ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में विजिलेंस विभाग ने लाठीकटा के तहसीलदार-सह-सब रजिस्ट्रार को 5 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा है. अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने राजाबासा छक के पास अधिकारी की गाड़ी को रोका. वह राउरकेला शहर की ओर जा रहा था, तभी वाहन की तलाशी में नकदी बरामद हुई.
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार बरामद रकम के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. इसके बाद 5 लाख रुपये नकद के साथ उसका आधिकारिक वाहन भी जब्त कर लिया गया. नकदी के संबंध में आगे की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रकम कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
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कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने अधिकारी से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया. इन स्थानों से मिलने वाले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि तलाशी और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
20 हजार की रिश्वत लेते NHM अधिकारी गिरफ्तार
विजिलेंस विभाग ने दूसरी कार्रवाई में जगतसिंहपुर जिले के कुजांग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नेशनल हेल्थ मिशन के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. अधिकारी को एक स्टाफ सदस्य से 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया. इस मामले में शिकायत के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और आरोपी को रकम लेते दबोच लिया.
आरोप है कि ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने एक ASHA कार्यकर्ता से 20 हजार रुपये की मांग की थी. उसने महिला को धमकी दी थी कि आधार कार्ड में दर्ज उम्र के आधार पर उसकी सेवानिवृत्ति की तारीख पहले कर दी जाएगी. अधिकारी कथित तौर पर इसी दबाव का इस्तेमाल कर उससे रकम मांग रहा था.
ASHA कार्यकर्ता की स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर उसकी नौकरी के करीब दो साल अभी बाकी हैं. हालांकि, उसके आधार कार्ड में उम्र से जुड़ी गलती है. विजिलेंस के मुताबिक, इसी विसंगति को आधार बनाकर अधिकारी ने कथित तौर पर महिला से रिश्वत मांगी थी.
भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई
दोनों मामलों में विजिलेंस विभाग ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सुंदरगढ़ में तहसीलदार से जुड़ी संदिग्ध नकदी और तीन ठिकानों पर चल रही तलाशी की जांच की जा रही है. वहीं जगतसिंहपुर मामले में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार अधिकारी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है.
विजिलेंस अधिकारी दोनों मामलों में बरामद सामग्री और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.