मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से एक दिन पहले Jio World Plaza में PMO की संदिग्ध पहचान का इस्तेमाल कर पहुंचने के आरोप में गिरफ्तार रोहन पारिख ने अब जमानत की मांग की है. न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पारिख की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई है. इस अर्जी पर अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे दलील रखेंगे. पारिख ने अपनी जमानत अर्जी में कहा है कि अगर FIR में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह सही भी मान लिया जाए, तब भी उनके खिलाफ किसी तरह के दुर्भावनापूर्ण इरादे या किसी स्पष्ट गलत कार्रवाई का आरोप नहीं है.
जमानत अर्जी में कहा गया है कि पारिख के पास कुछ कथित फर्जी दस्तावेज पाए गए और उन दस्तावेजों को बनाने का भी आरोप है. लेकिन बचाव पक्ष का कहना है कि अभियोजन की ओर से ऐसा कोई आरोप नहीं है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी या गलत मकसद के लिए किया गया. अर्जी में यह भी दावा किया गया है कि अभियोजन के अपने मामले के मुताबिक किसी व्यक्ति को कोई नुकसान, परेशानी या चोट नहीं पहुंची. बचाव पक्ष ने इसी आधार पर पारिख को जमानत दिए जाने की मांग की है.
प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी नहीं थी
मामले में एक और अहम तर्क प्रतिबंधात्मक आदेशों को लेकर दिया गया है. आरोप है कि पारिख अपने सह-आरोपी के साथ उस समय मॉल में दाखिल हुए, जब प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे और सह-आरोपी के पास लाइसेंसी हथियार भी था. हालांकि जमानत अर्जी में कहा गया है कि पारिख को इन प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी नहीं थी. बचाव पक्ष का तर्क है कि ये आदेश कानून के मुताबिक पर्याप्त रूप से प्रकाशित और प्रचारित नहीं किए गए थे. ऐसे में पारिख को इनके लागू होने की जानकारी होने का सवाल उठता है.
जमानत अर्जी में CCTV फुटेज का भी हवाला दिया गया है. बचाव पक्ष का कहना है कि जांचकर्ताओं ने जो CCTV फुटेज जब्त किया है, उससे यह साबित हो सकता है कि पारिख कार्यक्रम से एक दिन पहले मॉल में गए थे. अर्जी के मुताबिक, पारिख वहां किसी निजी वजह से गए थे. उनका दावा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि अगले दिन किसी गणमान्य व्यक्ति का कार्यक्रम पास के परिसर में होने वाला है. बचाव पक्ष ने कहा है कि पारिख की इस यात्रा से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और न ही किसी व्यक्ति को कोई नुकसान पहुंचा.
24 साल के हैं पारिख, मेडिकल समस्या का भी हवाला
जमानत अर्जी में पारिख की उम्र 24 साल बताई गई है. बचाव पक्ष ने यह भी कहा है कि वह कुछ मेडिकल समस्याओं से जूझ रहे हैं. अर्जी में पारिख को एक होनहार छात्र बताया गया है. बचाव पक्ष का कहना है कि लगातार हिरासत में रहने से उनके पेशेवर विकास पर असर पड़ सकता है. इसी आधार पर अदालत से उन्हें जमानत देने की मांग की गई है. रोहन पारिख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई के BKC इलाके में स्थित Jio World Centre के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले Jio World Plaza में प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार किया गया था. अब उनकी जमानत अर्जी पर मजिस्ट्रेट अदालत में 17 सितंबर को सुनवाई होगी.