भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका दौरे के लिए दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. टीम में अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है, जबकि मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है. वहीं, जसप्रीत बुमराह और बी. साई सुदर्शन को फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन टीम में शामिल किया गया है.
हालांकि, टीम घोषित होने के बाद एक बार फिर घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन और राष्ट्रीय चयन को लेकर बहस छिड़ गई है. वजह है रणजी ट्रॉफी 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ियों का चयन से बाहर रह जाना. इनमें सबसे बड़ा नाम जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी का है..उनके अलावा मोहम्मद शमी, आर. स्मरण और करुण नायर भी घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं बना सके.
🚨 News 🚨#TeamIndia's squad for the 2⃣-match Test Series against Sri Lanka announced
— BCCI (@BCCI) July 28, 2026
Note: Washington Sundar was not available for selection for the first Test.
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60 विकेट लेकर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा
अगर रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों की बात करें तो 29 साल के आकिब नबी का नाम सबसे ऊपर आता है. जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने 10 मैचों में 60 विकेट झटककर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा.
उनकी गेंदबाजी औसत सिर्फ 12.56 रही, जो किसी भी गेंदबाज के लिए असाधारण माना जाता है. इससे भी ज्यादा प्रभावशाली आंकड़ा यह है कि उन्होंने पूरे सीजन में 7 बार 5 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/24 रहा.
ये आंकड़े बताते हैं कि आकिब सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं रहे, बल्कि उन्होंने लगातार मैच जिताने वाले स्पेल डाले. ऐसे में श्रीलंका दौरे की टेस्ट टीम में उनका नाम नहीं होना कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए हैरानी की बात है.
... शमी की वापसी का इंतजार जारी
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और लय का शानदार सबूत दिया. उन्होंने 7 मैचों में 37 विकेट लिए. उनकी गेंदबाजी औसत 16.72 रही और उन्होंने 3 बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8/90 रहा. इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए नहीं चुना.
आर. स्मरण का बल्ला खूब बोला
कर्नाटक के बल्लेबाज रविचंद्रन. स्मरण ने रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाए. उन्होंने 9 मैचों में 950 रन बनाए और 86.36 की शानदार औसत से बल्लेबाजी की. 23 साल के स्मरण के बल्ले से 4 शतक और 3 अर्धशतक निकले, जबकि उच्चतम स्कोर नाबाद 227 रन रहा. इतने शानदार आंकड़े भी उन्हें राष्ट्रीय टीम तक नहीं पहुंचा सके.
करुण नायर भी रहे बाहर
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले करुण नायर ने भी घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 9 मैचों में 699 रन बनाए. उनकी औसत 58.25 रही. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 3 अर्धशतक लगाए, जबकि सर्वोच्च स्कोर 233 रन रहा. इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा नहीं जताया.
चयनकर्ताओं की सोच क्या रही?
भारत की टेस्ट टीम का चयन केवल घरेलू आंकड़ों के आधार पर नहीं होता. टीम संयोजन, विपक्ष, पिच, फिटनेस, अनुभव और भविष्य की योजनाएं भी चयन प्रक्रिया का अहम हिस्सा होती हैं. यही वजह है कि चयन समिति ने रवींद्र जडेजा की वापसी कराई और सारांश जैन जैसे ऑलराउंडर पर भरोसा जताया.
फिर भी आकिब नबी, मोहम्मद शमी, आर. स्मरण और करुण नायर के आंकड़े यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि क्या रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन अपने आप में टेस्ट टीम में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है.
घरेलू क्रिकेट में इन चारों खिलाड़ियों ने अपने-अपने विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया. ऐसे में श्रीलंका दौरे की टीम घोषित होने के बाद चयन को लेकर बहस तेज होना स्वाभाविक है. आने वाले घरेलू सत्र और भारत के अगले टेस्ट असाइनमेंट में अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या रणजी के इन सितारों की दस्तक आखिरकार टीम इंडिया का दरवाजा खोल पाएगी.