न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. चौथे ओवर की पहली ही गेंद पर टीम को बड़ा झटका लगा. तेज गेंदबाज एडम मिल्ने ने एक बार फिर अपने ओवर की पहली गेंद पर कमाल दिखाते हुए संजू सैमसन को माइकल ब्रेसवेल के हाथों कैच आउट करा दिया.
संजू इस मैच में महज 10 गेंदों पर 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इससे पहले मिल्ने ने अपने स्पेल के पहले ओवर की पहली गेंद पर तूफानी ओपनर अभिषेक शर्मा (1 रन) को भी चलता किया था. संजू के इस तरह सस्ते में आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा है. फैन्स बेंच पर बैठे युवा वैभव सूर्यवंशी को याद कर टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
संजू सैमसन का यह खराब प्रदर्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. फैन्स का कहना है कि संजू का फॉर्म बेहद खराब है. वह 5 मैचों में से 1 अच्छी पारी खेलते हैं और बाकी 4 मैचों में पूरी तरह फ्लॉप हो जाते हैं.
2️⃣7️⃣ runs in that over 📈 How crucial was Shreyas Iyer 🤝 Ishan Kishan's 9️⃣3️⃣-run stand? 👇 Updates ▶️ https://t.co/B5TqF9MWu4 #TeamIndia | #NZvIND https://t.co/wc3OQ5bYDX
— BCCI (@BCCI) November 1, 2026
टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद नहीं दिखा पाए हैं कमाल
साल 2026 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से उनके आंकड़े गवाही देते हैं कि 19 मैचों में महज 23 के औसत से रन बनाने वाले संजू अब टीम पर बोझ साबित हो रहे हैं. आलोचकों का यह भी मानना है कि उनकी तकनीक और मूव होती गेंद के सामने खेलने का तरीका टी20 इंटरनेशनल स्तर के अनुकूल नहीं है.
End of a responsible knock Captain Shreyas Iyer goes back after a fine 5️⃣0️⃣(23) 👏 Updates ▶️ https://t.co/B5TqF9MWu4 #TeamIndia | #NZvIND | @ShreyasIyer15 https://t.co/GcVJNu7LVt
— BCCI (@BCCI) November 1, 2026
फैन्स ने की वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग
संजू सैमसन के लगातार फ्लॉप होने और बेंच पर वैभव सूर्यवंशी को नजरअंदाज किए जाने पर सोशल मीडिया पर मीम्स और गुस्से का दौर शुरू हो गया है. फैन्स का कहना है कि जहां एक तरफ संजू लगातार मौके मिलने के बावजूद रन बनाने में नाकाम हो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ वैभव को बाहर बैठाकर टीम युवा बल्लेबाज के साथ बड़ा अन्याय कर रही है.
फैन्स का यह भी कहना है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट (जैसे राजस्थान रॉयल्स) ने भविष्य को देखते हुए सही फैसले लिए. लेकिन नेशनल टीम मैनेजमेंट इस बात को समझने में नाकाम दिख रहा है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वैभव को आखिर कब तक टी20 क्रिकेट में नजरअंदाज किया जाता है.