टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा दावा किया है. कैफ का मानना है कि जिस तेजी से वैभव आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अगले छह महीने में वह टी20 इंटरनेशनल भारत की फर्स्ट चॉइस प्लेइंग XI का हिस्सा बन सकते हैं. ऐसे में मौजूदा टीम के कुछ खिलाड़ियों के लिए जगह बनाए रखना चुनौती बन सकता है.
मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि तिलक वर्मा उप-कप्तान जरूर हैं, लेकिन इससे उनकी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती. उन्होंने शिवम दुबे की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अभी लगातार प्रदर्शन करना होगा. कैफ के मुताबिक, आने वाले समय में तिलक या दुबे में से किसी एक की जगह वैभव को मौका मिल सकता है.
मोहम्मद कैफ ने वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी को सिर्फ टी20 क्रिकेट तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2026-27 में उनके प्रदर्शन का भी जिक्र किया. वैभव ने वहां रन बनाने के साथ गेंदबाजी भी की थी. कैफ का मानना है कि अगर वैभव कुछ ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता भी विकसित कर लेते हैं, तो इससे टीम कॉम्बिनेशन में उनकी उपयोगिता बढ़ सकती है. युवा बल्लेबाज ने खुद भी अपने खेल में इस अतिरिक्त पहलू पर काम करना शुरू किया है.
वैभव ने खेले हैं 6 टी20I
वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआती छह टी20 इंटरनेशनल मैचों में 193 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 189.21 रहा है. उनकी बल्लेबाजी की खासियत तेजी से रन बनाना है और इसी वजह से वह कम गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में भी उनका प्रदर्शन इसी अंदाज में रहा. राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए उन्होंने 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा. पूरे सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाए.
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उधर तिलक वर्मा के भी 2026 में टी20 इंटरनेशनल आंकड़े मजबूत हैं. उन्होंने 483 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 34.5 और स्ट्राइक रेट 142.89 रहा है. हालांकि, कैफ ने उनके प्रदर्शन के संदर्भ में मैच की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा. इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टी20I में तिलक ने अर्धशतक लगाया था, लेकिन उस समय तक भारत सीरीज हार चुका था. जिम्बाब्वे दौरे पर भी उन्होंने उपयोगी पारियां खेलीं. तिलक की बल्लेबाजी में एक दिलचस्प पहलू उनका बल्लेबाजी क्रम है. ऊपर आने पर उन्हें स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने में कुछ मुश्किलें हुई हैं, जबकि पारी के आखिरी हिस्से में उन्होंने फिनिशर के रूप में ज्यादा प्रभाव दिखाया है.
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शिवम दुबे ने भी 2026 में बल्ले से अच्छा योगदान दिया है. उन्हों इस साल टी20 इंटरनेशनल में 502 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 170.16 रहा है. टी20 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने 235 रन बनाए थे. लेकिन उनकी भूमिका को लेकर गेंदबाजी अहम मुद्दा है. इस साल उन्होंने 27 टी20 इंटरनेशनल में केवल 33 ओवर किए और 15 विकेट हासिल किए. उनकी इकॉनमी 11.33 रन प्रति ओवर रही.
इस वजह से भारत में उनका इस्तेमाल मुख्य रूप से पावर-हिटर बल्लेबाज के तौर पर हुआ है, जबकि गेंदबाजी अतिरिक्त विकल्प के रूप में सामने आई है. वैभव सूर्यवंशिी के आने से भारतीय टीम के पास एक ऐसे बल्लेबाज का विकल्प है जो बेहद तेज गति से रन बनाने के लिए जाना जाता है. वहीं तिलक वर्मा पारी को परिस्थिति के मुताबिक आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं और दुबे अपनी पावर-हिटिंग से मैच बदल सकते हैं.