Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष चल रहा है और पितृ पूजन की यह अवधि 10 अक्टूबर तक रहेगी. इन पवित्र दिनों में पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है. पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध करने के बाद ब्राह्मण को भोजन कराने की परंपरा है. इसके अलावा, गाय, कौवा, चींट, कुत्ता आदि को खाना दिया जाता है. श्राद्ध में बना प्रसाद घर के सदस्य, रिश्तेदार, पड़ोसी या घर की दहलीज पर आए संन्यासी को खिलाया जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्राद्ध में बना भोजन किन लोगों को नहीं खिलाना चाहिए.
श्राद्ध का भोजन किन्हें नहीं देना चाहिए?
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, श्राद्ध के लिए बना भोजन अपात्र लोगों को कभी नहीं देना चाहिए. यानी छल-कपट करने वाले, चोरी करने वाले और अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को ठेस पहुंचाने वालों को कभी श्राद्ध का भोजन नहीं देना चाहिए. इसके अलावा, जो लोग माता-पिता और गुरुओं का अनादर करें या बुजुर्गजनों का सम्मान न करें, वो भी श्राद्ध में बने भोजन के लिए अपात्र माने जाते हैं.
किन लोगों को जरूर देना चाहिए श्राद्ध का भोजन
श्राद्ध के भोजन के लिए पात्र लोगों के बारे में भी ग्रंथों में बताया गया है. जो लोग श्राद्ध का भोजन खाने में संकोच न करें, उन्हें कभी इससे वंचित न रखें. इसके अलावा, बिना बुलाए घर आने वाले साधु-संत, तपस्वी, अतिथि को भी श्राद्ध के लिए बना हुआ भोजन जरूर देना चाहिए. गरीबों, जरूरतमंदों और भूखे लोगों को भी श्राद्ध का भोजन खिलाने से बड़ा पुण्य मिलता है. इसलिए इसे कभी ब्राह्मण या पुजारियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए.
श्राद्ध के भोजन में इन बातों का रखें ध्यान
श्राद्ध में केवल भोजन करने वाले व्यक्ति की पात्रता ही महत्वपूर्ण नहीं मानी जाती है. बल्कि भोजन किस तरह बनाया गया है, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाता है. भोजन में शुद्ध जल, श्रेष्ठ सामग्री और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था रखनी चाहिए. साथ ही, इसमें तामसिक चीजों का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए. श्राद्ध के खाने में लहसुन, प्याज और हींग का प्रयोग तो बिल्कुल भी न करें.
पितृपक्ष 2026 का कैलेंडर
पूर्णिमा श्राद्धा- 26 सितंबर 2026, शनिवार
प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 27 सितंबर 2026, रविवार
द्वितीया श्राद्ध- 28 सितंबर 2026, सोमवार
तृतीया श्राद्ध- 29 सितंबर 2026, मंगलवार
चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध- 30 सितंबर 2026, बुधवार
षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार
सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार
नवमी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2026, रविवार
दशमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2026, सोमवार
एकादशी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
मघा तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार
चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
सर्वपितृ अमावस्या-10 अक्टूबर 2026, शनिवार