इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब उनकी नजर कोचिंग करियर पर है. स्टोक्स ने कहा है कि वह भविष्य में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच बनना चाहते हैं, और इसके लिए अभी से तैयारी भी शुरू कर चुके हैं.
स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद 28 जून 2026 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था. अब उन्होंने बताया है कि वह लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं, ताकि क्रिकेट छोड़ने के बाद सीधे कोचिंग की भूमिका निभा सकें.
'खेल से जुड़ा रहना चाहता हूं, इसलिए कोच बनूंगा'
'लव ऑफ क्रिकेट' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान स्टोक्स ने कहा कि वह खेलते-खेलते ही अपनी लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरी कर रहे हैं. उनका मकसद है कि रिटायरमेंट के बाद जरूरी औपचारिकताएं पहले से पूरी हों और वह बिना देरी के कोचिंग में कदम रख सकें.
स्टोक्स ने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि क्रिकेट छोड़ने के बाद वह क्या करना चाहते हैं. उनके मुताबिक, वह किसी न किसी रूप में खेल से जुड़े रहना चाहते हैं और कोचिंग उनके लिए सबसे सही रास्ता है. उन्होंने साफ कहा कि अगर भविष्य में इंग्लैंड क्रिकेट टीम को कोचिंग देने का मौका मिलता है तो यह उनके लिए गर्व की बात होगी. उनका मानना है कि मैदान के बाहर भी लीडरशिप की भूमिका उन्हें हमेशा आकर्षित करती रही है.
जो रूट की कप्तानी को लेकर जताई चिंता
स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड ने जो रूट को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी है. स्टोक्स को भरोसा है कि रूट इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता भी है कि कप्तानी का दबाव कहीं रूट पर भारी न पड़ जाए.
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जो रूट कप्तान के तौर पर सफल होंगे और स्टीफन फ्लेमिंग के साथ काम करने को इंजॉय करेंगे. स्टोक्स ने बताया कि वह पहले भी फ्लेमिंग के साथ काम कर चुके हैं और जानते हैं कि उनके साथ काम करना कितना सकारात्मक अनुभव होता है.
'मैं नहीं चाहता रूट फिर वही मुश्किलें झेलें'
स्टोक्स ने कहा कि उन्होंने रूट से साफ कहा है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता खुद रूट हैं. उन्होंने देखा है कि टीम के लिए रूट ने हमेशा खुद को पीछे रखा और कई बार निजी तौर पर मुश्किल दौर से भी गुजरे.
पूर्व कप्तान ने कहा कि उन्होंने भी जब टीम की जिम्मेदारी संभाली थी, तब कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया था. इसलिए वह नहीं चाहते कि रूट को भी उसी तरह के दबाव और मानसिक चुनौतियों से गुजरना पड़े. स्टोक्स के मुताबिक, टीम हमेशा पहले आती है, लेकिन कप्तान का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है.
स्टोक्स का इंटरनेशनल करियर