करीब एक दशक तक फिल्मों से दूर रहने के बाद प्रीति जिंटा एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार हैं. खास बात ये है कि वापसी के बाद एक्ट्रेस लगातार दूसरे महीने अपनी दूसरी फिल्म लेकर दर्शकों के बीच पहुंच रही हैं. ‘बंटवारा 1947’ से एक्टिंग में कमबैक करने के बाद अब प्रीति जिंटा कुणाल खेमू की फिल्म ‘वाइब’ में नजर आने वाली हैं.
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर प्रीति ने अपने काम करने के अंदाज को लेकर ऐसी बात बताई, जिसने इंडस्ट्री में चल रही लंबी वर्किंग आवर्स की बहस को फिर हवा दे दी.
बच्चों के लिए प्रीति ने चुनी 18 घंटे की शिफ्ट!
50 साल की प्रीति जिंटा ने बताया कि ‘वाइब’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने कई बार 18 घंटे तक लगातार काम किया. लेकिन इसके पीछे वजह न तो फिल्म का दबाव था और न ही किसी तरह की मजबूरी. दरअसल, प्रीति खुद जल्द से जल्द शूटिंग खत्म करके अमेरिका लौटना चाहती थीं, जहां उनके बच्चे उनका इंतजार कर रहे थे.
ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब उनसे फिल्म इंडस्ट्री में लंबे वर्किंग आवर्स को लेकर चल रही बहस पर सवाल किया गया तो प्रीति ने साफ कहा- ‘हर किसी की अपनी पसंद है.’ उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद लंबे घंटे काम करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि भारत में उनके पास शूट पूरा करने के लिए सीमित समय था और वह अपने बच्चों के पास वापस जाना चाहती थीं.
प्रीति ने कहा कि हर दिन शूटिंग काफी लंबी होती थी. कई बार उनका काम 18 घंटे तक चला. उनका मकसद था कि जितनी जल्दी हो सके अपना काम पूरा करें और अमेरिका वापस जाकर अपने बच्चों के साथ समय बिताएं.
मां बनने के बाद बदल गईं प्राथमिकताएं?
प्रीति की बात में सबसे दिलचस्प हिस्सा यही था कि फिल्म के लिए वह जितनी मेहनत कर रही थीं, उसके पीछे उनकी निजी जिंदगी की जिम्मेदारियां भी थीं. भारत में वह सिर्फ 30-40 दिनों के लिए आई थीं और इस दौरान उन्होंने शूटिंग के अलावा सोशल लाइफ को लगभग पूरी तरह किनारे कर दिया.
एक्ट्रेस ने बताया कि वह हर दिन काम करती थीं और भारत में रहने के दौरान सामाजिक तौर पर बाहर निकलने का भी समय नहीं था. सेट पर हर दिन हंसी-मजाक वाला माहौल हो, ऐसा भी नहीं था. कभी शूटिंग के दौरान बारिश हो जाती थी, कभी तबीयत खराब हो जाती थी और फिल्म में एक्शन भी काफी था. इन तमाम चीजों के बीच शूटिंग पूरी करनी थी.
ऐसे में प्रीति का फॉर्मूला बिल्कुल साफ था- कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम निपटाओ और फिर बच्चों के पास लौट जाओ. यानी एक तरफ बॉलीवुड की चकाचौंध और एक्शन से भरी फिल्म, तो दूसरी तरफ अमेरिका में इंतजार करते बच्चे. प्रीति ने दोनों के बीच बैलेंस बनाने के लिए अपनी मर्जी से लंबी शिफ्ट चुन ली.
8 घंटे की ड्यूटी वाली बहस में प्रीति का अलग स्टैंड
फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों को लेकर बहस पिछले साल उस वक्त तेज हुई थी, जब खबरें सामने आई थीं कि दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ से कथित तौर पर 8 घंटे की वर्किंग शिफ्ट की मांग को लेकर दूरी बनाई थी. इस बहस के बीच प्रीति जिंटा का बयान काफी अलग नजर आया.
हालांकि प्रीति ने किसी दूसरे कलाकार के फैसले पर टिप्पणी करने के बजाय बस इतना कहा कि हर किसी का अपना फैसला और अपनी परिस्थितियां होती हैं. उनके लिए इस फिल्म में लंबे घंटे काम करना इसलिए ठीक था, क्योंकि वह सीमित समय में शूट खत्म करके अपने बच्चों के पास वापस जाना चाहती थीं.
एक्शन अवतार में दिखेंगी प्रीति
‘वाइब’ में प्रीति जिंटा बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आने वाली हैं. कुनाल खेमू के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक स्पाई कॉमेडी है, जिसमें प्रीति का एक्शन अवतार देखने को मिलेगा. करीब एक दशक बाद पर्दे पर लौटीं एक्ट्रेस के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि वह अपने कमबैक के तुरंत बाद लगातार दूसरी फिल्म लेकर आ रही हैं.
‘वाइब’ कुणाल खेमू की 2024 में आई हिट फिल्म ‘मडगांव एक्सप्रेस’ के बाद बतौर निर्देशक उनका अगला प्रोजेक्ट है. फिल्म में कुनाल खेमू खुद एक ऐसे शख्स के किरदार में हैं, जो अनिच्छा के बावजूद एक गुप्त मिशन का हिस्सा बन जाता है.