चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) राजस्थान राज्य के 33 जिलों में से एक है. यह इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है (Chittorgarh Administrative Headquarter). चित्तौड़गढ़ का आधुनिक जिला 1 अगस्त 1948 को विभिन्न रियासतों: मेवाड़, प्रतापगढ़, टोंक और झालावाड़ के कुछ हिस्सों को एकीकृत करके स्थापित किया गया था (Formation of Chittorgarh).
2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले क्षेत्रफल 7,822 वर्ग किमी है (Chittorgarh Area). इस जिले की जनसंख्या 15.44 लाख है (Chittorgarh Population) और जनसंख्या घनत्व 193 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है (Chittorgarh Density). चित्तौड़गढ़ में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 970 महिलाओं का लिंगानुपात है (Chittorgarh Sex Ratio). इस जिले की साक्षरता दर 62.51% है (Chittorgarh Literacy).
यह 7वीं शताब्दी के चित्तौड़गढ़ किला के लिए प्रसिद्ध है. इस किले के परिसर में कई मंदिरों और स्मारक स्थापित हैं. यहां 9-मंजिला विजय स्तम्भ है जो लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बना हुआ है. इस किले पास में ही राजपूत शैली का फतेह प्रकाश महल स्थित है (Chittorgarh Fort).
चित्तौड़गढ़ के यहां के असंख्य राजपूत वीरों ने अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया है. यहां राजपूत वीरांगनाओं ने कई अवसर पर अपने स्तीत्व की रक्षा के लिए अपने बाल-बच्चों सहित जौहर की अग्नि में खुद की आहूति दी है (Chittorgarh District).
यहां के दार्शनिक स्थलों में चित्तौड़गढ़ का दुर्ग, राणा पूंजा भवन, पद्मिनी का महल, राव रणमल की हवेली, सूर्यकुण्ड और महासती (जौहर स्थल) शामिल है (Chittorgarh Tourism).
राजस्थान के सांवलिया सेठ मंदिर में जालोर के एक श्रद्धालु ने मन्नत पूरी होने पर 21 ग्राम सोने का दिल चढ़ाया. इसकी कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर अपनी एक अनोखी परंपरा और अटूट आस्था के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां भक्त भगवान श्रीकृष्ण को सांवलिया सेठ के रूप में पूजते हैं और उन्हें अपने व्यापार में बाकायदा अपना बिजनेस पार्टनर बनाते हैं. व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा और आम लोग अपने कारोबार में होने वाले मुनाफे का एक तय हिस्सा भगवान सांवलिया सेठ को अर्पित करने की मन्नत मांगते हैं. कई लोग तो बाकायदा स्टैंप पेपर पर एग्रीमेंट लिखकर दानपेटी में डालते हैं. देखें अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय.
राजस्थान के रावतभाटा में परमाणु बिजलीघर की पांचवीं इकाई में गुणवत्ता संबंधी काम देखने आए जापान सेंटर से जुड़े 24 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ नवरात्रि के गरबा महोत्सव में शामिल हुए. चित्तौड़गढ़ जिले की आवासीय कॉलोनी के गोल गार्डन में इन विदेशी मेहमानों ने स्थानीय लोगों के साथ डांडिया खेला और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को करीब से जाना.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में इस बार कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख रुपये से ज्यादा रहा. पांच चरणों में मंदिर के भंडार की नकदी गिनी गई. मंदिर को करीब 1.4 करोड़ रुपये कीमत का सोना, लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की चांदी और 19 देशों की विदेशी करेंसी भी मिली.
Chittorgarh Fort Rajasthan: अगर आपको ऐतिहासिक जगहों, पुराने महलों और राजस्थान की संस्कृति को करीब से जानने में दिलचस्पी है तो चित्तौड़गढ़ किला आपके लिए बेस्ट हो सकता है. यहां रानी पद्मावती से जुड़ी लोककथाओं से लेकर विजय स्तंभ और प्राचीन मंदिरों तक, देखने और जानने के लिए बहुत कुछ है.
राजस्थान के सांवलिया सेठ के दरबार में जब भंडार खुला, तो चढ़ावे की गिनती पांच चरणों में की गई. इसमें कैश करीब 23.58 करोड़ रुपये निकले. वहीं कुल चढ़ावा 31.17 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा. इसके अलावा सोना, चांदी और 19 देशों की विदेशी करेंसी भी मिली.
राजस्थान के एनएच 27 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें परिवार के 20 से 25 लोग खाना खाते दिखे. दावा किया गया कि लोगों ने हाईवे रोककर खाना खाया. जांच में सामने आया कि परिवार ने सड़क नहीं रोकी थी, बल्कि हाईवे के रेस्ट एरिया और पार्किंग में करीब 15 मिनट बैठकर खाना खाया था. वीडियो बनाने वाले शिव प्रकाश ने भी यही जानकारी दी. एनएचएआई ने भी पुष्टि की.
राजस्थान के एनएच-27 पर 20-25 लोगों के खाना खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. दावा किया गया कि परिवार ने हाईवे ब्लॉक कर सड़क पर खाना खाया. आजतक की पड़ताल में वीडियो बनाने वाले शिव प्रकाश ने बताया कि परिवार रेस्ट एरिया की पार्किंग में करीब 15 मिनट रुका था. एनएचएआई अधिकारी ने भी इसे पार्किंग एरिया बताया.
चित्तौड़गढ़ में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया. आरोप है कि जुलूस में उड़ाई जा रही फरिया पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र थे. इसे लेकर हिंदू संगठनों ने पहले ही नाराजगी जताई थी और प्रशासन से रोक लगाने की मांग की थी. दोबारा फरिया उड़ने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के सुवाणियां गांव में पारिवारिक विवाद ने डबल मर्डर का रूप ले लिया. भगवाना कालबेलिया ने विवाद के दौरान अपनी पहली पत्नी भोमली की बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी. मां की मौत से गुस्साए बेटे अनिल ने लाठियों से हमला कर पिता भगवाना को भी मौत के घाट उतार दिया.
Famous Forts in India: अगर आप इस 15 अगस्त को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है. आज हम आपको देश के कुछ ऐसे ऐतिहासिक किलों के बारे में बताएंगे, जहां आप अपने परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं. यहां घूमने के साथ आपको भारत के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला को करीब से जानने का मौका मिलेगा.
लोग मंदिरों में नारियल चढ़ाते हैं, फूल चढ़ाते हैं, सोना-चांदी चढ़ाते हैं. लेकिन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक भक्त ने ऐसी भेंट चढ़ाई, जो सबसे अनूठी है. एक श्रद्धालु ने अपनी सवा 10 बीघा कृषि भूमि और दो मंजिला मकान भगवान श्री सांवलिया सेठ के नाम कर दिया. रजिस्ट्री तहसील में हुई और कागजात मंदिर मंडल के नाम दर्ज किए गए.
राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी धाम में एक श्रद्धालु ने अपनी सवा 10 बीघा कृषि भूमि और दो मंजिला मकान मंदिर के नाम दान कर दिया. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संपत्ति मंदिर मंडल के नाम दर्ज कर दी गई. इस अनोखे दान की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है और इसे श्रद्धा व व्यक्तिगत आस्था का विशेष उदाहरण माना जा रहा है.
राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का एक और अद्भुत और भव्य नजारा देखने को मिला. मध्य प्रदेश के देवास जिले से आए एक श्रद्धालु परिवार ने भगवान सांवरिया सेठ के चरणों में 11.4 किलो चांदी चढ़ाई है.
चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ से आए एक श्रद्धालु परिवार ने 11 किलो 400 ग्राम वजनी चांदी की 19 सिल्लियां भगवान को भेंट कीं. मौजूदा बाजार कीमत के अनुसार इनकी कीमत 26 लाख रुपये से ज्यादा है. मंदिर प्रशासन ने विधिवत भेंट स्वीकार कर परिवार का सम्मान किया.
लोकसभा चुनाव 2024 बेहद नज़दीक हैं. नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए पूरा ज़ोर लगा रही है. वहीं, विपक्षी दल भी उलटफेर करने की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. चुनाव से पहले राजस्थान की चित्तौड़गढ़ सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण, वीडियो में जानिए. (रिपोर्ट: पीयूष मूंदड़ा)
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के सुविख्यात कृष्ण धाम सांवलिया जी मंदिर में इस महीने दान पात्र से दस करोड़ से ज्यादा की राशि निकल चुकी है. अभी गिनती का तीसरा दिन है और सोने चांदी के जेवरातों की गणना बाकी है. बता दें कि यहां हर महीने अमावस्या से एक दिन पहले दान पात्र खोलकर राशि की गिनती की जाती है.
Chittorgarh Water Park Vandalized: आरोपियों का तर्क था कि वे स्थानीय लोग हैं, इसलिए उनसे वाटर पार्क में फीस नहीं ली जाए. जब पार्क प्राधिकरण ने मना कर दिया, तो हाथापाई शुरू हो गई और आरोपियों ने कुछ आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया.
राजस्थान की तपती रेत के बीच अरावली की प्राचीन पहाड़ियां इतिहास और प्रकृति का अनूठा संगम हैं. माउंट आबू के दिलवाड़ा मंदिर से लेकर कुंभलगढ़ और भानगढ़ के ऐतिहासिक किलों तक, जानिए अरावली क्षेत्र के 5 ऐसे शानदार स्थलों के बारे में जो आपकी यात्रा को बेहद यादगार बना देंगे.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में जयपुर का एक श्रद्धालु 137 ग्राम सोने से बनी बांसुरी लेकर पहुंचा. इस बांसुरी की कीमत करीब 20 लाख रुपये है. श्रद्धालु फैमिली ने इसे भगवान श्री सांवलिया सेठ को श्रद्धा के साथ अर्पित कर दिया.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में जयपुर के एक श्रद्धालु परिवार ने 137 ग्राम शुद्ध सोने की बांसुरी भेंट की है. मंदिर प्रशासन के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण और बांसुरी का विशेष संबंध माना जाता है. श्रद्धालु परिवार ने इसी आस्था और श्रद्धा के भाव से यह अनोखी भेंट अर्पित की.