Morning vastu: दिन की शुरुआत जैसी होती है, उसका असर हमारे मूड और काम करने के तरीके पर भी पड़ता है. इसी वजह से भारतीय परंपरा में सुबह के समय कुछ खास नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. वास्तु शास्त्र में भी सुबह आंख खुलने के बाद आसपास के माहौल को सकारात्मक रखने पर जोर दिया गया है. मान्यता है कि सुबह सबसे पहले कुछ चीजों को देखने से मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. वहीं, कुछ शुभ चीजों के दर्शन से दिन की शुरुआत सकारात्मक तरीके से करने की परंपरा है.
सुबह उठते ही आईना देखने से बचें
आजकल ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि आंख खुलते ही वे मोबाइल या आईना देख लेते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार सुबह सबसे पहले आईने में अपना चेहरा देखने से बचना चाहिए. माना जाता है कि नींद से उठने के तुरंत बाद मन और शरीर पूरी तरह सक्रिय नहीं होते, इसलिए दिन की शुरुआत शांत तरीके से करनी चाहिए. बेहतर है कि उठने के बाद कुछ क्षण शांत बैठें, पानी पिएं और फिर आईने का इस्तेमाल करें.
लड़ाई-झगड़े या तनावपूर्ण दृश्य न देखें
सुबह उठते ही अगर घर में बहस, झगड़ा या तनाव का माहौल दिखाई दे तो उसका असर मन पर पड़ सकता है. वास्तु में भी दिन की शुरुआत शांत वातावरण में करने की सलाह दी जाती है. इसलिए सुबह के समय तेज आवाज में बहस करने या तनावपूर्ण वीडियो और खबरें देखने से बचना बेहतर माना जाता है.
बंद या खराब घड़ी को सामने न रखें
रुकी हुई घड़ी को वास्तु में शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि बंद घड़ी ठहराव का प्रतीक होती है, इसे घर में लंबे समय तक रखना सकारात्मक नहीं माना जाता. इसलिए अगर घर में कोई घड़ी खराब हो गई है तो उसे जल्द ठीक करवाएं या हटा दें. खासकर बेडरूम में ऐसी चीजों को रखने से बचना चाहिए जो लंबे समय से खराब पड़ी हों.
सुबह गंदे बर्तन दिखना भी माना जाता है अशुभ
रात के बचे हुए गंदे बर्तन अगर सुबह सबसे पहले दिखाई दें तो इससे दिन की शुरुआत अस्त-व्यस्त माहौल में होती है. वास्तु मान्यता में भी गंदे बर्तनों को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए सोने से पहले किचन साफ करके रखने की सलाह दी जाती है. इससे सुबह उठते ही साफ-सुथरा वातावरण मिलता है और मन भी हल्का महसूस करता है.
कूड़ेदान और झाड़ू को सामने रखने से बचें
वास्तु के अनुसार झाड़ू और कूड़ेदान को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वे अनावश्यक रूप से नजर न आएं. खासकर सुबह उठते ही इन पर नजर पड़ना शुभ नहीं माना जाता. कूड़ेदान को ढककर रखें, झाड़ू को किसी निर्धारित स्थान पर रखें. इससे घर भी व्यवस्थित दिखता है . साफ-सफाई का माहौल बना रहता है.
बिखरा हुआ कमरा भी सुबह की शुरुआत बिगाड़ सकता है
वास्तु के साथ-साथ सामान्य जीवनशैली के लिहाज से भी सुबह उठकर बिखरा हुआ कमरा देखना अच्छा अनुभव नहीं होता. कपड़े, किताबें या दूसरे सामान इधर-उधर पड़े हों तो मन पर अव्यवस्था का असर पड़ सकता है. इसलिए रात में सोने से पहले कमरे को थोड़ा व्यवस्थित कर लेना बेहतर है.
सुबह सबसे पहले क्या देखना शुभ माना जाता है?
वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं में सुबह की शुरुआत सकारात्मक चीजों से करने की सलाह दी जाती है. उठने के बाद अपनी हथेलियों के दर्शन करना, इष्टदेव का स्मरण करना, सूर्य की ओर देखना या किसी हरे पौधे को देखना शुभ माना जाता है. कई घरों में सुबह भगवान के दर्शन और प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत करने की परंपरा भी है.
एक छोटी सी आदत बदल सकती है सुबह का माहौल
सुबह का पहला आधा घंटा पूरे दिन के मूड को प्रभावित कर सकता है. इसलिए उठते ही मोबाइल पर नकारात्मक खबरें देखने, सोशल मीडिया स्क्रॉल करने या तनावपूर्ण बातचीत शुरू करने के बजाय कुछ मिनट शांत रहना बेहतर है. पानी पीकर, प्रार्थना या ध्यान करके और कमरे को व्यवस्थित करके दिन की शुरुआत करने से मन अधिक सकारात्मक रह सकता है.