उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस सनसनीखेज वारदात में 70 वर्षीय लहरीलाल पालीवाल और उनकी 67 वर्षीय पत्नी राधाबाई की हत्या कर शवों को उनके ही घर में रखे एक बड़े लोहे के संदूक में छिपा दिया गया था. मामले की शुरुआत 12 अगस्त को हुई, जब पुनावली निवासी धुलीराम ने सायरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बड़े भाई लहरीलाल पालीवाल और भाभी राधाबाई घर पर नहीं हैं. मकान का मुख्य दरवाजा खुला हुआ है और दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हैं.
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की. लगातार तलाश के दौरान 14 अगस्त को दंपती के शव उनके ही मकान के अंदर एक बड़े लोहे के संदूक में छिपे मिले. घटना सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच में एफएसएल, एमओबी, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद ली. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और दंपती के गायब होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया.
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि इस वारदात के पीछे कोई बाहरी शख्स नहीं, बल्कि मृतक दंपती का पड़ोसी ही मुख्य सूत्रधार था. पुलिस के मुताबिक, कुशल पालीवाल को जानकारी थी कि लहरीलाल लोगों को ब्याज पर रुपये उधार देते थे और बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते थे.
डेढ़ साल पहले ही बना ली थी लूट की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि कुशल पालीवाल काफी समय से दंपती के घर में लूट की योजना बना रहा था. करीब एक से डेढ़ साल पहले उसने इस योजना के बारे में सोचना शुरू कर दिया था. पुलिस के अनुसार, कुशल पर कर्ज था और वह अच्छी तथा महंगी जीवनशैली जीने का शौकीन था. आर्थिक तंगी और जल्दी पैसा कमाने की चाह में उसने बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाने का फैसला किया. बाद में उसने गुजरात में रहने वाले अपने साथियों चन्दन यादव, विकास खरवड और दिलीप चौधरी को भी योजना में शामिल कर लिया.
एसपी अमृता दुहन के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले कई बार दंपती के घर और उनकी दिनचर्या की रेकी की थी. गांव के ही किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल ने भी आरोपियों की मदद की. दोनों ने घर में प्रवेश करने और दंपती की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने में सहयोग किया.
आरोपी 9 अगस्त को गुजरात नंबर की ग्रैंड विटारा कार से क्षेत्र में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दंपती के घर और आसपास के इलाके की रेकी की. 10 अगस्त को कुशल और चन्दन बुजुर्ग दंपती के घर पहुंचे. पड़ोसी होने के कारण राधाबाई ने दोनों को आसानी से घर में आने दिया. उन्होंने दोनों को खाना भी खिलाया. हालांकि उस दिन आरोपियों को वारदात को अंजाम देने का मौका नहीं मिला.
अगले दिन भी आरोपी मौके की तलाश में पहुंचे, लेकिन दरवाजा बंद मिला. इसके बाद उन्होंने वापस लौटकर रात में घर में प्रवेश करने की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, इसमें किशन और जीवन ने उनकी मदद की. आरोपियों ने रात में घर में प्रवेश करने की योजना बनाई. किशन और जीवन किसी बहाने से बुजुर्ग दंपती के घर पहुंचे और कुशल के लिए अंदर आने का रास्ता बनाया.
कुशल घर के अंदर छिप गया. इसके बाद उसने अपने साथियों को भी बुला लिया. रात में जब बुजुर्ग दंपती सो गए, तब आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले लहरीलाल पर हमला कर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद राधाबाई की भी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपियों ने घर से नकदी और जेवरात लिए.
प्लास्टिक में पैक किए शव, संदूक में छिपाया
लूट के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक किया. फिर शवों को घर में रखे बड़े लोहे के संदूक में छिपा दिया गया. संदूक के ऊपर बिस्तर डाल दिए गए, ताकि किसी को वहां शव होने का शक न हो. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जांच को गुमराह करने के लिए भी कई कोशिशें कीं. मृतकों के मोबाइल फोन अपने साथ ले गए और बाद में हाईवे के रास्ते में उन्हें फेंक दिया. इसके अलावा दंपती की चप्पलें भी गायब कर दी गईं, ताकि ऐसा लगे कि दोनों कहीं चले गए हैं.
पुलिस जांच में मुख्य आरोपी कुशल पालीवाल की आर्थिक स्थिति भी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, कुशल पर लोगों और बैंकों का कर्ज था. वह अच्छी जीवनशैली जीने का शौकीन था और कर्ज समय पर नहीं चुका पा रहा था. इसी आर्थिक दबाव और पैसों की जरूरत के चलते उसने बुजुर्ग दंपती के घर लूट की साजिश रची. योजना में अन्य लोगों को शामिल किया और आखिरकार हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस ने मामले में कुशल उर्फ खुशी पालीवाल, उम्र 26 वर्ष, निवासी पुनावली हाल सूरत, चन्दन यादव, उम्र 27 वर्ष, निवासी बिहार हाल सूरत, दिलीप चौधरी, उम्र 30 वर्ष, निवासी सूरत, किशन पालीवाल, उम्र 21 वर्ष और जीवन पालीवाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी सूरत को गिरफ्तार किया है.
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
वारदात में शामिल बताए जा रहे विकास खरवड की तलाश अभी जारी है. पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में गुजरात भेजी गई है. गिरफ्तार आरोपियों से लूटे गए सामान, वारदात में इस्तेमाल हथियार और सामग्री तथा अन्य साक्ष्यों को लेकर पूछताछ और आगे की जांच की जा रही है.
इस तरह पुलिस ने उस वारदात की कड़ी जोड़ दी है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपती की हत्या के बाद उनके शवों को उसी घर के लोहे के संदूक में छिपा दिया गया था. पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार उनका पड़ोसी कुशल पालीवाल था.