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'ट्रॉफी चोर' मोहस‍िन नकवी टीम इंड‍िया के 2 एश‍िया कप ले उड़े... सवाल वही, कब होगी ख‍िताबों की घर वापसी?

एशिया कप 2025 में पुरुष टीम ने पाकिस्तान को हराया, लेकिन ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए. 2026 में महिला टीम ने भी वही रुख अपनाया. श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड आठवां खिताब जीता, फिर भी ट्रॉफी नहीं ली. फैन्स ने 'ट्रॉफी चोर' के नारे लगाए. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा दोनों ट्रॉफी वापस आएंगी.

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ट्रॉफी चोर का डबल अटैक: एक साल में दो बार भारत की ट्रॉफी ‘उड़ा’ ली मोहस‍िन नकवी ने (Photo: AFP/   BCCI Women)
ट्रॉफी चोर का डबल अटैक: एक साल में दो बार भारत की ट्रॉफी ‘उड़ा’ ली मोहस‍िन नकवी ने (Photo: AFP/ BCCI Women)

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम. तारीख थी 28 स‍ितंबर 2025, करीब एक साल पहले का वक्त. मौका था पुरुष एशिया कप फाइनल का. टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता. लेकिन जब ट्रॉफी देने की बारी आई तो मोहसिन नकवी मंच पर खड़े थे-  ACC के अध्यक्ष, PCB के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृहमंत्री. भारतीय टीम ने साफ मना कर दिया -इनके हाथ से ट्रॉफी नहीं लेंगे.

तब भी नकवी इंतजार करते रहे. फिर ट्रॉफी और मेडल उठवाए और मैदान से निकल गए. टीम इंडिया बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाती रही. उस ट्रॉफी को आज भी ACC के दुबई ऑफिस में बताया जाता है. भारत को अब तक नहीं मिली.

ठीक एक साल बाद वही स्टेडियम. महिला एशिया कप 2026 फाइनल. तारीख 13 स‍ितंबर  थी. हरमनप्रीत कौर की टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से रौंद दिया. रिकॉर्ड आठवां खिताब जीता, लेकिन प्रेजेंटेशन सेरेमनी में फिर वही तस्वीर. भारतीय खिलाड़ी मंच पर नहीं पहुंचे. मोहस‍िन नकवी खड़े रहे. श्रीलंका को रनर-अप चेक देकर निकल गए. फैन्स ने जोर-जोर से नारे लगाए- ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर. 

अब सवाल है टीम इंड‍िया दो ट्रॉफी, दो बार जीत चुकी है. लेकिन एक ही व्यक्ति  बार-बार स्टेज पर जाकर खड़ा हो जाता है. कि भारतीय क्रिकेट टीम ने जो एश‍िया कप जीत चुकी है, उसकी ट्रॉफी हमारे देश को नहीं म‍िली है. 

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देवजीत सैकिया ने बताया 13 द‍िसंबर को क्या हुआ? 
भारत ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया. भारतीय टीम की जीत के बाद BCCI सचिव देवजीत सैकिया और बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला प्रेजेंटेशन सेरेमनी में स्टेज पर नजर नहीं आए. ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी वहां मौजूद थे.

अब देवजीत सैकिया ने खुद बताया है कि आखिर भारत ने ट्रॉफी लेने से क्यों इनकार किया और मैच के बाद क्या-क्या हुआ. सैकिया ने सबसे पहले भारतीय महिला टीम को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी. सैकिया ने कहा कि महिला टीम के इस प्रदर्शन से BCCI काफी खुश है और अब नजर एशियन गेम्स पर है. 

ट्रॉफी विवाद पर सैकिया ने कहा कि भारत का रुख करीब डेढ़ साल से नहीं बदला है. उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में BCCI कुछ खास लोगों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकता.

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव का भी जिक्र किया. सैकिया ने कहा कि देश में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो चाहता है कि भारत एक खास 'होस्टाइल कंट्री' के खिलाफ ना खेले, लेकिन इसके बावजूद BCCI केंद्र सरकार की नीति और ICC-ACC के निर्देशों का सम्मान करते हुए मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है.

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उन्होंने साफ किया कि भारत यह फैसला नहीं कर सकता कि किस देश के खिलाफ खेलना है और किसके खिलाफ नहीं. चाहे वह दोस्त देश हो या दुश्मन देश, मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में भारत को सभी टीमों के खिलाफ खेलना होता है. लेकिन ट्रॉफी किसके हाथ से ली जाए, इस मामले को सैकिया ने अलग बताया.

'हमने कहा था, डिप्टी चेयर ट्रॉफी दे दें'
सैकिया के मुताबिक BCCI ने विवाद से बचने के लिए एक रास्ता भी सुझाया था. उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से प्रस्ताव दिया गया था कि ACC के डिप्टी चेयरमैन भारतीय महिला टीम को ट्रॉफी सौंप दें.उनके मुताबिक इससे पूरा मामला आसानी से सुलझ सकता था और किसी तरह का विवाद भी नहीं होता.

सैकिया ने कहा कि BCCI ने यह भी प्रस्ताव दिया था कि वह खुद या राजीव शुक्ला स्टेज पर नहीं जाएंगे. उन्होंने बताया कि BCCI अध्यक्ष और सचिव भी वेन्यू पर मौजूद थे, लेकिन उनकी तरफ से भी यही कोशिश थी कि ट्रॉफी डिप्टी चेयरमैन के हाथों दिलाई जाए.हालांकि, सैकिया के मुताबिक यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया.

'डेढ़ साल से पुरुष टीम की ट्रॉफी का इंतजार'
देवजीत सैकिया ने अपने फैसले को पुरुष टीम के एशिया कप ट्रॉफी विवाद से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने करीब डेढ़ साल पहले एशिया कप जीता था, लेकिन वह ट्रॉफी अभी तक भारत नहीं पहुंची है.

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सैकिया ने कहा कि BCCI लगातार संबंधित लोगों से उस ट्रॉफी को वापस देने की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ.

उनका तर्क था कि जब पुरुष टीम की ट्रॉफी को लेकर भारत का स्टैंड पिछले डेढ़ साल से नहीं बदला है, तो महिला टीम के मामले में अचानक उसी परिस्थिति में अपना रुख बदलना सही नहीं होगा.उन्होंने कहा कि दोनों ट्रॉफियां जल्द से जल्द भारत को मिलनी चाहिए. TOI से बात करते हुए सैकिया ने कहा कि दोनों ही ट्रॉफी जल्द भारत आएंगी. 

'एशिया कप में ट्रॉफी देने की पुरानी परंपरा बदली'
सैकिया ने एशिया कप की ट्रॉफी देने की पुरानी परंपरा का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक पहले जब बांग्लादेश, श्रीलंका या भारत ने एशिया कप जीता, तो आम तौर पर संबंधित क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख की तरफ से विजेता टीम को ट्रॉफी दी जाती थी. 

उन्होंने ACC के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा ICC चेयरमैन जय शाह का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इस तरह की परंपरा थी कि विजेता टीम को उसके अपने बोर्ड के अध्यक्ष या सचिव की तरफ से ट्रॉफी दी जाती थी.

सैकिया का कहना है कि 2024-25 के आसपास इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया. हालांकि उन्होंने कहा कि वह इस मामले को विवाद में नहीं बदलना चाहते, लेकिन उनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि पुरानी परंपरा का सम्मान किया जाए.

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'हम जानते हैं सीमा पर क्या हो रहा है'
भारत-पाकिस्तान रिश्तों पर सैकिया ने कहा कि जमीन पर जो स्थिति है, उससे हर कोई वाकिफ है. उन्होंने कहा कि ऐसा दिखाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए कि सब कुछ सामान्य है.

उन्होंने अप्रैल 2025 के बाद दोनों देशों के बीच बिगड़े हालात का भी जिक्र किया और कहा कि इन परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

सैकिया ने साफ किया कि BCCI केंद्र सरकार की नीति का पालन कर रहा है. मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में भारत को सभी देशों के खिलाफ खेलना है और BCCI उसी नीति पर चल रहा है.लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जिन पर समझौता नहीं किया जा सकता.

'हम स्टेज पर नहीं, रॉयल बॉक्स में थे'
प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान सैकिया और राजीव शुक्ला की गैरमौजूदगी को लेकर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने एक बात स्पष्ट की.सैकिया ने कहा कि यह कहना गलत है कि वह मैच के दौरान वहां मौजूद नहीं थे. वह और राजीव शुक्ला रॉयल बॉक्स में बैठे हुए थे.उन्होंने बताया कि वह मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच गए थे. टॉस से लेकर राष्ट्रगान, पूरे मुकाबले और आखिरी गेंद तक वह उसी जगह मौजूद रहे.हालांकि, प्रेजेंटेशन के दौरान वह स्टेज पर नहीं गए.

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फिर खिलाड़ियों को मेडल क्यों दिए?
मैच के आखिर में सैकिया को भारतीय खिलाड़ियों को कुछ मेडल देते हुए भी देखा गया था. इस पर उन्होंने बताया कि यह ट्रॉफी विवाद से जुड़ा कोई अलग घटनाक्रम नहीं था. मुताबिक हर मैच में 'बेस्ट फील्डर' को एक खास ट्रॉफी देने की परंपरा है. इसका मकसद खिलाड़ियों को फील्डिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है.

उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स टेस्ट समेत दूसरे मुकाबलों में भी मैच के बेस्ट फील्डर को ऐसी ट्रॉफी दी जाती रही है. महिला एशिया कप फाइनल में भी उन्होंने इसी परंपरा के तहत बेस्ट फील्डर का अवॉर्ड दिया.

इस तरह भारत ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप तो जीत लिया, लेकिन ट्रॉफी किसके हाथ से स्वीकार की जाए, इस मुद्दे पर BCCI अपने पुराने रुख पर कायम रहा. सैकिया ने साफ किया कि टीम की खिताबी जीत पर किसी तरह की चिंता नहीं है और अब पूरा फोकस एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने पर है.

मोहसिन नकवी के बयान क्या रहे?
1 अक्टूबर 2025 के आसपास ACC प्रेसिडेंट के तौर पर मोहस‍िन नकवी ने कहा था कि मैं उसी  दिन ट्रॉफी देने के लिए तैयार था और अब भी तैयार हूं. अगर वे सच में इसे चाहते हैं, तो वे ACC ऑफिस आकर मुझसे इसे ले सकते हैं. तब नकवी ने कहा था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था.

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30 सितंबर 2025 के आसपास ACC कॉन्फ्रेंस में ट्रॉफी का मुद्दा उठा. नकवी ने कहा कि सूर्यकुमार यादव खुद ACC ऑफिस आकर लें. नवंबर 2025 में ICC कॉन्फ्रेंस में BCCI ने विरोध दर्ज कराने की बात कही थी. अक्टूबर-नवंबर 2025 में सैकिया और नकवी के बीच साइडलाइन पर चर्चा हुई. सैकिया ने कहा था कि दोनों पक्ष समाधान की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ट्रॉफी आज भी ACC के दुबई ऑफिस में बताई जाती है. भारत को अब तक पुरुष एशिया कप 2025 की ट्रॉफी नहीं मिली है.

पहलगाम आतंकवादी हमला (अप्रैल 2025) और उसके बाद की सैन्य तनाव के माहौल में यह पूरा विवाद पैदा हुआ. भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक भी नहीं किया था. फाइनल में भी वही रुख जारी रहा.

ट्रॉफी चोर का टैग नकवी पर इसी घटना के बाद लगा. एक साल बाद महिला एशिया कप में भी वही दृश्य दोहराया गया. लेकिन पुरुष एशिया कप की यह टाइमलाइन 28 सितंबर 2025 की रात से शुरू होती है और आज तक अधूरी है.

 

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