धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकारी सूत्रों के हवाले से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पहले भी पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया. बाद में छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के बाद सरकार ने फैसला लिया और इस्तीफा स्वीकार कर लिया.