राजस्थान के बीकानेर में शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ चुनावी कार्यक्रम में मारपीट का मामला सामने आया था. निकाय चुनावों में टिकट न मिलने से गुस्साए कार्यकर्ता ने उनके साथ मारपीट की थी. पुलिस ने अब इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
ये मामला बीकानेर के वार्ड नंबर 50 में कांग्रेस के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान का है. बताया जा रहा है कि वार्ड 50 से कांग्रेस टिकट के दावेदार मोहित अरोड़ा और उनके साथियों ने मदन गोपाल मेघवाल के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की.
इस दौरान जिलाध्यक्ष का कुर्ता फट गया और उन्हें हल्की चोटें आईं. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने भी बड़ा एक्शन लिया है. पार्टी ने दीपक अरोड़ा और उनके आरोपी बेटे मोहित अरोड़ा को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है.
प्लान बनाकर की मारपीट
शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने इस घटना पर आपबीती सुनाई. उन्होंने कहा, 'ये सब एक पहले से रची गई साजिश के तहत किया गया. आरोपियों ने पूरा प्लान बनाकर इसका वीडियो भी बनाया. मोहित अरोड़ा 4-5 लोगों के साथ मेरे पास आया और मुझे साइड में ले जाकर बात करना चाहता था. लेकिन उनकी नीयत कुछ और ही थी. '
'मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया'
मेघवाल ने आगे कहा, 'साइड में जाते ही उसके साथी ने मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. उनके पास बातचीत का कोई इरादा नहीं था. जब तक मेरे कार्यकर्ता और समर्थक वहां पहुंचे, तब तक मोहित और उसके साथी मौके से भाग खड़े हुए.'
थाने के बाहर धरना, बीडी कल्ला और पूर्व मेयर पहुंचे
घटना के बाद पुलिस ने JNVC थाने में मोहित अरोड़ा और बाकियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, मुख्य आरोपी मोहित अरोड़ा पुलिस की पकड़ से बाहर है और लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर रहा है.
मुख्य आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस नेता बिश्नाराम सियाग और कार्यकर्ताओं के साथ जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. धरने की खबर मिलते ही पूर्व मंत्री बीडी कल्ला और पूर्व मेयर मकसूद अहमद भी मौके पर पहुंचे.
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फिलहाल ए़डीशनल एसपी, सीओ और थानाधिकारी के साथ कांग्रेस नेताओं की बातचीत जारी है. सुबह एक स्थानीय विवाद से शुरू हुआ ये मामला शाम होते-होते बीकानेर में सबसे बड़ा सियासी और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है.