क्रिकेट के इतिहास में 14 अक्टूबर की तारीख बेहद खास है. इस दिन तीन ऐसे क्रिकेटरों का जन्म हुआ, जिन्होंने अपने अलग-अलग अंदाज से खेल की दुनिया में पहचान बनाई है. भारत के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर, ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल और श्रीलंका के पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान का जन्मदिन 14 अक्टूबर को आता है. तीनों खिलाड़ियों का क्रिकेट सफर अलग रहा, लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें हमेशा खास पहचान दिलाई.
गौतम गंभीर: वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो से टीम इंडिया के कोच तक
14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में जन्मे गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बड़े मुकाबलों में अपने प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाई है. 2007 के पहले टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गंभीर ने 75 रन की अहम पारी खेली थी. उनकी इस पारी ने भारत को खिताब जीतने में बड़ी मदद की थी.
The anchor of India’s innings ⚓️ @GautamGambhir saved his best for the 2011 final. #CWC11Rewind https://t.co/lLL3bij1nM
— ICC Cricket World Cup (@cricketworldcup) April 2, 2021
इसके बाद 2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ गंभीर ने 97 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, वह अपने शतक से चूक गए, लेकिन उनकी ये पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास की यादगार पारियों में गिनी जाती है.
गंभीर ने आईपीएल में भी अपनी कप्तानी से फैन्स का दिल जीता. उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2012 और 2014 में खिताब जीता. साल 2024 में वह मेंटर के रूप में भी केकेआर की खिताबी जीत का हिस्सा बने. इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली.
कैसा रहा गंभीर का इंटरनेशनल करियर?
ग्लेन मैक्सवेल: मैदान पर अपने अनोखे अंदाज के लिए मशहूर
14 अक्टूबर 1988 को जन्मे ग्लेन मैक्सवेल क्रिकेट के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. रिवर्स स्वीप, स्विच हिट और मैदान के किसी भी कोने में शॉट खेलने की क्षमता उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से अलग बनाती है.
मैक्सवेल ने 2015 वनडे वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ सिडनी में महज 51 गेंदों पर शतक जड़कर तहलका मचा दिया था. यह उस समय वनडे क्रिकेट में किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का सबसे तेज शतक था.
मैक्सवेल ने ही 25 अक्टूबर 2023 को नीदरलैंड के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप में महज 40 गेंदों पर शतक जड़कर अपना ही यह पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जो अब पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक है.
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सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले मैक्सवेल ने टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी क्षमता साबित की. 2017 में भारत के खिलाफ रांची टेस्ट में उन्होंने 104 रन की पारी खेली. मैक्सवेल ने 7 नवंबर 2023 को आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नाबाद 201* रन की ऐतिहासिक पारी भी खेली थी. मैक्सवेल वनडे क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं.
कैसा रहा मैक्सवेल का इंटरनेशनल करियर?
वनडे मैच: 149
टी20 इंटरनेशल: 130
तिलकरत्ने दिलशान: 'दिलस्कूप' से बदला बल्लेबाजी का अंदाज
14 अक्टूबर 1976 को जन्मे श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर तिलकरत्ने दिलशान ने अपने करियर में कई यादगार उपलब्धियां हासिल की हैं. शुरुआती सालों में टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करने वाले दिलशान को 2009 में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया. इस बदलाव ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.
साल 2009 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 शतक लगाए और उसी साल टी20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी बने. दिलशान की सबसे खास पहचान उनका अनोखा शॉट 'दिलस्कूप' बना, जिसमें वह गेंद को विकेटकीपर के सिर के ऊपर से खेलते थे. इस शॉट ने टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी के नए अंदाज को लोकप्रिय बनाया. 2011 वनडे वर्ल्ड कप के बाद दिलशान श्रीलंका के कप्तान भी बने. टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह सीमित ओवरों में क्रिकेट खेलते रहे.
The 2009 #WT20 - when Tillakaratne Dilshan, who celebrates his birthday today, introduced the world to the Dilscoop. https://t.co/5ioB1ccbmm
— ICC (@ICC) October 14, 2017
कैसा रहा दिलशान का इंटरनेशनल करियर?