंदर चलने वाली कोई भी डेटा-संग्रह प्रक्रिया सीधे यूजर की प्राइवेसी से जुड़ जाती है.

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हालांकि LG का कहना है कि तस्वीर वैसी नहीं है जैसी जांच में पेश की गई है. कंपनी के मुताबिक, टीवी आवाज से जुड़ा डेटा तभी संभालता है जब यूजर रिमोट का आवाज वाला बटन दबाकर रखता है या पहले से सक्रिय की गई दूर से आवाज पहचानने वाली सुविधा के तहत 'Hi LG' जैसे सक्रिय शब्द को पहचानता है. अगर ऐक्टिव शब्द पहचाना नहीं जाता तो LG के अनुसार संबंधित ऑडियो टीवी पर ही थोड़ी देर में मिटा दिया जाता है और कंपनी के सर्वर पर नहीं भेजा जाता.

फोन और स्मार्टवॉच तक क्यों पहुंच रहा है टीवी?

जांच का दूसरा हिस्सा शायद आम यूजर के लिए ज्यादा दिलचस्प है. रिसर्चर्स ने LG टीवी को घर के लोकल नेटवर्क पर दूसरे उपकरणों की तलाश करते हुए पाया. इसमें फोन, स्मार्टवॉच, कंप्यूटर और दूसरे नेटवर्क से जुड़े उपकरण शामिल हो सकते हैं.

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रिसर्चर्स ने नेटवर्क ट्रैफिक देखने के लिए वायरशार्क जैसे स्निफिंग टूल्स का इस्तेमाल किया. उनके मुताबिक टीवी ने नेटवर्क पर मौजूद दूसरे उपकरणों की जानकारी हासिल करने की कोशिश की और आसपास मौजूद वाई-फाई नेटवर्क से जुड़ी कुछ जानकारी भी देखी. 

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लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि टीवी आपके फोन के अंदर मौजूद हर फोटो, संदेश या फाइल पढ़ रहा है. यहां 'नेटवर्क स्कैन' और 'फोन की निजी कंटेंट पढ़ना' दो अलग चीजें हैं. नेटवर्क पर किसी इक्विपमेंट्स की मौजूदगी, उसका लोकल पता या नेटवर्क से जुड़ी दूसरी तकनीकी जानकारी मिलना अपने आप में फोन के अंदर की पर्नसल कंटेंट तक पहुंच साबित नहीं करता.

LG ने भी नेटवर्क पर आसपास के इक्विपमेंट्स को खोजने की कैपेसिटी को स्मार्ट टीवी और स्मार्ट होम उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली नॉर्मल फीचर बताया है. 

टीवी आपको क्या देखते हैं, यह भी जान सकता है

यहां कहानी सिर्फ माइक्रोफोन की नहीं है. स्मार्ट टीवी में ऑटोमेटिक कंटेंट रिकॉग्निशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है. LG ने खुद 2022 में बताया था कि उसने अपने टीवी में LG Ads Solutions कई बाजारों में शुरू किया था. इस तकनीक का मकसद टीवी पर चल रहे कंटेंट को पहचानना और उसके आधार पर दर्शकों से जुड़ा डेटा तैयार करना है. 

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आसान भाषा में समझें तो टीवी यह पहचानने की कोशिश कर सकता है कि आप क्या देख रहे हैं. रिसर्चर्स ने दावा किया कि LG के कुछ टीवी में यह निगरानी सिर्फ टीवी के अपने ऐप तक सीमित नहीं थी, बल्कि HDMI जैसे दूसरे स्रोतों से चलने वाली कंटेंट तक भी पहुंच सकती थी. 

यही डेटा विज्ञापन कारोबार के लिए काफी महत्वपूर्ण है. अगर किसी कंपनी को यह पता हो कि लोग किस तरह की कंटेंट देखते हैं, कितनी देर देखते हैं और किस तरह के कंटेंट में उनकी रुचि है, तो वह विज्ञापन को ज्यादा सटीक तरीके से दिखा सकती है.

 

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