8वें वेतन आयोग को लागू करने की तैयारी चल रही है. इसके तहत आयोग का गठन किया गया है और आयोग की ओर से कई जगहों पर बैठक की गई है. साथ ही कर्मचारियों और कर्मचारी संघों ने मांग और शर्त भी पेश की हैं.
दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक 8वें वेतन आयोग के तहत कई बार बैठक किया गया है, जिसके तहत कर्मचारियों ने सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता अलाउंस, एचआरए और अन्य मांगों को रखा है. साथ ही छुट्टी और वर्क कल्चर को लेकर भी अपने विचार पेश किए हैं.
खत्म हुई ये डेडलाइन
हालांकि, अब 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक और बड़ा अपडेट आया है. 8वें वेतन आयोग के तहत सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए अपना आधिकारिक डेटा जमा करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक खत्म हो चुकी है. आयोग ने डेटा का कलेक्शन पूरा कर लिया है.
सिर्फ कागजी काम नहीं डेटा कलेक्शन
यह सिर्फ एक कागजी काम नहीं है, बल्कि पूरे 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों की नींव है. यह डेटा जमा करने की डेडलाइन पहले 30 जून थी, लेकिन कई विभागों के रिक्वेस्ट पर इसे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया. अब यह विंडो पूरी तरह बंद हो गई है. इसका मतलब है कि कोई अन्य विभाग अब नए डाटा को पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाएगा.
डेटा जमा होने के बाद आगे क्या होगा?
इसी डेटा के आधार पर यह तय होगा कि सरकारी खजाने पर कितनी वित्तीय बोझ बढ़ेगा. साथ ही सरकार को कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी की भी आसानी होगी. डेटा जमा होने के बाद, अब आयोग अपने अगले स्टेप में बढ़ेगा और इस डेटा को स्टडी करेगा.
क्या अब जल्द ही बढ़ेगी सैलरी?
डेटा कलेक्शन की डेडलाइन खत्म करने का मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि अब जल्द ही कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी, लेकिन इसे सैलरी में बढ़ोतरी करने के प्रॉसेस का पहला कदम मान सकते हैं. इसका मतलब ये है कि अब इसी डेटा और कर्मचारियों की मांग के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का प्रॉसेस शुरू होगा.
फिर कब बढ़ेगी सैलरी?
आयोग द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बाद, सरकार इसपर विचार विमर्श करेगी. फिर मंत्रिमंडल के सामने चर्चा की जाएगी. इसके बाद कर्मचरियों की सैलरी में बढ़ोतरी करने का काम शुरू होगा.
आयोग और कर्मचारियों के बीच बैठक
आयोग कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी एसोसिएशनों और विभिन्न सरकारी निकायों के साथ बैठकें जारी रखे हुए है और उनकी मांग को समझने का प्रयास कर रहा है. इस महीने दिल्ली में बैठकों के अलावा, आयोग की टीमें चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी बातचीत करने वाली है.