रतीय महिला टीम ने तीसरे वनडे में जिम्बाब्वे को 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली. वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर 5 विकेट झटके और जिम्बाब्वे को 131 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई. जवाब में प्रतीका रावल ने नाबाद 59 और शेफाली वर्मा ने नाबाद 51 रन बनाकर भारत को 17 ओवर में जीत दिला दी.
इससे पहले भारतीय टीम ने टी 20 सीरीज में भी धमाकेदार जीत दर्ज की थी. तब भारतीय टीम ने 3-0 से सीरीज जीती थी. ध्यान रहे पहले टी20 सीरीज और वनडे सीरीज के बाद ही स्मृति मंधाना का नियमित कप्तानी युग शुरू हुआ है.
भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से वनडे सीरीज जीतकर खुश जताई. उन्होंने गेंदबाजों के प्रदर्शन और वैष्णवी शर्मा के पांच विकेट की तारीफ की. स्मृति ने कहा कि टीम का लक्ष्य हर मैच में दबदबा बनाना था.
उन्होंने यास्तिका भाटिया और हरलीन देओल को बल्लेबाजी का मौका देने के पीछे की रणनीति भी बताई. उन्होंने यास्तिका भाटिया को लंबे समय से वनडे खेलने का मौका नहीं मिला था. 132 रन के लक्ष्य को देखते हुए टीम ने उन्हें ओपनिंग पर भेजने का फैसला किया. हरलीन देओल को भी मौका दिया गया, क्योंकि दोनों खिलाड़ी काफी समय से बेंच पर थीं.
स्मृति के मुताबिक, सीरीज में पहले टी20 को छोड़ दें तो बाकी छह मुकाबलों में भारत ने काफी दबदबा बनाया. तेज गेंदबाजों का स्टंप्स को निशाना बनाकर गेंदबाजी करना भी टीम की चर्चा का हिस्सा था. स्मृति ने इस प्रयास पर संतोष जताया.
फिर MSD स्टाइल में स्मृति मंधाना ने सौंप दी ट्रॉफी
वहीं पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब स्मृति मंधाना ट्रॉफी लेने पहुंचीं तो उन्होंने एक ऐसी चीज की, जिसने सभी का दिल जीत लिया. दरअसल, जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में डेब्यू करने वाली 22 साल जिन्तिमणि कलिता को स्मृति ने ट्रॉफी सौंप दी.
SERIES CLEAN SWEEP 🏆 🎥 Captain @mandhana_smriti receives the Muthoot Fincorp ODI Series Trophy as #TeamIndia completes a dominant 3-0 series victory 👏🇮🇳 #INDvZIM | @mflone_ https://t.co/GO5A1DHZet
— BCCI Women (@BCCIWomen) October 28, 2026
मंधाना के इस एक्ट से महेंद्र सिंह धोनी की याद आ गई, जो अक्सर टीम के सबसे जूनियर खिलाड़ी या उस सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को विनिंग ट्रॉफी सौंप देते थे. भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में धोनी के रिटायरमेंट के बाद भी तमाम कप्तानों ने यह परंपरा आज भी कायम रखी है.
इस परंपरा की शुरुआत साल 2007 में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद हुई थी, जब भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था, इसके बाद उन्होंने 2008 की कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज (सीबी सीरीज) जीत के बाद भी यह परंपरा निभाई और ट्रॉफी युवा खिलाड़ी पीयूष चावला को सौंपी थी, तब धोनी का एक वीडियो भी वायरल भी हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि टीम में सबसे छोटा कौन है.
कुल मिलाकर स्मृति मंधाना ने इस परंपरा को कायम रखा और जिन्तिमणि कलिता को ट्रॉफी सौंप दी. कलिता ने 3 वनडे मैचों में 1 विकेट लिया.