इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. हेडिंग्ले और लॉर्ड्स में मिली लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बड़े बदलाव किए. सात खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस बुलाया गया, कोचिंग स्टाफ में बदलाव हुआ और अब सेलेक्शन कमेटी के सदस्य आकिब जावेद ने इमाम-उल-हक की चोट पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
आकिब जावेद ने साफ कहा है कि इमाम की चोट के मामले की जांच होगी. उनका सवाल है कि अगर इमाम ने मांसपेशी खिंचने के बाद मैदान पर खेलने की स्थिति नहीं होने की बात कही, तो वह टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए क्यों नहीं उतर सके.
इमाम-उल-हक लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए थे. उनके काफ (calf) में खिंचाव आया था. इसके बाद वह मैच के बाकी हिस्से में मैदान पर नहीं उतरे और पाकिस्तान की दोनों पारियों में बल्लेबाजी करने भी नहीं आए, पाकिस्तान को लॉर्ड्स में 194 रनों से हार मिली. इसके बाद इमाम की चोट को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट में सवाल उठने लगे. पूर्व चीफ सेलेक्टर मोहम्मद वसीम ने भी इस मामले पर चिंता जताई.
दिलचस्प बात यह रही कि टेस्ट के चौथे दिन यानी रविवार को इमाम मैदान पर दिखाई दिए. वह शैडो बैटिंग (shadow batting) करते नजर आए, लेकिन इस दौरान उनके चलने के अंदाज से साफ लग रहा था कि वह पूरी तरह फिट नहीं थे. उनके बाएं काफ पर भारी स्ट्रैपिंग भी की गई थी.
यही तस्वीरें अब आकिब जावेद के सवालों की वजह बनी हैं. आकिब ने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी की मांसपेशी खिंचती है तो चोट लगना कोई असामान्य बात नहीं है. लेकिन उनके मुताबिक इमाम का दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरना चिंता का विषय है.
उन्होंने यह भी कहा कि पहले ऐसे उदाहरण रहे हैं जब खिलाड़ी गंभीर चोट या प्लास्टर के बावजूद मैदान पर उतरकर टीम के लिए योगदान देने की कोशिश करते रहे हैं.आकिब ने साफ कर दिया कि इस मामले में जांच होगी और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी. आकिब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर और नेशनल सेलेक्शन कमेटी के मेंबर हैं.
7 खिलाड़ियों को वापस बुलाने के फैसले पर भी बोले आकिब
इमाम के अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड दौरे से कुल सात खिलाड़ियों को वापस बुलाया है. इन बदलावों के साथ गेंदबाजी कोच उमर गुल और हेड कोच सरफराज अहमद की भूमिका भी खत्म कर दी गई है. अब इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट के लिए व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन और गेंदबाजी कोच एश्ले नॉफ्के टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे.
आकिब जावेद ने सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया है. उनका मानना है कि लगातार दो टेस्ट हारने के बाद टीम में बदलाव करना जरूरी था.
पाकिस्तान ने अब बर्मिंघम में होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है. इनके अलावा सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल की भी टीम में वापसी हुई है.इन दोनों के नाम भले ही नए नहीं हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट का अनुभव बेहद कम है. सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल के पास मिलाकर सिर्फ 10 टेस्ट मैचों का अनुभव है.
लॉर्ड्स टेस्ट की प्लेइंग 11 पर भी था विवाद
पाकिस्तान टीम में सिर्फ चोट और खिलाड़ियों को वापस बुलाने को लेकर ही विवाद नहीं है. लॉर्ड्स टेस्ट की प्लेइंग 11 को लेकर भी टीम मैनेजमेंट और आकिब जावेद के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आकिब चाहते थे कि लॉर्ड्स टेस्ट में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के साथ तेज गेंदबाज उबैद शाह और विकेटकीपर-बल्लेबाज घाजी घोरी को मौका दिया जाए.
उनकी राय थी कि उबैद शाह की जगह बननी चाहिए थी. आकिब ने उनकी गेंदबाजी की रफ्तार का भी जिक्र किया और बताया कि वह करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं.
इसके अलावा आकिब गाजी घोरी को भी टीम में खिलाना चाहते थे. उन्होंने सुझाव दिया था कि गाजी को मोहम्मद रिजवान की जगह मौका दिया जाए. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने आकिब की सलाह के मुताबिक बदलाव नहीं किया. इसके बजाय पहले टेस्ट में बाबर आजम की गैरमौजूदगी में कप्तानी करने वाले सलमान अली आगा को टीम से बाहर कर दिया गया.
आकिब ने कप्तान और कोच से की थी बात
आकिब जावेद ने खुद बताया कि पहले टेस्ट के बाद उन्होंने कप्तान बाबर आजम और हेड कोच से बात की थी. उनका कहना था कि उन्होंने दोनों को उबैद शाह को खिलाने का सुझाव दिया था. आकिब के मुताबिक टीम को लगातार इंतजार करते रहने के बजाय जरूरी फैसले लेने चाहिए थे. उन्होंने गाजी को भी टीम में शामिल किए जाने की बात कही थी. लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट में टीम मैनेजमेंट ने अलग फैसला लिया. यही वजह है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के अंदर फैसलों को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आईं.
अब बर्मिंघम में क्या होगा?
इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम में शुरू होगा. लेकिन इस मैच से पहले पाकिस्तान टीम पूरी तरह बदल चुकी है. दो टेस्ट की हार के बाद सात खिलाड़ी वापस भेजे जा चुके हैं, कोचिंग स्टाफ में बदलाव हो चुका है और टीम में पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों को जगह दी गई है. अब माइक हेसन और एश्ले नॉफ्के के सामने नई टीम को संभालने की चुनौती होगी.
दूसरी ओर इमाम-उल-हक की चोट का मामला भी पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है. आकिब जावेद की ओर से जांच के ऐलान के बाद यह देखना अहम होगा कि इस पूरे मामले में PCB आगे क्या कदम उठाता है. फिलहाल पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए मुश्किल सिर्फ मैदान पर नहीं है. टीम की हार, खिलाड़ियों की चोट, चयन को लेकर मतभेद और कोचिंग स्टाफ में बदलाव सबकुछ एक साथ चल रहा है.