अक्सर ट्रेन में मिलने वाली आरएसी सीट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी रहती है. लोगों का कहना होता है कि जब सफर करने के लिए यात्री पूरा किराया चुकाता है, तो कंफर्म बर्थ की जगह आरएसी टिकट क्यों दिया जाता है. एक ही बर्थ पर दो यात्रियों को सफर करना पड़ता है. अब इसी व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है, जिसमें कहा जा रहा है कि पूरे किराए के बाद आधी बर्थ क्यों दी जाती हैअगर कंफर्म सीट नहीं मिल सकती तो कम से कम किराये में छूट या पूरा रिफंड मिलना चाहिए.
दरअसल, एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी आरएसी टिकट को लेकर सवाल उठाया. उसने लिखा, "मुझे आएसी सीट क्यों अलॉट की गई, जबकि मैंने पूरा किराया दिया है? मैंने पूरी सीट के पैसे चुकाए हैं. कृपया मुझे जल्द से जल्द कन्फर्म सीट उपलब्ध कराएं.'
इस पोस्ट पर डीआरएम (मुंबई सेंट्रल, वेस्टर्न रेलवे) ने जवाब देते हुए बताया कि आरएसी यात्रियों को बर्थ का आवंटन दूसरे यात्रियों के टिकट कैंसिल करने या ट्रेन में नहीं पहुंचने की स्थिति में उपलब्धता के आधार पर किया जाता है. ऑनबोर्ड टीटीई यात्रियों की प्राथमिकता के अनुसार खाली बर्थ आवंटित करता है. रेलवे ने यह भी कहा कि संबंधित ट्रेन के टीटीई को यात्री की मदद करने के लिए सूचित कर दिया गया है.
रेलवे के इस जवाब के बाद कई यूजर्स ने कहा कि भारतीय रेलवे को आरएसी व्यवस्था पर फिर से विचार करना चाहिए. एक ही बर्थ दो अनजान लोगों के बीच साझा करना असुविधाजनक है और इससे निजता भी प्रभावित होती है, खासकर महिला यात्रियों के मामले में. यूजर ने मांग की कि या तो पूरी बर्थ कन्फर्म की जाए या टिकट कैंसिल करके पूरा रिफंड दिया जाए. अगर आरएसीटिकट दिया जाता है तो कम से कम 50 फीसदी किराया वापस किया जाना चाहिए.
इसके अलावा टीटीई की ओर से टिकट दिए जाने की बात पर कुछ यात्रियों ने कहा कि टीटीई की व्यवस्था हटाई जानी चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक टीटीई आरएसी यात्रियों को खाली बर्थ देने के बजाय जनरल क्लास के यात्रियों को सीट उपलब्ध कराते हैं. साथ ही एक यूजर ने कहा कि खाली बर्थ मांगने पर कुछ टीटीई अतिरिक्त पैसे मांगते हैं और इसके बदले यात्रियों को रसीद भी देते हैं.