फुटबॉल वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की तैयारी पर हमेशा चर्चा होती है. फिटनेस, डाइट, ट्रेनिंग और रिकवरी के साथ एक सवाल बार-बार उठता है कि क्या खिलाड़ियों को मैचों के दौरान सेक्स से दूर रहना चाहिए? लंबे समय से खेल जगत में यह माना जाता रहा है कि ऐसा करने से प्रदर्शन बेहतर होता है. लेकिन अब पुरुष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस धारणा को मिथक बताया है.
मुक्केबाजी के दिग्गज माइक टायसन और आमिर खान जैसे कई खिलाड़ी पहले यह स्वीकार कर चुके हैं कि बड़े मुकाबलों से पहले वे सेक्स से दूरी बनाते थे. इसी तरह NBA की टीम न्यूयॉर्क निक्स के मालिक जेम्स डोलन ने भी खिलाड़ियों को चैम्पिय के दौरान सेक्स से बचने की सलाह दी थी.
इंग्लैंड फुटबॉल टीम में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई. शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि टीम मैनेजर थॉमस टुखेल खिलाड़ियों के पार्टनर्स को टीम होटल में रहने की अनुमति नहीं देंगे, लेकिन बाद में उन्होंने इस फैसले को बदल दिया.अब इसे लेकर एक वेबसाइट 'मेट्रो' ने रिपोर्ट प्रकाशित की है.
क्या सेक्स से दूरी बनाने से बढ़ता है टेस्टोस्टेरोन?
लंदन के पुरुष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. बेन डेविस के मुताबिक, यह धारणा कि सेक्स से दूरी बनाने पर टेस्टोस्टेरोन (टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में पाया जाने वाला प्रमुख सेक्स हार्मोन है जो मुख्य रूप से अंडकोष में बनता है) 'स्टोर' हो जाता है और खिलाड़ी को अतिरिक्त ताकत मिलती है, वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुई है.
उन्होंने बताया कि 2003 की एक छोटी स्टडी में सात दिन तक सेक्स न करने के बाद कुछ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन में मामूली बढ़ोतरी देखी गई थी. लेकिन यह बदलाव अस्थायी था और ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि इससे खेल प्रदर्शन में कोई वास्तविक फायदा होता है.
डॉ. डेविस का कहना है कि सोशल मीडिया प इस स्टडी की गलत व्याख्या कर इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया.
प्रदर्शन पर नहीं पड़ता सीधा असर
पुरुष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जेफ फोस्टर के अनुसार, सेक्स से दूरी बनाने का खेल प्रदर्शन पर कोई व्यावहारिक फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि यह ज्यादा एक सांस्कृतिक मान्यता है, जिसे कई कोच वर्षों से दोहराते रहे हैं. लेकिन मेडिकल साइंस इसे सपोर्ट नहीं देती है. उनके मुताबिक, सेक्स न करने से खिलाड़ी न तो तेज दौड़ सकता है और न ही बेहतर तरीके से गेंद को किक मार सकता है.
असली फर्क किस चीज से पड़ता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा असर अच्छी नींद, पर्याप्त रिकवरी, संतुलित आहार, हाइड्रेशन और मानसिक फोकस का पड़ता है.
अगर किसी टीम में खिलाड़ियों के पार्टनर्स पर रोक लगाई जाती है तो उसका उद्देश्य अक्सर खिलाड़ियों की दिनचर्या, आराम और नींद को बेहतर बनाए रखना होता है, न कि सेक्स से दूरी बनवाना.
सेक्स के भी हैं स्वास्थ्य लाभ
डॉ. जेफ फोस्टर के अनुसार, नियमित यौन संबंध तनाव कम करने, मूड बेहतर करने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करते हैं. इससे मैचों के बीच रिकवरी में भी फायदा मिल सकता है.
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ रिसर्च के मुताबिक महीने में 21 या उससे अधिक बार यौन संबंध बनाने से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है. हालांकि इसका खेल प्रदर्शन से कोई सीधा संबंध नहीं है.
विशेषज्ञों की राय साफ है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में जीत का रास्ता सेक्स से दूरी बनाने से नहीं, बल्कि फिटनेस, रिकवरी, अनुशासन, अच्छी नींद और मानसिक तैयारी से होकर गुजरता है.