आप किसी सड़क से गुजर रहे हों और उसके ठीक नीचे ऐसी कब्रें दबी हों, जिनमें लोगों को अजीबोगरीब तरीके से दफनाया गया हो. किसी के मुंह में सिक्के भरे हों, तो किसी का सिर काटकर पैरों के पास रख दिया गया हो. सुनने में किसी डरावनी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन ऐसा ही कुछ ब्रिटेन में सामने आया है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के नॉर्थ यॉर्कशायर में पुरातत्वविदों को एक व्यस्त सड़क के नीचे रोमन काल की ऐसी कब्रें मिली हैं, जिनसे करीब 1700 साल पहले लोगों की मौत और दफनाने से जुड़ी मान्यताओं का पता चलता है.
यह खोज इसलिए भी खास है, क्योंकि इन कब्रों में मृतकों को दफनाने का तरीका सामान्य नहीं था. कुछ लोगों को औंधे मुंह दफनाया गया था, जबकि दो लोगों के सिर काटकर उनके पैरों के पास रखे गए थे. एक कब्र में तो मृतक के मुंह से नौ सिक्के भी मिले. पुरातत्वविदों का मानना है कि इन तरीकों के पीछे उस दौर की धार्मिक मान्यताएं और अंधविश्वास हो सकते हैं.
मुंह में नौ सिक्के भरकर क्यों दफनाया गया?
यह खोज नॉर्थ यॉर्कशायर के कैटरिक इलाके में हुई है. यहां पुरातत्वविदों को एक ऐसे व्यक्ति की कब्र मिली, जिसके मुंह में नौ सिक्के रखे गए थे. सिक्कों के आधार पर इस कब्र को 325 ईस्वी के कुछ समय बाद का माना जा रहा है.
रोमन काल में मृतकों के साथ सिक्के दफनाने की परंपरा प्रचलित थी. इसके पीछे एक मान्यता थी कि मरने के बाद आत्मा को दूसरी दुनिया यानी पाताल लोक तक पहुंचना होता है. इस यात्रा के लिए उसे एक नदी पार करनी पड़ती है, जिसके दूसरी ओर मृतकों की दुनिया मानी जाती थी.
यूनानी पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इस नदी को पार कराने का काम कैरॉन नाम का नाविक करता था. वह आत्माओं को दूसरी ओर ले जाने के बदले सिक्के लेता था. इसी मान्यता के तहत मृतक के मुंह में या उसके साथ एक सिक्का रखा जाता था. इसे 'कैरॉन ऑबोल' कहा जाता है.
हालांकि, इस कब्र में एक नहीं, बल्कि नौ सिक्के मिले. पुरातत्वविदों का अनुमान है कि ऐसा शायद नाविक को ज्यादा भुगतान करने या आत्मा की यात्रा सुनिश्चित करने की सोच के चलते किया गया हो. लेकिन इसके पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है.
सिर काटकर पैरों के पास रख दिया
खुदाई में दो और कब्रें मिलीं, जिनमें दफनाए गए लोगों के सिर उनके पैरों के पास रखे गए थे. यानी दोनों लोगों के सिर धड़ से अलग थे और उन्हें सामान्य तरीके से नहीं दफनाया गया था.
इन कब्रों में पत्थरों से बनी संरचनाओं के अवशेष भी मिले. इस तरह की संरचनाओं को 'सिस्ट' कहा जाता है. ये पत्थरों से तैयार की गई कब्र जैसी संरचनाएं होती हैं, जिनमें मृतकों को रखा जाता था.अब सवाल है कि आखिर इन लोगों के सिर क्यों काटे गए और उन्हें पैरों के पास क्यों रखा गया?
पुरातत्वविदों का कहना है कि इसके पीछे उस समय की धार्मिक मान्यताएं हो सकती हैं. संभव है कि लोगों को डर रहा हो कि कहीं मृतक की आत्मा वापस आकर जीवित लोगों को नुकसान न पहुंचाए. ऐसे में सिर काटकर अलग रखने का मकसद आत्मा को लौटने से रोकना हो सकता था. हालांकि, यह सिर्फ एक संभावना है. इस रस्म के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं हुई है.
कुछ लोगों को औंधे मुंह दफनाया गया
खुदाई के दौरान दो ऐसे लोगों के अवशेष भी मिले, जिन्हें पीठ के बल लिटाने के बजाय पेट के बल यानी औंधे मुंह दफनाया गया था. आमतौर पर मृतकों को पीठ के बल लिटाकर दफनाया जाता था. ऐसे में इन दोनों लोगों को अलग तरीके से दफनाया जाना पुरातत्वविदों के लिए दिलचस्प है.
विशेषज्ञों का मानना है कि उस समय औंधे मुंह दफनाने का संबंध किसी खास धार्मिक मान्यता या मृतक के प्रति अपमान जताने से हो सकता था. यह भी संभव है कि समय के साथ लोगों के अंतिम संस्कार से जुड़े विश्वास बदल रहे हों. हालांकि, इन कब्रों के पीछे की सटीक वजह अभी पता नहीं चल पाई है.
कब्रों से मिले ताबीज और दूसरी चीजें
खुदाई में सिर्फ सिक्के और मानव अवशेष ही नहीं मिले. पुरातत्वविदों को छेद किए हुए सिक्के, पेंडेंट और कुत्ते के एक दांत में भी छेद मिला है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन चीजों का इस्तेमाल ताबीज के रूप में किया जाता होगा. संभव है कि लोग इन्हें बुरी शक्तियों से बचाने या सुरक्षा देने वाली वस्तु मानते हों. हालांकि, इनका असली इस्तेमाल क्या था, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
क्यूरा टेरा के पोस्ट-एक्सकैवेशन मैनेजर स्टुअर्ट रॉस के मुताबिक, आमतौर पर हैलोवीन के दौरान भूत-प्रेत और मृतकों के वापस आने की कहानियां सुनाई जाती हैं. लेकिन ये खोजें हजारों साल पहले रहने वाले लोगों के मृत्यु, दफनाने और दूसरी दुनिया से जुड़े विश्वासों को समझने का मौका देती हैं.
उन्होंने बताया कि रोमन काल में मृत्यु को लेकर अलग-अलग मान्यताएं थीं. कुछ लोग मानते थे कि मृतक को दफनाना जरूरी है, ताकि उसकी आत्मा दूसरी दुनिया की यात्रा शुरू कर सके और वह वापस आकर जीवित लोगों को परेशान न करे.
308 कब्रों की खुदाई में सामने आईं कई कहानियां
यह खोज किसी एक कब्र तक सीमित नहीं है. नॉर्थ यॉर्कशायर में सड़क A1 से जुड़े बड़े पुरातात्विक सर्वेक्षणों के दौरान 14 अलग-अलग जगहों पर कुल 308 मानव कब्रों का पता चला है.
ये कब्रें शुरुआती कांस्य युग से लेकर एंग्लो-सैक्सन काल तक की बताई गई हैं. इनमें रोमन काल की कई कब्रें भी शामिल हैं, जो उस समय के लोगों के रहन-सहन और धार्मिक विश्वासों के बारे में अहम जानकारी देती हैं.
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इन खोजों से पुरातत्वविदों को यह समझने में मदद मिल रही है कि करीब 1700 से 2000 साल पहले इस इलाके में रहने वाले लोग मृतकों के साथ कैसा व्यवहार करते थे और मौत के बाद की जिंदगी को किस तरह देखते थे.
खुदाई में मिली सभी चीजों को अब यॉर्कशायर म्यूजियम्स ट्रस्ट के पास रखा जा रहा है. विशेषज्ञ इन अवशेषों का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि उस दौर की परंपराओं और मान्यताओं के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सके.